मिर्जापुर,5 नवंबर (युआईटीवी)- देव दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा जैसे पवित्र अवसर पर मंगलवार की सुबह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। सोनभद्र जिले से कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए आईं छह महिलाओं की चुनार रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर मौजूद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
मिली जानकारी के अनुसार,सोनभद्र जिले के अलग-अलग इलाकों से महिलाएँ कार्तिक पूर्णिमा के पावन स्नान के लिए मिर्जापुर आई थीं। श्रद्धालु गोमो-चोपन पैसेंजर ट्रेन से चुनार रेलवे स्टेशन पहुँचे थे। यह ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 4 पर रुकी थी। वहाँ से उतरने के बाद सभी महिलाएँ स्टेशन के मुख्य द्वार की ओर जाने के लिए प्लेटफार्म नंबर 1 की तरफ जा रही थीं,लेकिन जल्दी निकलने की जल्दबाजी में उन्होंने फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल नहीं किया और सीधे पटरियों से ही प्लेटफार्म पार करने लगीं।
इसी दौरान हावड़ा से कालका जा रही कालका मेल एक्सप्रेस ट्रेन तेजी से उसी ट्रैक से गुजर रही थी। महिलाओं को ट्रेन के आने का अंदाजा नहीं हुआ और देखते ही देखते वे कालका एक्सप्रेस की चपेट में आ गईं। हादसा इतना भयानक था कि छह महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
रेलवे सूत्रों ने बताया कि मृतक महिलाएँ सोनभद्र और मिर्जापुर जिले के अलग-अलग गाँवों की रहने वाली थीं। हादसे में जान गंवाने वालों में सविता (28) पत्नी राजकुमार निवासी कमरिया थाना राजगढ़,साधना (16) पुत्री विजय शंकर बिंद,शिव कुमारी (12) पुत्री विजय शंकर,अप्पू देवी (20) पुत्री श्याम प्रसाद,सुशीला देवी (60) निवासी महुआरी थाना पड़री और कलावती देवी (50) पत्नी जनार्दन यादव निवासी बसवा थाना कर्मा सोनभद्र शामिल हैं। हादसे के बाद शवों की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना भी मुश्किल हो गया।
घटना के तुरंत बाद रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) और जीआरपी की टीमें मौके पर पहुँच गईं। अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। शवों को पटरियों से हटाकर चुनार रेलवे स्टेशन के एक कमरे में रखा गया,जहाँ पर परिजनों को बुलाकर पहचान कराई गई। स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ थी,जिससे राहत कार्य में भी दिक्कतें आईं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे की जाँच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि चुनार रेलवे स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज तक पहुँचने में काफी दूरी तय करनी पड़ती है। अक्सर यात्री जल्दबाजी में पटरियों से ही रास्ता पार करते हैं। कई बार रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को चेतावनी दी है,लेकिन इस बार लापरवाही ने छह घरों का चिराग बुझा दिया। हादसे के बाद रेलवे अधिकारियों ने भी माना कि प्लेटफार्मों पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की जरूरत है।
इस दुखद हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और जिला प्रशासन को तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी आदेश दिया कि इस हादसे में घायल किसी भी व्यक्ति को तुरंत और बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए तथा आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “यह अत्यंत दुखद और हृदय विदारक घटना है। राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी।”
हादसे के बाद चुनार रेलवे स्टेशन पर यात्रियों में दहशत का माहौल है। स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और यात्रियों को फुटओवर ब्रिज का ही उपयोग करने की सख्त हिदायत दी गई है। आरपीएफ ने स्टेशन परिसर में अतिरिक्त बल तैनात किया है,ताकि भविष्य में कोई इस तरह की गलती न दोहराए।
रेलवे प्रशासन ने घटना की जाँच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जाँच में लापरवाही से पटरियाँ पार करना ही इस दुर्घटना का मुख्य कारण प्रतीत होता है। हालाँकि,रेलवे यह भी देख रहा है कि क्या स्टेशन पर पर्याप्त सुरक्षा और मार्गदर्शन की व्यवस्था थी या नहीं।
देव दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा जैसे धार्मिक पर्व पर इस तरह की त्रासदी ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। जहाँ सुबह गंगा स्नान और दीपदान की तैयारियाँ हो रही थीं,वहीं कुछ ही पलों में कई परिवार मातम में डूब गए। स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुँचकर शोकाकुल परिवारों को सांत्वना दे रहे हैं।
मिर्जापुर और सोनभद्र के ग्रामीण इलाकों में इन महिलाओं की मौत की खबर फैलते ही गाँवों में मातम छा गया। परिवारों के रोने की आवाजें पूरे इलाके में गूँजने लगीं। यह हादसा एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि थोड़ी-सी असावधानी और जल्दबाजी कभी-कभी जिंदगी का सबसे बड़ा नुकसान बन जाती है। रेलवे और प्रशासन के लिए यह चेतावनी है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ,ताकि भविष्य में इस तरह की कोई भी त्रासदी दोबारा न दोहराई जाए।
