प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@DrJitendraSingh)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु नानक देव प्रकाश पर्व और देव दीपावली पर दी शुभकामनाएँ,कहा – उनकी शिक्षाएँ मानवता का मार्गदर्शन करती रहेंगी

नई दिल्ली,5 नवंबर (युआईटीवी)- देशभर में आज गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व और कार्तिक पूर्णिमा-देव दीपावली का पावन अवसर पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को मानवता के लिए प्रेरणास्रोत बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी का जीवन करुणा,समानता और सेवा की भावना का प्रतीक है,जो हर युग में समाज को सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “गुरु नानक देव जी का जीवन और संदेश सदैव मानवता का मार्गदर्शन करते रहते हैं। करुणा,समानता,विनम्रता और सेवा पर आधारित उनकी शिक्षाएँ अत्यंत प्रेरक हैं। प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ। ईश्वर करें कि उनका ब्रह्म प्रकाश हमेशा हमारी पृथ्वी को प्रकाशित करता रहे।”

प्रधानमंत्री ने गुरु नानक देव जी के आदर्शों को न केवल सिख धर्म,बल्कि पूरे मानव समाज के लिए प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि जिस युग में समाज विभाजन और असमानता से जूझ रहा था,उस समय गुरु नानक देव जी ने समानता,प्रेम और न्याय के संदेश के साथ समाज को नई दिशा दी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज के समय में,जब विश्व को शांति,एकता और करुणा की सबसे अधिक आवश्यकता है,तब गुरु नानक देव जी के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।

इसी अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली की भी हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने दूसरे ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “देश के अपने सभी परिवारजनों को कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली की कोटि-कोटि शुभकामनाएँ । भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ा यह दिव्य अवसर हर किसी के लिए सुख,शांति,आरोग्य और सौभाग्य लेकर आए। पावन स्नान,दान-पुण्य,आरती और पूजन से जुड़ी हमारी यह पवित्र परंपरा सबके जीवन को प्रकाशित करे।”


प्रधानमंत्री मोदी के इन संदेशों को लाखों लोगों ने सोशल मीडिया पर साझा किया और देशभर से लोग उन्हें शुभकामनाएँ देते नजर आए। बनारस,हरिद्वार,अमृतसर और पटना साहिब जैसे धार्मिक स्थलों पर इस मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सरोवरों और नदियों के घाटों पर दीप जलाए गए और भक्ति संगीत की ध्वनियों से वातावरण गूँज उठा।

इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा, “गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ। उनका जीवन और समानता,करुणा और सत्य का संदेश समस्त मानवता के लिए प्रेरणा है। आइए,एक न्यायपूर्ण और मानवीय समाज के निर्माण के लिए स्वयं को पुनः समर्पित करें और अपने दैनिक जीवन में पूज्य गुरु जी की महान शिक्षाओं का पालन करें।”

उपराज्यपाल सिन्हा ने आगे कहा कि गुरु नानक देव जी का संदेश न केवल आध्यात्मिक उत्थान का मार्ग दिखाता है,बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे की भावना को भी सशक्त बनाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस अवसर पर समाज में सद्भाव,सेवा और सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत करें।

गुरु नानक जयंती,जिसे गुरु पर्व या प्रकाश पर्व भी कहा जाता है,सिख धर्म का सबसे प्रमुख उत्सव है। यह सिखों के पहले गुरु,गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इतिहासकारों के अनुसार,गुरु नानक देव जी का जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन 1469 में तलवंडी नामक स्थान पर हुआ था,जिसे आज पाकिस्तान में ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है। उन्होंने मानवता को प्रेम,सेवा,सत्य और समानता का संदेश दिया।

गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन में समाज में फैली धार्मिक कट्टरता,अंधविश्वास और भेदभाव का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इंसान की पहचान उसके कर्मों से होती है,न कि जाति,धर्म या संप्रदाय से। उनका प्रसिद्ध उपदेश “ना कोई हिंदू,ना कोई मुसलमान,सब ईश्वर की संतान हैं” आज भी समानता का सर्वोच्च उदाहरण माना जाता है।

गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का सार उनके प्रसिद्ध ग्रंथ ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ में संकलित है,जो सिख धर्म का प्रमुख धार्मिक ग्रंथ है। इसमें उन्होंने भक्ति,सेवा और सत्य की राह पर चलने का संदेश दिया है। उनकी वाणी “नाम जपो,किरत करो,वंड छको” — यानी ईश्वर का नाम लो,मेहनत करो और अपने श्रम का फल दूसरों के साथ बाँटो — आज भी समाज के लिए एक आदर्श जीवन दर्शन बनी हुई है।

आज के दौर में जब समाज में तनाव और विभाजन की स्थितियाँ पैदा हो रही हैं,गुरु नानक देव जी की शिक्षाएँ और भी प्रासंगिक हो जाती हैं। उनके संदेश न केवल धार्मिकता का परिचय देते हैं,बल्कि सामाजिक न्याय,समानता और मानवता के उत्थान की दिशा भी दिखाते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी और अन्य नेताओं के संदेशों के साथ देशभर में यह दिन अध्यात्म,भक्ति और सद्भाव का प्रतीक बन गया है। गुरु नानक देव जी की शिक्षाएँ आने वाली पीढ़ियों को भी यही प्रेरणा देती रहेंगी कि सच्ची पूजा सेवा,सत्य और प्रेम में निहित है। प्रकाश पर्व और देव दीपावली का यह पावन संगम भारत की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा का उज्जवल उदाहरण बनकर हर हृदय को आलोकित कर रहा है।