रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर और संजू सैमसन (तस्वीर क्रेडिट@ImTanujSingh)

मुंबई में चमका क्रिकेट का सितारा: सीईएटी अवॉर्ड्स 2025 में रोहित शर्मा,केन विलियमसन और टेंबा बवुमा रहे आकर्षण का केंद्र

मुंबई,8 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए मंगलवार की शाम बेहद खास रही,जब मुंबई में प्रतिष्ठित सीईएटी क्रिकेट अवॉर्ड्स 2025 का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह में भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने भी शिरकत की,जिसने इस रात को और भी यादगार बना दिया। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा,दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बवुमा और न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान केन विलियमसन इस आयोजन के मुख्य आकर्षण रहे। खेल,भावना और सम्मान के इस संगम में क्रिकेट की महानता एक बार फिर मंच पर सजीव हो उठी।

कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय क्रिकेट के योगदान को सम्मानित करने से हुई। खिलाड़ियों,कोचों और अधिकारियों ने एक साथ मिलकर बीते साल की उपलब्धियों का जश्न मनाया। मंच पर जब रोहित शर्मा पहुँचे,तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा हॉल गूँज उठा। भारतीय टीम को हाल ही में टी20 विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी में जीत दिलाने वाले रोहित ने इस मौके पर अपने साथियों को समर्पित एक भावनात्मक भाषण दिया।

रोहित शर्मा ने कहा, “मुझे वह टीम बहुत पसंद है। मुझे उनके साथ खेलना बहुत अच्छा लगा। यह वह सफर है,जिसका हम सभी कई सालों से हिस्सा रहे हैं। यह एक या दो साल की मेहनत का नहीं,बल्कि वर्षों की प्रतिबद्धता का परिणाम है। हम कई बार ट्रॉफी जीतने के बहुत करीब पहुँचे,लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाए,लेकिन इस बार टीम ने अपने धैर्य और जुनून से इतिहास रच दिया।”

रोहित की बातों में जहाँ टी20 विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी की खुशी झलक रही थी,वहीं वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल में मिली हार की कसक भी साफ महसूस हो रही थी। उन्होंने किसी एक खिलाड़ी का नाम न लेते हुए कहा कि यह सफलता पूरी टीम की है,हर उस खिलाड़ी की जिसने मैदान पर और मैदान के बाहर अपना योगदान दिया।

कार्यक्रम के दौरान श्रेयस अय्यर ने भी अपनी प्रेरणादायक यात्रा साझा की। उन्होंने कहा, “सच कहूँ तो शुरुआत में यह सफर बहुत कठिन था। चोट और फॉर्म की समस्याओं ने मुझे चुनौती दी,लेकिन मैंने ठान लिया कि मुझे अपनी लय फिर से हासिल करनी है। मैंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की,मुंबई टीम के लिए रणजी ट्रॉफी खेली और वहाँ शानदार प्रदर्शन किया। फिर विजय हजारे और मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उसी मेहनत का फल था कि मैं फिर से भारतीय टीम में लौट सका।”

श्रेयस के इस बयान से युवा खिलाड़ियों को यह संदेश मिला कि क्रिकेट में वापसी का रास्ता कभी बंद नहीं होता,बशर्ते खिलाड़ी मेहनत और अनुशासन से जुड़ा रहे।

दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बवुमा ने मंच पर आकर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “यहाँ आना मेरे लिए सम्मान की बात है। एक देश के रूप में हमारे लिए आईसीसी खिताब जीतने की यह यात्रा 27 साल लंबी थी। जब हमने जीत हासिल की,तो आँसू नहीं,बल्कि हमारी भावनाएँ बह निकलीं। यह केवल एक ट्रॉफी नहीं थी,बल्कि हमारे देश के क्रिकेट इतिहास में एक नई शुरुआत थी।”

न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान केन विलियमसन ने भी अपने देश के क्रिकेट इतिहास की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे खेल में और शायद दुनिया के किसी भी खेल में,घर से बाहर जीत हासिल करना सबसे कठिन चुनौती होती है। भारत जैसी जगह पर,इतनी मजबूत टीम के खिलाफ खेलना हमेशा मुश्किल रहा है,लेकिन पिछले साल हमारी टीम ने भारत को भारत में टेस्ट सीरीज में हराकर जो उपलब्धि हासिल की,वह वाकई अविश्वसनीय थी। एक क्रिकेट प्रेमी राष्ट्र के तौर पर,यह हमारी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रहेगी।”

विलियमसन के इस बयान के दौरान पूरा सभागार उनकी टीम के साहसिक प्रदर्शन के लिए तालियों से गूँज उठा। न्यूजीलैंड ने पहली बार भारत को उसकी धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-0 से मात दी थी और यह जीत क्रिकेट इतिहास में दर्ज हो गई।

सीईएटी अवॉर्ड्स 2025 में विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इस वर्ष के समारोह में युवा खिलाड़ियों से लेकर अनुभवी दिग्गजों तक को सम्मान मिला। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे अंगकृष रघुवंशी को “एमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर” का खिताब दिया गया। वहीं घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले हर्ष दूबे को “साल का श्रेष्ठ घरेलू क्रिकेटर” चुना गया।

महिला क्रिकेट की बात करें तो भारतीय टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को “साल की श्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय गेंदबाज” का सम्मान दिया गया,जबकि स्मृति मंधाना को “साल की श्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय बल्लेबाज” का अवॉर्ड मिला। दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय महिला टीम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई अहम जीत दिलाई हैं।

साल के श्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाज का पुरस्कार इंग्लैंड के हैरी ब्रूक को दिया गया,जिन्होंने लगातार शानदार पारियाँ खेलते हुए टेस्ट क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत की। श्रीलंका के प्रबाथ जयसूर्या को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए “साल के श्रेष्ठ टेस्ट गेंदबाज” के रूप में सम्मानित किया गया।

वनडे प्रारूप में न्यूजीलैंड के केन विलियमसन को “साल के श्रेष्ठ बल्लेबाज” और उनके हमवतन मैट हेनरी को “साल के श्रेष्ठ गेंदबाज” का सम्मान दिया गया। इस मौके पर आयोजकों ने चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले श्रेयस अय्यर को विशेष मोमेंटो देकर सम्मानित किया।

टी20 प्रारूप में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपना जलवा कायम रखा। “साल के श्रेष्ठ टी20 अंतर्राष्ट्रीय बल्लेबाज” का अवॉर्ड संजू सैमसन को मिला,जिन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से भारत को कई बार जीत दिलाई। वहीं “साल के श्रेष्ठ टी20 अंतर्राष्ट्रीय गेंदबाज” का सम्मान रहस्यमयी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को दिया गया,जिन्होंने टी20 विश्व कप में अपने शानदार प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया।

इस शानदार शाम में भारतीय दिग्गजों को उनके जीवनभर के योगदान के लिए भी सम्मानित किया गया। भारतीय लेग स्पिनर बी.एस. चंद्रशेखर को “लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड” से नवाजा गया। वहीं वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा को भी यही सम्मान प्रदान किया गया। लारा जब मंच पर पहुँचे तो पूरा हॉल खड़ा होकर तालियाँ बजाने लगा। यह पल क्रिकेट प्रेमियों के लिए अत्यंत भावुक था,एक ऐसी शख्सियत,जिसने दशकों तक क्रिकेट की दुनिया को अपनी बल्लेबाजी से मंत्रमुग्ध किया।

अंत में,भारत को चैंपियंस ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान रोहित शर्मा को भी विशेष मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। उनका यह सम्मान न केवल उनकी कप्तानी के लिए था,बल्कि उस निरंतरता,शालीनता और नेतृत्व के लिए भी था जिसने भारतीय टीम को विश्व क्रिकेट में एक नई ऊँचाई पर पहुँचाया।

सीईएटी अवॉर्ड्स की यह रात क्रिकेट के गौरव,भावना और सम्मान की मिसाल बन गई। यहाँ सिर्फ ट्रॉफियाँ नहीं दी गईं,बल्कि उस जुनून का जश्न मनाया गया,जिसने खिलाड़ियों को मैदान पर महान बनाया। इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं,बल्कि भावनाओं,संघर्ष और उपलब्धियों की कहानी है और मुंबई की यह शाम उसी कहानी का सबसे खूबसूरत अध्याय बन गई।