पटना,6 नवंबर (युआईटीवी)- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के बीच गुरुवार को राजनीतिक हलचल अपने चरम पर रही। राज्यभर में सुबह से ही मतदाता अपने-अपने बूथों पर कतारों में खड़े होकर लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा लेते दिखाई दिए। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी,पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव,राज्यसभा सांसद मीसा भारती और लालू प्रसाद यादव की छोटी बेटी रोहिणी आचार्य ने मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार की जनता इस बार बदलाव के मूड में है। उन्होंने कहा, “मेरी सभी से अपील है कि वे वोट जरूर डालें। मैं सभी मतदाताओं का धन्यवाद करती हूँ और आग्रह करती हूँ कि वे अपने अधिकार का इस्तेमाल करें। बिहार की जनता इस बार परिवर्तन करने जा रही है और महागठबंधन की सरकार आने वाली है।” राबड़ी देवी ने कहा कि जनता अब नीतीश कुमार के शासन से ऊब चुकी है और इस बार जनादेश नई सोच और नए नेतृत्व के पक्ष में जाएगा।
राजद नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने भी गुरुवार सुबह अपने पूरे परिवार के साथ मतदान किया। मतदान केंद्र से बाहर निकलते हुए तेजस्वी ने कहा, “यह चुनाव बिहार के भविष्य का है,रोजगार और विकास का है। मैं लोगों से अपील करता हूँ कि वे अपने वोट के जरिए एक नया बिहार बनाने में योगदान दें।” तेजस्वी यादव ने कहा कि इस बार जनता पूरी तरह से बदलाव के पक्ष में है और महागठबंधन की जीत निश्चित है।
तेजस्वी यादव के साथ उनकी बहन और राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने भी मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, “मैं बस इतना कहना चाहती हूँ कि सभी लोग अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मतदान करें। यह चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का नहीं,बल्कि बिहार के भविष्य को दिशा देने का अवसर है।” उन्होंने आगे कहा कि उन्हें किसी संख्या की चिंता नहीं है,क्योंकि जनता का रुझान साफ तौर पर महागठबंधन के पक्ष में है। मीसा ने कहा,“हम निश्चित रूप से सरकार बनाने जा रहे हैं,क्योंकि युवा यही चाहते हैं। युवाओं ने तय कर लिया है कि इस बार तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे।”
मीसा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी भावनात्मक अपील करते हुए लिखा, “इस बार मतदान सरकारी नौकरी और रोजगार के लिए,इस बार मतदान नए बिहार के लिए।” उनके इस संदेश को बड़ी संख्या में युवाओं ने साझा किया,जिससे स्पष्ट है कि बेरोजगारी इस चुनाव का प्रमुख मुद्दा बन चुकी है।
इसी बीच लालू प्रसाद यादव की छोटी बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से बढ़चढ़कर मतदान करने की अपील की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “बदलेगा बिहार,बदलें सरकार। बिहार की जागरूक जनता जनार्दन से करबद्ध अनुरोध है कि बिहार बदलने के लिए राष्ट्रीय जनता दल महागठबंधन,इंडिया गठबंधन के प्रत्याशियों के पक्ष में सक्रियता से आगे आकर मतदान करें। बिहार में पढ़ाई,दवाई,कमाई,सुनवाई और कार्रवाई के प्रण वाली तेजस्वी सरकार का आना सुनिश्चित करें।”
रोहिणी आचार्य ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “ये चुनाव धर्मयुद्ध है,जो जनता नीतीश सरकार के खिलाफ लड़ रही है। विजय सत्य की होगी।” उनके इस ट्वीट को हजारों बार रीपोस्ट किया गया,जिससे साफ जाहिर होता है कि महागठबंधन के समर्थक सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रचार को नई ऊँचाई पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
बिहार में पहले चरण के मतदान में राज्य के कई जिलों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। चुनाव आयोग के आँकड़ों के अनुसार,दोपहर तक औसत मतदान प्रतिशत संतोषजनक रहा और महिलाओं की भागीदारी भी उत्साहजनक रही। कई इलाकों में युवाओं और पहली बार वोट डालने वालों की मौजूदगी ने लोकतंत्र की ताकत को और अधिक मजबूत किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महागठबंधन इस चुनाव में बेरोजगारी,शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को बड़ा मुद्दा बना रहा है,जबकि एनडीए सरकार अपनी योजनाओं और विकास कार्यों के दम पर जनादेश मांग रही है,लेकिन इस बार का चुनाव पूरी तरह युवा वर्ग के मूड पर निर्भर दिख रहा है।
तेजस्वी यादव ने अपने हालिया जनसभाओं में लगातार यह दोहराया है कि अगर उनकी सरकार बनती है तो वे राज्य में दस लाख सरकारी नौकरियाँ देने के वादे को प्राथमिकता से पूरा करेंगे। उनके इस वादे ने बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं के बीच उम्मीद की लहर पैदा की है।
राबड़ी देवी और तेजस्वी परिवार के सक्रिय प्रचार ने यह भी साफ कर दिया है कि राजद इस बार परिवार की एकजुटता और लालू यादव की राजनीतिक विरासत को मुख्य आधार बनाकर जनता के सामने उतरी है। पार्टी की रणनीति है कि भावनात्मक अपील और रोजगार का मुद्दा मिलकर चुनावी समीकरण को उनके पक्ष में कर दे।
वहीं एनडीए खेमे से आने वाले नेताओं ने महागठबंधन की इस ‘परिवारवाद’ राजनीति की आलोचना की है,लेकिन जनता में इस समय मुख्य चर्चा रोजगार,महँगाई और शिक्षा के मुद्दों की है।
जैसे-जैसे मतदान आगे बढ़ रहा है,राजनीतिक दलों की निगाहें अब मतदाता टर्नआउट पर टिकी हैं। महागठबंधन को उम्मीद है कि अधिक मतदान का फायदा उसे मिलेगा,जबकि एनडीए को भरोसा है कि उसका संगठनात्मक ढाँचा और विकास कार्य जनता को उसकी ओर खींचेंगे।
पहले चरण के मतदान के साथ ही बिहार की राजनीति में तापमान बढ़ चुका है। राबड़ी देवी,तेजस्वी यादव और मीसा भारती की अपीलों ने साफ कर दिया है कि महागठबंधन चुनाव को जनता बनाम सत्ता की लड़ाई के रूप में पेश कर रहा है। अब देखना होगा कि जनता किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाती है—स्थिर शासन या बदलाव की उम्मीद के साथ एक नई शुरुआत।
