नई दिल्ली,6 नवंबर (युआईटीवी)- अमेरिकी टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने बुधवार को एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि अब कंपनी दुनिया भर के 15 देशों में माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपाइलेट इंटरैक्शन के लिए इन-कंट्री डेटा प्रोसेसिंग की सुविधा उपलब्ध कराएगी। इस कदम को कंपनी ने डेटा सुरक्षा,गोपनीयता और ग्राहक विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार,इस नई सुविधा का उद्देश्य उन ग्राहकों को अतिरिक्त भरोसा और नियंत्रण देना है जो सरकारी संस्थानों या अत्यधिक रेगुलेटेड उद्योगों में काम करते हैं,जहाँ डेटा रेजिडेंसी और प्राइवेसी सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।
माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि भारत,ऑस्ट्रेलिया,यूनाइटेड किंगडम और जापान वे चार देश हैं,जहाँ इस वर्ष के अंत तक इन-कंट्री प्रोसेसिंग की सुविधा लागू कर दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि इन देशों में मौजूद माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपाइलेट के ग्राहक अपनी एआई-संचालित इंटरैक्शन को अपने देश की सीमाओं के भीतर ही प्रोसेस करवा सकेंगे। यह कदम खासतौर पर भारत जैसे देशों के लिए अहम है,जहाँ डेटा गोपनीयता और डिजिटल संप्रभुता को लेकर लगातार चर्चा बढ़ रही है।
कंपनी ने यह भी घोषणा की कि अगले वर्ष 2026 में इस सुविधा को और ग्यारह देशों में विस्तार दिया जाएगा। इनमें कनाडा,जर्मनी,इटली,मलेशिया,पोलैंड,दक्षिण अफ्रीका,स्पेन,स्वीडन,स्विट्जरलैंड,संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल होंगे। इस विस्तार के बाद माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपाइलेट उपयोग करने वाले कुल 15 देशों के ग्राहक अपने देश में ही डेटा प्रोसेस कर पाएँगे।
माइक्रोसॉफ्ट ने अपने बयान में कहा कि इन-कंट्री डेटा प्रोसेसिंग से ग्राहकों को उनके डेटा पर अधिक कंट्रोल और पारदर्शिता मिलेगी। आमतौर पर क्लाउड-आधारित सेवाओं में डेटा को विभिन्न देशों के डेटा सेंटर्स में प्रोसेस किया जाता है,लेकिन इस पहल के बाद उपयोगकर्ताओं का डेटा उनके ही देश के भीतर स्थित माइक्रोसॉफ्ट डेटा सेंटर्स में प्रोसेस होगा। इससे न केवल डेटा सुरक्षा मजबूत होगी,बल्कि नेटवर्क लेटेंसी भी कम होगी,जिससे परफॉर्मेंस और रिस्पॉन्स टाइम बेहतर होगा। कंपनी के अनुसार,यह बदलाव माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपाइलेट के उपयोग के दौरान उपयोगकर्ताओं को “पहले से अधिक तेज और प्रभावी अनुभव” प्रदान करेगा।
माइक्रोसॉफ्ट ने इस घोषणा के साथ यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी अपने ग्राहकों को अब डेटा प्रोसेसिंग और डेटा रेजिडेंसी दोनों की लोकेशन चुनने का विकल्प देगी। इसका अर्थ यह है कि कोई भी संगठन या संस्था यह तय कर सकेगी कि उसका डेटा कहाँ संग्रहित और प्रोसेस किया जाएगा। यह विकल्प खासकर सरकारी एजेंसियों,वित्तीय संस्थानों और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के ग्राहकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा,जहाँ डेटा नियंत्रण और रेगुलेटरी अनुपालन अनिवार्य होते हैं।
कंपनी ने बताया कि यह पहल माइक्रोसॉफ्ट के उस विजन का हिस्सा है जिसके तहत वह एक ऐसी दुनिया बनाना चाहती है,जहाँ डेटा सॉवरेनिटी और इनोवेशन दोनों एक साथ चल सकें। माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि ग्राहक चाहे किसी भी देश में हों,उन्हें अपने डेटा पर पूर्ण अधिकार होना चाहिए। इसी सोच के तहत कंपनी ने स्थानीय डेटा सेंटर्स में कोपाइलेट इंटरैक्शन की प्रोसेसिंग शुरू करने का निर्णय लिया है।
माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपाइलेट,कंपनी की प्रमुख एआई-संचालित सेवा है,जो वर्ड, एक्सेल,पावरपॉइंट,आउटलुक और अन्य माइक्रोसॉफ्ट 365 एप्स में जनरेटिव एआई की सहायता से उपयोगकर्ताओं को तेज़ी से काम करने,कंटेंट तैयार करने और विश्लेषण करने में मदद करती है। अब इन-कंट्री डेटा प्रोसेसिंग के बाद यह सेवा न केवल तेज़ और सुरक्षित होगी,बल्कि स्थानीय कानूनों और डेटा संरक्षण नीतियों के अनुरूप भी काम करेगी।
भारत में यह घोषणा डिजिटल इकोनॉमी के लिए खास महत्व रखती है,क्योंकि देश में डेटा सुरक्षा कानून हाल ही में लागू हुआ है। ऐसे में माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम भारत में कार्यरत सरकारी संस्थाओं और कॉरपोरेट ग्राहकों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुविधा भारतीय ग्राहकों को न केवल भरोसेमंद डेटा नियंत्रण का अनुभव देगी,बल्कि स्थानीय डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को भी बढ़ावा देगी।
माइक्रोसॉफ्ट ने यह भी कहा कि इन-कंट्री प्रोसेसिंग से ग्राहकों का एआई सेवाओं पर विश्वास और बढ़ेगा। अब ग्राहक यह जान पाएँगे कि उनका डेटा देश की सीमाओं से बाहर नहीं जा रहा,जिससे उनकी गोपनीयता सुरक्षित रहेगी। कंपनी ने कहा, “हम मानते हैं कि ग्राहकों के डेटा पर उनका ही नियंत्रण होना चाहिए,चाहे वे कहीं से भी काम करें। यही हमारी जिम्मेदारी है और यही हमारा भविष्य का लक्ष्य भी।”
माइक्रोसॉफ्ट की इस घोषणा को वैश्विक स्तर पर एआई डिप्लॉयमेंट में सिक्योरिटी-फर्स्ट एप्रोच की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। टेक इंडस्ट्री के विश्लेषकों का कहना है कि जैसे-जैसे एआई सेवाओं का विस्तार बढ़ रहा है,वैसे-वैसे डेटा की सुरक्षा और रेजिडेंसी को लेकर सवाल भी गहराते जा रहे हैं। ऐसे में माइक्रोसॉफ्ट का यह फैसला न केवल व्यावसायिक दृष्टि से रणनीतिक है,बल्कि यह उपयोगकर्ताओं के विश्वास को भी मजबूत करेगा।
भारत सहित 15 देशों में इन-कंट्री डेटा प्रोसेसिंग की यह सुविधा माइक्रोसॉफ्ट के ग्राहकों के लिए सुरक्षा,पारदर्शिता और नियंत्रण का नया युग लेकर आएगी। यह कदम यह भी साबित करता है कि कंपनी अब केवल एआई इनोवेशन पर ही नहीं,बल्कि डिजिटल संप्रभुता और ग्राहक अधिकारों की रक्षा पर भी उतना ही जोर दे रही है।
