नई दिल्ली,8 अक्टूबर (युआईटीवी)- टेक्नोलॉजी की दुनिया की अग्रणी कंपनी गूगल ने भारत में अपने एआई-पावर्ड सर्च एक्सपीरियंस को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने बुधवार को घोषणा की कि उसका एआई मोड अब 7 नई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। इनमें बंगाली,कन्नड़,मलयालम,मराठी,तमिल, तेलुगु और उर्दू शामिल हैं। इस विस्तार के बाद भारत भर में लाखों यूजर्स अपने सवालों के जवाब अपनी मातृभाषा में विस्तारपूर्वक पा सकेंगे। यह कदम गूगल की उस रणनीति का हिस्सा है,जिसके तहत कंपनी भारत में तकनीकी पहुँच को क्षेत्रीय भाषाओं में भी सहज बनाना चाहती है।
गौरतलब है कि अब तक गूगल का एआई मोड केवल हिंदी और अंग्रेजी में ही उपलब्ध था,लेकिन भारत की बहुभाषी विविधता को देखते हुए कंपनी ने इसे और विस्तृत करने का फैसला लिया। गूगल का कहना है कि एआई मोड के लॉन्च के बाद से भारत में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है और यूजर्स ने इसे शिक्षा,लेखन,प्रोडक्ट कंपेरिजन और ट्रैवल प्लानिंग जैसे कई क्षेत्रों में उपयोगी पाया है। कंपनी ने बताया कि इस अपडेट के बाद यूजर्स अब अपने स्थानीय भाषा में एआई से कठिन सवाल पूछ सकते हैं और विस्तृत जवाब प्राप्त कर सकते हैं।
गूगल ने बताया कि इस नए अपडेट में इस्तेमाल किया गया कस्टम जेमिनी मॉडल सिर्फ शब्दों का अनुवाद नहीं करता,बल्कि यह भारतीय भाषाओं की बारीकियों और सांस्कृतिक संदर्भों को भी गहराई से समझने में सक्षम है। इसका मतलब है कि अगर कोई यूजर मराठी,बंगाली या तमिल में सवाल पूछेगा,तो एआई केवल जवाब का अनुवाद नहीं करेगा,बल्कि स्थानीय लहजे और संदर्भ के हिसाब से उत्तर देगा। गूगल के अनुसार,इन नई भाषाओं में रोलआउट अगले सप्ताह से शुरू होगा और इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुँचाया जाएगा।
इसके अलावा,गूगल ने अपने एआई मोड में एक बेहद इननोवेटिव फीचर ‘सर्च लाइव’ भी पेश किया है। यह फीचर उपयोगकर्ताओं को सर्च करने के लिए वॉइस और कैमरा दोनों का इस्तेमाल करने की सुविधा देता है। अब लोग केवल टाइप करके ही नहीं,बल्कि बोलकर या कैमरे के जरिए भी सर्च कर सकते हैं और तुरंत रियल-टाइम जवाब पा सकते हैं। खास बात यह है कि अमेरिका के बाहर भारत पहला देश है,जहाँ यह फीचर लॉन्च किया जा रहा है।
कंपनी ने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर कोई यूजर अपने कैमरे को किसी इंग्रीडिएंट्स (सामग्री) की ओर पॉइंट कर पूछता है,तो “आइस्ड माचा बनाने के लिए इन्हें मिलाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?”,तो एआई तुरंत एक विजुअल और वॉयस आधारित उत्तर देगा। इसका उद्देश्य है कि यूजर्स को केवल टेक्स्ट नहीं,बल्कि वास्तविक समय में इंटरएक्टिव अनुभव भी मिले।
गूगल ने यह भी कहा कि ‘सर्च लाइव’ फीचर खासकर डीआईवाई(डू इट योरसेल्फ ) प्रोजेक्ट्स,ट्रबलशूटिंग,स्कूल असाइनमेंट्स और ट्रैवल प्लानिंग के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। उदाहरण के लिए,अगर किसी यूजर को अपने घर के किसी उपकरण में समस्या आ रही है,तो वह कैमरे के जरिए गूगल से पूछ सकता है और एआई तत्काल सुझाव या समाधान दे सकता है। इसी तरह,यात्रा से पहले यूजर कैमरे से किसी स्थान की जानकारी लेकर वहाँ के मौसम,होटल या मार्ग की स्थिति के बारे में भी पूछ सकता है।
‘सर्च लाइव’ फीचर को आज से चरणबद्ध तरीके से भारत में रोलआउट किया जा रहा है। गूगल ने बताया कि आने वाले कुछ हफ्तों में यह फीचर सभी यूजर्स तक पहुँच जाएगा। इसे इस्तेमाल करना भी बेहद आसान है। यूजर्स को अपने गूगल ऐप को खोलना होगा और सर्च बार के नीचे दिखने वाले लाइन आइकन बार पर क्लिक करना होगा। इसके अलावा, गूगल लेंस में जाकर नीचे दिए गए “लाइव” विकल्प को सेलेक्ट कर भी इस फीचर का उपयोग किया जा सकता है।
गूगल इंडिया के प्रोडक्ट डायरेक्टर ने कहा कि, “हमारा उद्देश्य है कि भारत जैसे विविध देश में तकनीक की कोई भाषा की बाधा न हो। इस अपडेट के साथ हम चाहते हैं कि हर भारतीय अपनी मातृभाषा में डिजिटल दुनिया की सुविधाओं का पूरा लाभ उठा सके।” उन्होंने आगे कहा कि यह अपडेट गूगल की उस गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है,जिसके तहत कंपनी अपने सर्च इंजन को अधिक सहज,संवादात्मक और सुलभ बनाना चाहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गूगल का यह कदम न केवल भाषा की बाधाओं को खत्म करेगा,बल्कि भारतीय इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के अनुभव को भी नई दिशा देगा। भारत विश्व का सबसे बड़ा इंटरनेट बाजार है और यहाँ पर क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट उपभोग करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में गूगल का यह प्रयास भारतीय यूजर्स की जरूरतों के अनुरूप एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है।
गूगल का यह नया एआई सर्च अपडेट भारत के लिए तकनीकी रूप से एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। अब भारतीय यूजर्स न केवल अपनी पसंदीदा भाषा में सवाल पूछ पाएँगे,बल्कि कैमरा और आवाज के माध्यम से रियल-टाइम सर्च अनुभव का भी आनंद उठा सकेंगे। यह अपडेट भारत को डिजिटल भाषा क्रांति के एक नए दौर में ले जाता है,जहाँ टेक्नोलॉजी अब केवल अंग्रेजी बोलने वालों तक सीमित नहीं रहेगी,बल्कि हर भारतीय के लिए समान रूप से उपयोगी और सुलभ होगी।
