नई दिल्ली,6 नवंबर (युआईटीवी)- विश्व कप का खिताब जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात उत्साह,गर्व और भावनाओं से भरी हुई रही। टीम ने हाल ही में नवी मुंबई में खेले गए खिताबी मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर इतिहास रच दिया था। यह जीत न केवल भारतीय महिला क्रिकेट के लिए,बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण थी।
दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस विशेष भेंट के दौरान पीएम मोदी ने पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ से बातचीत की और उनके शानदार प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने खिलाड़ियों से उनके अनुभव साझा करने को कहा और बताया कि इस जीत ने पूरे देश को प्रेरित किया है। पीएम मोदी ने कहा कि महिला खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया है और यह साबित किया है कि मेहनत और दृढ़ निश्चय से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
मुलाकात के दौरान भारतीय टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने एक दिलचस्प और भावनात्मक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि जब टीम इंग्लैंड दौरे पर थी,तब उनका सामना प्रिंस चार्ल्स से हुआ था। उन्होंने कहा, “हम जून में इंग्लैंड में प्रिंस चार्ल्स से मिले थे। प्रोटोकॉल के तहत केवल 20 सदस्य ही उनसे मिल सकते थे,इसलिए सपोर्ट स्टाफ उस अवसर पर शामिल नहीं हो सका। मैंने उनसे इसके लिए माफी माँगी,तो उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं सर,हमें यह तस्वीर नहीं चाहिए। हमें प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ तस्वीर चाहिए और वह भी 4 या 5 नवंबर को।”
मजूमदार ने मुस्कराते हुए कहा कि टीम के सदस्यों ने उस समय जो बात कही थी,वह अब सच हो गई है। उन्होंने गर्व से कहा,“आज वही दिन है।” उनकी इस बात पर प्रधानमंत्री मोदी सहित वहाँ मौजूद सभी लोग मुस्कुरा उठे। इस छोटे से किस्से ने न केवल खिलाड़ियों की देशभक्ति और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाया,बल्कि इस बात को भी रेखांकित किया कि टीम को अपने देश के नेतृत्व से कितनी गहरी प्रेरणा मिलती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि टीम की यह उपलब्धि सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं,बल्कि देश की बेटियों के आत्मविश्वास,संकल्प और मेहनत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिस जुनून और जज्बे के साथ खिलाड़ियों ने यह खिताब जीता है,वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनेगा। मोदी ने प्रत्येक खिलाड़ी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनसे उनके अनुभव,संघर्ष और इस सफर की खास यादें साझा करने को कहा।
इस दौरान भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा, “जब हम 2017 में आपसे मिले थे,तब हम फाइनल हार गए थे,लेकिन उस समय आपने हमें बहुत मोटिवेट किया था। आपने हमें बताया था कि जब भी अगला मौका मिले,तो पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलना है और अपना सर्वश्रेष्ठ देना है। आज आखिरकार ट्रॉफी जीतने के बाद आपसे दोबारा बात करके बहुत अच्छा लगा।”
हरमनप्रीत ने आगे कहा कि इस मुलाकात ने उन्हें और पूरी टीम को एक बार फिर प्रेरित किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताया कि उन्होंने कठिन समय में टीम को उत्साहित किया और आज इस सफलता के क्षण में उनके साथ समय बिताया।
वर्ष 2017 में जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड से महज 9 रनों से हार गई थी,तब प्रधानमंत्री मोदी ने टीम को बुलाकर मुलाकात की थी। उस समय उन्होंने खिलाड़ियों से कहा था कि हार से निराश न हों,बल्कि इसे प्रेरणा बनाएँ व और अधिक मेहनत करें। आज वही टीम उस प्रेरणा को हकीकत में बदलकर देश का गौरव बढ़ा चुकी है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि महिला क्रिकेट टीम की यह सफलता भारतीय खेल इतिहास का एक नया अध्याय है। इस जीत के साथ भारत ने न केवल अपना पहला महिला विश्व कप खिताब जीता,बल्कि दुनिया को यह संदेश भी दिया कि भारतीय महिला क्रिकेट अब विश्व स्तर पर किसी से कम नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई इस मुलाकात में खिलाड़ियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए,साथ ही पीएम मोदी ने उन्हें आगे भी इसी जज्बे के साथ खेलने की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह जीत देश के हर नागरिक के लिए गर्व का विषय है और आने वाले समय में भारत की महिला टीम और भी ऊँचाइयों को छूएगी।
मुलाकात के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने पूरी टीम के साथ समूह फोटो खिंचवाई। यह वही तस्वीर थी,जिसका इंतजार महीनों से सपोर्ट स्टाफ कर रहा था। इस तस्वीर में सिर्फ एक टीम नहीं,बल्कि करोड़ों भारतीयों का सपना और गर्व झलक रहा था।
इस मुलाकात ने यह साबित कर दिया कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम केवल मैदान पर ही नहीं,बल्कि देश के दिलों में भी अपनी अमिट छाप छोड़ चुकी है। इंग्लैंड में न मिल सकी तस्वीर अब प्रधानमंत्री आवास पर खिंची और उसके साथ जुड़ा गर्व और सम्मान शायद किसी भी ट्रॉफी से बड़ा था।
