भारत पहुँचे ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (तस्वीर क्रेडिट@DeshGujarat)

भारत पहुँचे ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर,पीएम मोदी से मुलाकात में होगा भारत-ब्रिटेन साझेदारी का नया खाका तय

मुंबई,8 अक्टूबर (युआईटीवी)- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर बुधवार को अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर मुंबई पहुँचे,जहाँ उनका स्वागत राजकीय सम्मान के साथ किया गया। प्रधानमंत्री स्टार्मर गुरुवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। यह बैठक भारत-ब्रिटेन रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है,जिसमें व्यापार,निवेश,रक्षा,तकनीकी सहयोग और जलवायु नीति जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री के मुंबई पहुँचने पर महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत,मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे एवं अजित पवार ने उनका छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया। स्टार्मर लंदन से एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुँचे हैं, जिसमें ब्रिटेन के शीर्ष उद्योगपतियों,प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों और नीति सलाहकारों का दल शामिल है।

स्टार्मर की यह यात्रा भारत-ब्रिटेन के बीच ‘विजन 2035’ के खाके को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। गुरुवार को मुंबई में होने वाली मोदी-स्टार्मर बैठक में दोनों नेता भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में व्यापार और निवेश,प्रौद्योगिकी एवं नवोन्मेष,रक्षा सहयोग, जलवायु परिवर्तन,ऊर्जा सुरक्षा,स्वास्थ्य,शिक्षा और जन-से-जन संबंधों से जुड़े मुद्दों पर विशेष फोकस होगा।

दोनों नेता अपनी बैठक के दौरान भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (एफटीए) पर भी चर्चा करेंगे। यह समझौता दोनों देशों के बीच भविष्य की आर्थिक साझेदारी का केंद्रीय स्तंभ माना जा रहा है। समझौते को लेकर लंबे समय से वार्ता जारी है और अब उम्मीद जताई जा रही है कि स्टार्मर की इस यात्रा के बाद इसमें ठोस प्रगति देखने को मिलेगी। दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि यह समझौता न केवल द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देगा,बल्कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के दौर में दोनों अर्थव्यवस्थाओं को स्थायित्व भी देगा।

सूत्रों के अनुसार,मोदी और स्टार्मर वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता,रूस-यूक्रेन युद्ध के प्रभाव,पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग जैसे विषय शामिल रहेंगे। इसके साथ ही दोनों देश डिजिटल गवर्नेंस,एआई और फिनटेक सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बना सकते हैं।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है,जब भारत और ब्रिटेन जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी की लंदन यात्रा के दौरान शुरू किए गए एफटीए वार्ता के अंतिम चरण में हैं। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बढ़ाए गए टैरिफ दबाव के बीच,भारत और ब्रिटेन अपने व्यापारिक और भू-राजनीतिक रिश्तों को नई परिभाषा देने में जुटे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की व्यापार नीति में आए बदलाव ने भारत-ब्रिटेन को एक-दूसरे के और करीब लाने का काम किया है।

मुंबई में अपने पहले दिन ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहा। उन्होंने शहर के कूपरेज ग्राउंड में आयोजित एक फुटबॉल कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने स्थानीय खिलाड़ियों से बातचीत की और भारत में खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने की दिशा में सहयोग की इच्छा जताई। इसके बाद उन्होंने यश राज स्टूडियो का दौरा किया,जहाँ उन्होंने भारतीय सिनेमा और रचनात्मक उद्योग की वैश्विक लोकप्रियता की प्रशंसा की।

स्टार्मर ने अपने दौरे के पहले दिन प्रमुख भारतीय उद्योगपतियों से भी मुलाकात की,जिनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज,टाटा ग्रुप और महिंद्रा जैसी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल थे। इन बैठकों में ब्रिटेन और भारत के बीच हरित ऊर्जा निवेश,डिजिटल इनोवेशन और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई।

बुधवार की शाम स्टार्मर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की इस चर्चा में क्षेत्रीय भू-राजनीति,रक्षा साझेदारी और वैश्विक मंचों पर सहयोग से जुड़ी रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

गुरुवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उच्च-स्तरीय राजनयिक वार्ता मुंबई में होगी। इस बैठक में दोनों देश ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के छठे संस्करण में भी भाग लेंगे,जहाँ स्टार्मर और मोदी दोनों मुख्य भाषण देंगे। इस आयोजन में दुनिया भर के 30 से अधिक देशों के वित्तीय विशेषज्ञ और इनोवेटर्स भाग ले रहे हैं।

इसके अलावा,दोनों प्रधानमंत्री सीईओ फोरम में भी हिस्सा लेंगे,जहाँ भारत और ब्रिटेन के शीर्ष कारोबारी नेता अपने अनुभव साझा करेंगे और द्विपक्षीय निवेश को बढ़ाने के नए रास्ते तलाशेंगे। उम्मीद है कि इस बैठक के दौरान दोनों देश डिजिटल पेमेंट्स,एआई और साइबर सुरक्षा सहयोग से जुड़ी कई नई पहल की घोषणा कर सकते हैं।

विश्लेषकों के अनुसार,कीर स्टार्मर की यह भारत यात्रा भारत-ब्रिटेन संबंधों में नए युग की शुरुआत साबित हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच रक्षा,शिक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है।अब,यदि एफटीए समझौता भी अंतिम रूप ले लेता है,तो यह भारत-ब्रिटेन रिश्तों को आर्थिक और रणनीतिक दोनों स्तरों पर एक नई ऊँचाई तक पहुँचा सकता है।