एयर इंडिया

तकनीकी समस्या से प्रभावित हुआ एयर इंडिया का चेक-इन सिस्टम,कई उड़ानों में देरी,यात्रियों से वेबसाइट पर स्थिति जाँचने की अपील की

नई दिल्ली,6 नवंबर (युआईटीवी)- देश की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया ने बुधवार को घोषणा की कि उसकी कई उड़ानों के प्रस्थान में देरी हो रही है। एयरलाइन ने बताया कि यह समस्या थर्ड-पार्टी कनेक्टिविटी नेटवर्क में आई तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न हुई है,जिससे देश के कई हवाई अड्डों पर चेक-इन प्रक्रिया प्रभावित हुई। हालाँकि,कंपनी ने आश्वासन दिया कि तकनीकी समस्या को अब दूर कर लिया गया है और सेवाएँ धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं।

एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा, “हमारे कुछ यात्रियों को उड़ानों में देरी का सामना करना पड़ सकता है। तकनीकी समस्या के कारण चेक-इन सिस्टम कुछ समय के लिए बाधित हुआ था,लेकिन अब इसे बहाल कर दिया गया है। फिर भी,स्थिति के पूरी तरह सामान्य होने में कुछ और समय लग सकता है।”

एयरलाइन ने यात्रियों से आग्रह किया कि वे यात्रा से पहले एयर इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर अपनी उड़ान की स्थिति की जाँच करें और हवाई अड्डे पर समय से पहले पहुँचे,ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके। बयान में आगे कहा गया, “हम अपने यात्रियों से सहयोग और धैर्य की अपेक्षा करते हैं। हमारे इंजीनियर और आईटी टीमें लगातार काम कर रही हैं ताकि सभी सेवाओं को जल्द-से-जल्द सामान्य किया जा सके।”

इस बीच,एयर इंडिया ने मंगलवार को बताया था कि वह सैन फ्रांसिस्को-दिल्ली उड़ान के यात्रियों के लिए एक राहत उड़ान का संचालन कर रही है। दरअसल, 2 नवंबर को उड़ान संख्या एआई174 को एक संदिग्ध तकनीकी खराबी के चलते मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आपातकालीन रूप से उतारना पड़ा था। यह विमान सैन फ्रांसिस्को से कोलकाता होते हुए दिल्ली आ रहा था,लेकिन बीच रास्ते में तकनीकी संकेतों के कारण सावधानीवश उसे मोड़ दिया गया।

एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा, “उड़ान को उलानबटार में सुरक्षित रूप से उतारा गया। स्थानीय अधिकारियों और मंगोलिया में भारतीय दूतावास के साथ मिलकर यात्रियों और चालक दल की सभी जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है। सभी यात्रियों को होटल में ठहराने और भोजन की व्यवस्था की गई है।” एयरलाइन ने बताया कि विमान की विस्तृत तकनीकी जाँच जारी है और यात्रियों को जल्द-से-जल्द दिल्ली लाने के लिए वैकल्पिक उड़ानें सुनिश्चित की जा रही हैं।

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, “हमारे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमने उन्हें सभी व्यवस्थाओं और आगे की यात्रा की योजना के बारे में सूचित कर दिया है। राहत उड़ान उनके लिए शीघ्र रवाना की जा रही है।”

विमानन नियामक संस्था नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने भी हाल ही में एयर इंडिया के संचालन को लेकर एक अहम कदम उठाया है। डीजीसीए ने एयरलाइन को यूरोप जाने वाले मार्गों पर बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों के लिए उड़ान ड्यूटी समय सीमा (एफडीटीएल) में अस्थायी विस्तार की अनुमति दी है। यह निर्णय पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद होने के बाद लिया गया है,जिससे यूरोप के लिए उड़ानों की दूरी और समय दोनों में वृद्धि हुई है।

डीजीसीए के अनुसार,अब दो पायलटों वाले बोइंग 787 विमानों की एफडीटीएल को 10 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे 30 मिनट किया गया है,जबकि उड़ान ड्यूटी अवधि (एफडीपी) को 13 घंटे से बढ़ाकर 14 घंटे कर दिया गया है। यह बदलाव अस्थायी रूप से लागू किया गया है,ताकि लंबी दूरी की उड़ानों में संचालन सुचारू रह सके और यात्रियों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।

एयर इंडिया ने कहा कि पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण यूरोप की उड़ानें अब ईरान,तुर्कमेनिस्तान और सेंट्रल एशिया के रास्ते से होकर जा रही हैं,जिससे औसतन उड़ान अवधि में 45 मिनट से डेढ़ घंटे तक का इजाफा हुआ है। इस स्थिति में पायलटों और चालक दल के लिए उड़ान समय की सीमा बढ़ाना आवश्यक हो गया था।

वर्तमान में एयर इंडिया की कई अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें अमेरिका,कनाडा,यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के लिए संचालित हो रही हैं। तकनीकी समस्याओं और भौगोलिक प्रतिबंधों के बावजूद एयरलाइन ने यात्रियों को भरोसा दिलाया है कि सभी सेवाओं को जल्द सामान्य किया जाएगा और जो भी देरी हो रही है,उसे न्यूनतम रखने के प्रयास जारी हैं।

एयर इंडिया ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह यात्रियों को लगातार उड़ानों की स्थिति के बारे में अपडेट प्रदान कर रही है और ग्राहक सहायता केंद्रों को भी सक्रिय कर दिया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे हवाई अड्डे पहुँचने से पहले अपनी उड़ान की नवीनतम जानकारी अवश्य जाँचें।

कंपनी ने कहा, “हम समझते हैं कि उड़ानों में देरी यात्रियों के लिए असुविधाजनक हो सकती है। इसलिए हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि सभी तकनीकी मुद्दों का जल्द समाधान हो और हमारी सेवाएँ पूरी तरह से सामान्य हो जाएँ। एयर इंडिया अपने यात्रियों को सुरक्षित,विश्वसनीय और समयबद्ध यात्रा अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

तकनीकी खराबी,लंबी दूरी की उड़ानों में बढ़ा संचालन समय और अंतर्राष्ट्रीय हवाई मार्गों में अस्थायी बदलाव जैसी चुनौतियों से जूझने के बावजूद एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि उसकी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और आराम है। एयरलाइन का कहना है कि वह भविष्य में ऐसे किसी भी व्यवधान को रोकने के लिए अपने नेटवर्क सिस्टम की समीक्षा करेगी और बैकअप कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगी,ताकि किसी भी अप्रत्याशित तकनीकी समस्या की स्थिति में सेवाएँ बाधित न हों।

इस प्रकार,एयर इंडिया इन दिनों तकनीकी सुधार और परिचालन स्थिरता पर विशेष ध्यान दे रही है,ताकि यात्रियों को भरोसेमंद सेवाएँ मिलती रहें और कंपनी अपनी “न्यू एयर इंडिया” रणनीति के तहत वैश्विक स्तर पर अपनी साख को और मजबूत बना सके।