अभिषेक बच्चन और अमिताभ बच्चन

अभिषेक बच्चन पर अवॉर्ड खरीदने का आरोप,अभिनेता ने ट्रोलर को दिया करारा जवाब—कहा, “कड़ी मेहनत से ही ऐसे लोगों को चुप कराऊंगा”

मुंबई,30 अक्टूबर (युआईटीवी)- बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन अक्सर अपनी विनम्रता और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं,लेकिन बुधवार को सोशल मीडिया पर उन पर लगाए गए एक गंभीर आरोप ने उन्हें अपनी चुप्पी तोड़ने पर मजबूर कर दिया। दरअसल,हाल ही में अभिषेक बच्चन को उनकी फिल्म ‘आई वांट टू टॉक’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (बेस्ट एक्टर) का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। इसी को लेकर एक सोशल मीडिया यूजर ने अभिनेता पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने यह अवॉर्ड “खरीदा” है और खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए “आक्रामक पीआर कैंपेन” का सहारा लिया है।

घटना तब शुरू हुई,जब एक एक्स (पूर्व ट्विटर) यूजर ने फिल्मफेयर अवॉर्ड शो से अभिषेक बच्चन की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “वह भले ही एक मिलनसार इंसान हैं,लेकिन पेशेवर रूप से वह इस बात का उदाहरण हैं कि कैसे अवॉर्ड खरीदना और पीआर एजेंसियों की मदद से खुद को प्रासंगिक बनाए रखना संभव है। उनके करियर में एक भी सोलो ब्लॉकबस्टर फिल्म नहीं रही,फिर भी वह बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीत लेते हैं।” यूजर ने यह भी दावा किया कि यह “हास्यास्पद” है कि अभिषेक बच्चन को ‘आई वांट टू टॉक’ जैसी फिल्म के लिए सम्मानित किया गया,जिसे कथित तौर पर “पैसे देकर खरीदे गए समीक्षकों” के अलावा किसी ने नहीं देखा।

यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई,जिसके बाद कई यूजर्स ने इस पर अपनी राय दी। कुछ लोगों ने यूजर के बयान का समर्थन किया,तो कई अन्य ने अभिषेक बच्चन के पक्ष में आवाज उठाई। हालाँकि,सबसे ज्यादा ध्यान तब गया,जब खुद अभिषेक बच्चन ने इस ट्रोलर को सीधे जवाब देने का फैसला किया।

अभिषेक बच्चन ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से रिप्लाई करते हुए लिखा, “मैं एक बात बहुत साफ कर देना चाहता हूँ। मैंने कभी कोई अवॉर्ड नहीं खरीदा है और न ही मैंने कभी किसी आक्रामक पीआर कैंपेन का सहारा लिया है। मेरी सफलता और उपलब्धियाँ सिर्फ कड़ी मेहनत,समर्पण और वर्षों की तपस्या का परिणाम हैं,लेकिन मुझे शक है कि आप मेरी किसी बात पर यकीन करेंगे। इसलिए अब मुझे आपको गलत साबित करने के लिए और भी ज्यादा मेहनत करनी होगी।”

उन्होंने आगे लिखा, “आपको चुप कराने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि मैं ऐसा काम करूँ,जिससे भविष्य में मेरी किसी उपलब्धि पर आपको दोबारा शक करने का मौका ही न मिले। पूरे सम्मान और सौहार्द के साथ—मैं आपको गलत साबित करूँगा।”

अभिषेक के इस जवाब को प्रशंसकों ने जमकर सराहा। कुछ ही घंटों में उनका यह रिप्लाई हजारों बार रीट्वीट किया गया और #अभिषेक बच्चन सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। उनके समर्थकों ने लिखा कि बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ही किसी अभिनेता की प्रतिभा का पैमाना नहीं हो सकता। कई यूजर्स ने यह भी कहा कि अभिषेक बच्चन ने पिछले कुछ वर्षों में अपने अभिनय से लगातार साबित किया है कि वह एक बहुमुखी कलाकार हैं।

फिल्म ‘आई वांट टू टॉक’ में अभिषेक बच्चन ने एक ऐसे पत्रकार की भूमिका निभाई है,जो समाज के छिपे हुए सच को उजागर करने के लिए सिस्टम से टकराता है। इस फिल्म में उनके अभिनय की आलोचकों ने खूब तारीफ की थी। फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाई,लेकिन उसके कंटेंट और अभिषेक के प्रदर्शन को कई पुरस्कारों में सराहा गया। यही कारण था कि उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड में बेस्ट एक्टर का सम्मान मिला।

अभिषेक बच्चन के इस जवाब के बाद बॉलीवुड के कई कलाकारों और इंडस्ट्री के लोगों ने भी उनकी सराहना की। कई फिल्म समीक्षकों ने कहा कि अभिषेक ने अपने करियर में धीरे-धीरे अपनी जगह बनाई है और उन्होंने हर किरदार में एक अलग छाप छोड़ी है। उनके पिता अमिताभ बच्चन ने भी कई मौकों पर कहा है कि अभिषेक अपनी राह खुद बनाते हैं और कभी शॉर्टकट नहीं अपनाते।

अभिषेक बच्चन ने अपने करियर की शुरुआत 2000 में फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से की थी। इसके बाद उन्होंने ‘युवा’, ‘गुरु’, ‘दम मारो दम’, ‘बोल बच्चन’, ‘मनमर्ज़ियां’ और ‘ब्रीद: इनटू द शैडोज़’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। भले ही उनके करियर में कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुईं,लेकिन उनके अभिनय को हमेशा सराहा गया।

उनकी हालिया वेब सीरीज ‘ब्रीद’ और फिल्म ‘दसवीं’ में उनके प्रदर्शन की प्रशंसा दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने की थी। खासकर ‘दसवीं’ में उन्होंने एक भ्रष्ट नेता से सुधार गृह में जाकर आत्मज्ञान पाने वाले व्यक्ति की भूमिका निभाई थी,जिसे देखने के बाद लोगों ने कहा कि अभिषेक ने खुद को फिर से साबित कर दिया है।

इस विवाद के बीच अभिषेक बच्चन का संयमित और गरिमामय जवाब एक बार फिर यह दिखाता है कि वह न केवल एक परिपक्व अभिनेता हैं,बल्कि एक सशक्त व्यक्तित्व भी हैं,जो आलोचनाओं का सामना शालीनता से करते हैं। उन्होंने यह भी साबित किया कि सोशल मीडिया पर नकारात्मकता का जवाब हमेशा गुस्से या कटाक्ष से नहीं,बल्कि विनम्रता और आत्मविश्वास से दिया जा सकता है।

फिल्म इंडस्ट्री में अवॉर्ड्स को लेकर सवाल उठते रहे हैं,कभी पक्षपात के आरोप लगते हैं,तो कभी पारदर्शिता पर सवाल,लेकिन अभिषेक बच्चन के जवाब ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनके लिए पुरस्कार से ज्यादा मायने उनकी मेहनत और दर्शकों का प्यार रखता है। उन्होंने दिखाया कि किसी भी कलाकार के लिए आलोचना से बड़ी प्रेरणा कुछ नहीं होती।

अभिषेक के शब्दों में, “कड़ी मेहनत ही मेरा जवाब है” और शायद यही बात उन्हें उन ट्रोलर्स से अलग बनाती है,जो केवल आरोप लगाते हैं,जबकि वह अपने काम से अपनी सच्चाई साबित करते हैं।