नई दिल्ली,21 अक्टूबर (युआईटीवी)- पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने सोमवार को विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान से वनडे फॉर्मेट की कप्तानी छीनते हुए तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी को टीम का नया कप्तान नियुक्त कर दिया। यह फैसला क्रिकेट हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है,क्योंकि बोर्ड ने इस अचानक लिए गए निर्णय के पीछे कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई है।
मोहम्मद रिजवान,जो पिछले कुछ समय से वनडे टीम की कमान सँभाल रहे थे,अब टीम के सिर्फ एक सदस्य के रूप में खेलेंगे। उनकी जगह शाहीन अफरीदी को यह जिम्मेदारी देना इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अब टीम में नए नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। हालाँकि,यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है,जब पाकिस्तान की टीम घरेलू मैदान पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेल रही है और रिजवान तथा अफरीदी दोनों इस सीरीज का हिस्सा हैं।
शाहीन अफरीदी के लिए यह मौका नई जिम्मेदारी के साथ एक बड़ी चुनौती भी है। अफरीदी इससे पहले जनवरी 2024 में न्यूजीलैंड दौरे पर टी20 टीम की कप्तानी कर चुके हैं,लेकिन उस दौरे में टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। पाँच मैचों की टी20 सीरीज में पाकिस्तान को 1-4 की हार का सामना करना पड़ा था,जिसके बाद अफरीदी से कप्तानी वापस ले ली गई थी। ऐसे में वनडे फॉर्मेट में उनकी नियुक्ति को लेकर अब यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या पीसीबी ने इस फैसले पर पर्याप्त विचार किया है या नहीं।
दूसरी ओर,मोहम्मद रिजवान के प्रदर्शन पर नजर डालें तो बतौर कप्तान उन्होंने पाकिस्तान के लिए कुल 20 वनडे मुकाबले खेले,जिनमें से 9 में टीम को जीत मिली,जबकि 11 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने कई नजदीकी मुकाबले जीते,लेकिन टीम का कुल प्रदर्शन स्थिर नहीं रहा। बल्लेबाजी के मोर्चे पर रिजवान ने कप्तान रहते हुए 18 पारियों में 41.66 की औसत से 625 रन बनाए। इसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 122 रन रहा,जो उन्होंने कराची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद रहते हुए बनाया था।
वहीं शाहीन अफरीदी का वनडे करियर अब तक काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 66 वनडे मुकाबले खेले हैं और 131 विकेट अपने नाम किए हैं। उनकी गेंदबाजी औसत 24.28 रही है और उन्होंने तीन बार एक पारी में पाँच या उससे अधिक विकेट हासिल किए हैं। अफरीदी पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी इकाई का सबसे अहम हिस्सा रहे हैं और अपनी घातक स्विंग और रफ्तार से कई टीमों की बल्लेबाजी लाइनअप को ध्वस्त कर चुके हैं।
पीसीबी ने यह फैसला उस समय लिया है,जब पाकिस्तान की टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ रावलपिंडी में दूसरा टेस्ट मैच खेल रही है। पहले दिन के खेल के बाद ही बोर्ड ने नए कप्तान की घोषणा की,जिससे यह स्पष्ट है कि यह निर्णय काफी हद तक रणनीतिक था। पाकिस्तान ने लाहौर में खेले गए पहले टेस्ट मैच में 93 रनों से जीत दर्ज की थी और अब वह सीरीज में 2-0 की क्लीन स्वीप की दिशा में बढ़ना चाहेगी।
टेस्ट सीरीज के बाद पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका के बीच 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद दोनों देशों के बीच 4 नवंबर से 8 नवंबर तक वनडे सीरीज खेली जाएगी,जिसमें शाहीन अफरीदी पहली बार बतौर वनडे कप्तान मैदान में उतरेंगे। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि अफरीदी अपने इस नए दायित्व को कैसे निभाते हैं और क्या वे अपनी कप्तानी से पाकिस्तान टीम में नई ऊर्जा का संचार कर पाते हैं या नहीं।
मोहम्मद रिजवान को कप्तानी से हटाए जाने पर क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच विभाजित राय देखने को मिल रही है। कुछ लोगों का मानना है कि पीसीबी ने यह कदम टीम में युवा नेतृत्व को आगे लाने के लिए उठाया है,जबकि अन्य इसे एक जल्दबाज़ी में लिया गया निर्णय बता रहे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक,यह बदलाव “भविष्य की टीम संरचना” को ध्यान में रखते हुए किया गया है,ताकि अगले विश्व कप की तैयारियों में नई रणनीति अपनाई जा सके।
हालाँकि,रिजवान की कप्तानी में पाकिस्तान ने कई अहम मुकाबलों में संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया था। वह टीम के लिए एक भरोसेमंद बल्लेबाज और विकेटकीपर दोनों की भूमिका निभा रहे थे। उन्हें हटाने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शाहीन अफरीदी मैदान पर कैसी रणनीति अपनाते हैं। क्या वे अपनी आक्रामक गेंदबाजी शैली को नेतृत्व में भी झलकाएँगे या टीम को एक नए संयमित दिशा में ले जाएँगे।
पाकिस्तान क्रिकेट में यह बदलाव एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है। शाहीन अफरीदी के पास अब यह सुनहरा मौका है कि वे टीम को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँ और अपने आलोचकों को जवाब दें। वहीं,मोहम्मद रिजवान के लिए यह एक कठिन दौर है,लेकिन उनके अनुभव और जुझारूपन को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वह टीम में अपनी अहम भूमिका निभाते रहेंगे। आगामी वनडे सीरीज में पाकिस्तान टीम की रणनीति और प्रदर्शन यह तय करेगा कि पीसीबी का यह साहसिक निर्णय कितना सफल साबित होता है।
