वॉशिंगटन,7 नवंबर (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर प्रशंसा की है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने पीएम मोदी को “एक महान व्यक्ति” और “एक सच्चे मित्र” बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहद मजबूत दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं,उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह अगले वर्ष यानी 2026 में भारत का दौरा कर सकते हैं। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है,जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
व्हाइट हाउस में वजन घटाने वाली दवाओं की कीमतों को कम करने संबंधी एक नए सौदे की घोषणा के बाद मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा, “हमारी बातचीत बहुत अच्छी चल रही है। नरेंद्र मोदी एक महान व्यक्ति हैं। उन्होंने रूस से खरीदारी काफी हद तक कम कर दी है। वह मेरे दोस्त हैं और हम समय-समय पर बात करते हैं।” ट्रंप ने मुस्कुराते हुए आगे कहा, “उन्होंने मुझसे कहा कि वह चाहते हैं कि मैं भारत आऊँ। मैंने उनसे कहा,हाँ,हम इस पर बात करेंगे और जल्द ही इसका समाधान निकाल लेंगे। मैं वहाँ जाऊँगा।”
जब एक पत्रकार ने उनसे सीधा सवाल किया कि क्या वह अगले साल भारत की यात्रा की योजना बना रहे हैं,तो ट्रंप ने थोड़े संकोच के बाद जवाब दिया, “हाँ, हो सकता है।” उनके इस बयान ने भारतीय और अमेरिकी मीडिया में हलचल मचा दी है,क्योंकि इससे पहले ऐसी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं थी कि ट्रंप निकट भविष्य में भारत की यात्रा पर विचार कर रहे हैं।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है,जब कुछ महीने पहले अगस्त में द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि इस साल के अंत में होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए ट्रंप का भारत आने का कोई इरादा नहीं है। उस रिपोर्ट के मुताबिक,वाशिंगटन प्रशासन ने भारत द्वारा कुछ व्यापारिक रियायतें न देने के कारण 50 प्रतिशत तक के आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला किया था,जिससे दोनों देशों के बीच हल्का तनाव देखा गया,लेकिन अब ट्रंप के इस ताज़ा बयान ने संकेत दिया है कि अमेरिका और भारत के बीच मतभेदों के बावजूद रिश्ते फिर से सकारात्मक दिशा में बढ़ रहे हैं।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने भी बुधवार को अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते सहयोग की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा था, “भारत,अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और राष्ट्रपति ट्रंप इसे और भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि ट्रंप भारत के साथ रक्षा,ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्रों में नए अवसरों को लेकर गंभीर हैं। लेविट ने बताया कि हाल ही में व्हाइट हाउस में दीवाली का त्योहार मनाया गया था और उसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बातचीत की थी,जिसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की थी।
ट्रंप का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में अमेरिका ने भारत द्वारा रूस से सस्ते तेल की खरीद पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद वाशिंगटन ने भारत के कुछ निर्यात उत्पादों पर 25 से 50 प्रतिशत तक का अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की थी। हालाँकि,ट्रंप के इस ताजा बयान से ऐसा लगता है कि वह भारत के साथ मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा, “भारत एक बहुत बड़ा बाजार है और हम साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। पीएम मोदी इस दिशा में शानदार काम कर रहे हैं।”
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिका की दक्षिण एशिया नीति में भारत की बढ़ती अहमियत को दर्शाती है। भारत और अमेरिका दोनों ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में ट्रंप का भारत के प्रति नरम रुख अपनाना रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ट्रंप का कार्यकाल आने वाले महीनों में कई आर्थिक चुनौतियों के बीच प्रवेश कर रहा है,खासकर घरेलू महँगाई,दवा कीमतों और रूस-यूक्रेन युद्ध के प्रभावों को देखते हुए। ऐसे में भारत जैसे बड़े साझेदार देश के साथ सकारात्मक रिश्ते अमेरिका के लिए आर्थिक और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से लाभकारी साबित हो सकते हैं। ट्रंप प्रशासन ने पहले भी भारत के साथ व्यापार समझौतों को लेकर कई बार बातचीत की थी,जिसमें रक्षा सौदे,ऊर्जा आपूर्ति और सेमीकंडक्टर उत्पादन में सहयोग जैसे विषय शामिल थे।
भारत सरकार ने भी हाल के महीनों में अमेरिका के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के संकेत दिए हैं। विदेश मंत्रालय ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि भारत की विदेश नीति पूरी तरह से “राष्ट्रीय हित और उपभोक्ता कल्याण” पर आधारित है। मंत्रालय ने यह भी दोहराया था कि ऊर्जा संबंधी निर्णय भारत की जरूरतों के अनुरूप लिए जाते हैं और किसी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होते।
ट्रंप का यह बयान रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच इसलिए भी अहम है क्योंकि अमेरिका लगातार रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाकर उसे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है। वहीं भारत ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि वह किसी पक्ष का समर्थन नहीं करता,बल्कि शांति और संवाद के पक्ष में है। ऐसे में ट्रंप का मोदी की तारीफ करना और भारत यात्रा के संकेत देना इस बात का सबूत है कि वाशिंगटन दिल्ली को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखता है।
व्हाइट हाउस में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में ट्रंप ने कहा, “भारत और अमेरिका के बीच संबंध बहुत पुराने हैं। मैं पीएम मोदी की प्रतिबद्धता और उनकी नेतृत्व क्षमता की बहुत इज़्ज़त करता हूँ। वह अपने देश के लिए जो कर रहे हैं,वह काबिले तारीफ है। मुझे खुशी होगी अगर मैं भारत जाकर वहाँ की जनता से मिलूँ।”
ट्रंप का यह बयान न केवल भारत-अमेरिका संबंधों में नई गर्माहट लाता है,बल्कि यह भी दर्शाता है कि दोनों देश एक-दूसरे के लिए कितने आवश्यक साझेदार बन चुके हैं। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वास्तव में ट्रंप 2026 में भारत यात्रा पर आते हैं या यह केवल एक कूटनीतिक संकेत है,लेकिन फिलहाल इतना तय है कि इस बयान ने दोनों देशों के संबंधों में एक नई सकारात्मक ऊर्जा भर दी है।
