दरभंगा,29 अगस्त (युआईटीवी)- बिहार के दरभंगा जिले के सिमरी थाना क्षेत्र में हुई एक घटना ने राज्य ही नहीं,बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी पैदा कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना ने अचानक राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है और विभिन्न दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं। मामला अब कानून से लेकर राजनीति और समाज तक चर्चा का केंद्र बन गया है।
जानकारी के मुताबिक,गिरफ्तार किया गया युवक सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भोपुरा गाँव का निवासी है और उसकी उम्र 20 साल बताई जा रही है। युवक पर आरोप है कि उसने दरभंगा जिले के बिठौली चौक पर कांग्रेस पार्टी से जुड़े एक मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माँ के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इस घटना के बाद वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने इसका वीडियो बना लिया,जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई और दरभंगा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए देर रात ही छापेमारी अभियान चलाकर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने इस संबंध में सिमरी थाना में कांड संख्या 243/25 दर्ज की है और आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए और 505 के तहत मुकदमा कायम किया गया है। इन धाराओं का संबंध सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने और सार्वजनिक उत्पात भड़काने से है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस गिरफ्तारी के बाद दरभंगा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले पर बयान जारी किया। दरभंगा सिटी एसपी अशोक कुमार चौधरी ने पुष्टि की कि आरोपी युवक रिजवी उर्फ राजा को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं,डीएसपी सदर एस.के. सुमन ने बताया कि यह गिरफ्तारी एक वायरल वीडियो की पुष्टि के बाद की गई है,जिसमें आरोपी को प्रधानमंत्री और उनकी माँ के खिलाफ अपशब्द कहते हुए सुना जा सकता है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि मामले को राजनीतिक रंग देने के बजाय इसे पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत निपटाया जाएगा और इस तरह की घटनाओं को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
घटना के बाद राजनीतिक दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दरभंगा की मतदाता अधिकार यात्रा के दौरान इस प्रकरण की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या कार्यकर्ता को इस स्तर की अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत माँ के बारे में इस तरह की टिप्पणी न केवल असंवेदनशील है,बल्कि राजनीतिक शिष्टाचार और सामाजिक मर्यादा के भी खिलाफ है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ राजनीति में असहमति की जगह हो सकती है,लेकिन इस तरह की अभद्र टिप्पणियों की कोई गुंजाइश नहीं है।
कांग्रेस पार्टी की ओर से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने दरभंगा में महागठबंधन के कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है,क्योंकि जिस वक्त यह टिप्पणी की गई,उस समय कांग्रेस की मतदाता अधिकार यात्रा आगे बढ़ चुकी थी। पायलट ने साफ कहा कि कांग्रेस पार्टी, महात्मा गांधी की विचारधारा पर चलने वाली पार्टी है और इस तरह की अपमानजनक और असंवेदनशील भाषा का कभी समर्थन नहीं कर सकती। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी ने हमेशा सभ्य और सौम्य राजनीति का पक्ष लिया है और भविष्य में भी यही करती रहेगी।
दूसरी ओर,भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है। बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव रितुराज सिन्हा ने राहुल गांधी से माफी की माँग की है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी इस घटना के लिए माफी नहीं माँगते हैं,तो उन्हें बिहार की पवित्र भूमि को तुरंत छोड़ देना चाहिए। सिन्हा ने कहा कि बिहार की संस्कृति मर्यादा और शालीनता की मिसाल है और यहाँ के लोग इस तरह की भाषा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने और समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास कर रही है।
इस घटना के बाद बीजेपी ने पटना के कोतवाली थाने में भी एफआईआर दर्ज कराई है। पार्टी का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से लोकतांत्रिक व्यवस्था को ठेस पहुँचती है और चुनावी माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जाती है। बीजेपी के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर भी इस घटना की आलोचना की और कांग्रेस को घेरने की कोशिश की।
राजनीतिक हलचल के बीच दरभंगा पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने यह टिप्पणी जानबूझकर किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत की या फिर यह महज एक आवेशपूर्ण वक्तव्य था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और यदि किसी और व्यक्ति या संगठन की संलिप्तता पाई जाती है,तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने बिहार की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। महागठबंधन और एनडीए के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। महागठबंधन की ओर से कहा जा रहा है कि बीजेपी इस घटना को तूल देकर असली मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है,जबकि बीजेपी का कहना है कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना सीधी-सीधी सांस्कृतिक असंवेदनशीलता है और इसे कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
दरभंगा की यह घटना बताती है कि चुनावी मौसम में जरा-सी चूक भी किस तरह राजनीतिक हलचल का कारण बन जाती है। एक युवक की कथित टिप्पणी ने न केवल स्थानीय राजनीति को प्रभावित किया है,बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि पुलिस की जाँच किस दिशा में आगे बढ़ती है और राजनीतिक दल इस मुद्दे को आने वाले दिनों में किस तरह भुनाने की कोशिश करते हैं।
फिलहाल आरोपी जेल में है और पुलिस की पूछताछ जारी है,लेकिन इस पूरे प्रकरण ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि लोकतांत्रिक माहौल में असहमति व्यक्त करने की सीमा क्या होनी चाहिए और राजनीतिक बहस के बीच भाषा की मर्यादा को कैसे बनाए रखा जाए। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि शब्दों की शक्ति अपार है और उनका इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाना चाहिए,खासकर तब जब वे करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़े हों।