नई दिल्ली/देहरादून,16 सितंबर (युआईटीवी)- उत्तराखंड एक बार फिर से प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने राज्य के कई हिस्सों में तबाही मचा दी है। सड़कों के कट जाने,घरों के क्षतिग्रस्त होने और जलभराव से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस गंभीर स्थिति पर केंद्र सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और राज्य को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
सीएम धामी ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न हालात की जानकारी ली है और केंद्र सरकार की ओर से हर स्तर पर सहयोग का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने दोनों नेताओं को प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव अभियानों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही,उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य सरकार और तेजी से आपदा प्रबंधन कार्यों को आगे बढ़ा पा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने देहरादून जिले के कई हिस्सों का निरीक्षण किया। उनके साथ स्थानीय विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सीएम धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो और राहत सामग्री तुरंत उन तक पहुँचाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को सुरक्षित ठहराव,भोजन,पानी और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है और संकट की इस घड़ी में किसी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
एनडीआरएफ,एसडीआरएफ,पुलिस और स्थानीय प्रशासन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था और आपदा की जानकारी मिलते ही राहत कार्यों में तेजी लाई गई। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम कर रही हैं।
इस बीच, उत्तराखंड पुलिस ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया,जिसमें देहरादून जिले के सहस्त्रधारा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से मालदेवता में करीब 100 मीटर सड़क बहते हुए दिखाई दे रही है। पुलिस ने लिखा कि प्रभावित क्षेत्रों में उनकी टीम सतत नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। पुलिस और बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं,ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
अचानक हुई तेज बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने न सिर्फ सड़क संपर्क को बाधित किया है,बल्कि कई घरों को भी नुकसान पहुँचाया है। देहरादून समेत आसपास के क्षेत्रों में लोग भयभीत हैं। नदी-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है,जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। कई गाँवों में प्रशासन ने राहत शिविर भी स्थापित किए हैं,जहाँ प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से ठहराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया और वहाँ रह रहे लोगों से मुलाकात की। उन्होंने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी और सभी जरूरतें पूरी की जाएँगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में स्वच्छ पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में किसी भी परिवार को भोजन या दवाई की कमी न हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ओर से मिला सहयोग का भरोसा राज्य सरकार और प्रभावित परिवारों के लिए राहत का संदेश लेकर आया है। सीएम धामी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस चुनौती से निपटेंगे। उन्होंने जोर दिया कि आपदा प्रबंधन के हर पहलू पर केंद्र सरकार की निगरानी है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी भेजी जाएगी।
राज्य सरकार के अधिकारियों के मुताबिक,मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को चौकस रहने का आदेश दिया गया है। स्कूल-कॉलेजों को एहतियातन बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं,ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में अतिवृष्टि और बादल फटने की घटनाएँ हमेशा से ही चुनौतीपूर्ण रही हैं। इस बार भी भारी बारिश ने कई इलाकों को प्रभावित किया है,लेकिन राज्य सरकार का दावा है कि उसने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री धामी के अनुसार,सरकार ने प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत देने की दिशा में कई कदम उठाए हैं और आने वाले दिनों में पुनर्वास की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
आपदा से जूझ रहे उत्तराखंड के लोगों के लिए केंद्र और राज्य सरकार का समन्वय एक उम्मीद की किरण है। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा की गई त्वरित प्रतिक्रिया से यह संदेश गया है कि इस कठिन समय में केंद्र सरकार राज्य के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री धामी ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेगी और हर संभव सहायता उनके द्वार तक पहुँचाई जाएगी।
लगातार हो रही बारिश और आपदा के कारण उत्पन्न भय के बावजूद राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं। प्रशासन की प्राथमिकता जनहानि को रोकना और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है। इस कठिन घड़ी में उत्तराखंड की जनता एकजुट होकर आपदा का सामना कर रही है और सरकार का हर स्तर पर प्रयास यही है कि इस संकट से जल्द से जल्द उबरा जा सके।
