अमेरिका में शटडाउन का बढ़ता असर (तस्वीर क्रेडिट@BoardingArea)

अमेरिका में सरकारी शटडाउन का असर हवाई सेवाओं पर गहराया,हजारों उड़ानें रद्द,एयरलाइन सिस्टम पर संकट के बादल

नई दिल्ली,8 नवंबर (युआईटीवी)- अमेरिका में जारी सरकारी शटडाउन का असर अब देश की हवाई सेवाओं पर गंभीर रूप से दिखाई देने लगा है। लगातार 38 दिनों से चल रहे इस शटडाउन के कारण न केवल प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है,बल्कि अब इसका सीधा असर यात्रियों और एयरलाइनों पर भी पड़ने लगा है। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार,बीते तीन दिनों 7 से 9 नवंबर के बीच 1,700 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। विमानन विश्लेषण कंपनी सिरियम के ताजा आँकड़ों के मुताबिक,आने वाले दिनों में यह संख्या और भी बढ़ सकती है,यदि सरकार जल्द समाधान नहीं निकालती।

अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वित्तीय संकट के कारण देश के प्रमुख 40 हवाई अड्डों पर उड़ानों के संचालन में कटौती करनी पड़ेगी। शुरुआत में घरेलू उड़ानों में 4 प्रतिशत की कटौती की गई थी,लेकिन एफएए ने साफ कहा है कि अगर कांग्रेस किसी वित्तीय समझौते पर नहीं पहुँचे,तो यह कटौती धीरे-धीरे बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की जा सकती है।

जिन हवाई अड्डों की सेवाएं बाधित हुई हैं,उनमें अटलांटा,डेनवर,नेवार्क,शिकागो, ह्यूस्टन और लॉस एंजिल्स जैसे अमेरिका के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे शामिल हैं। ये हवाई अड्डे न केवल देश के अंदर,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी प्रमुख केंद्र माने जाते हैं। इसलिए,यहाँ उड़ानों की रद्दीकरण और कटौती का असर दुनिया भर के यात्रियों पर पड़ना तय है।

एफएए ने बयान जारी करते हुए कहा है कि वेतन न मिलने की वजह से एजेंसी के कर्मचारियों को गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (टीएसए) के निरीक्षक बिना वेतन के काम करने को मजबूर हैं। एफएए ने बताया कि “कर्मचारियों में तनाव और थकान बढ़ रही है,जिससे हवाई सुरक्षा प्रणाली पर खतरा मंडराने लगा है। इसलिए उड़ानों में कटौती का यह फैसला यात्रियों और विमानन सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।”

एफएए के प्रशासक ब्रायन बेडफोर्ड ने कहा कि एजेंसी के आँकड़ें स्पष्ट रूप से दिखा रहे हैं कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और सुरक्षा कर्मियों में लगातार दबाव और मानसिक थकान बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “अगर यह स्थिति लंबी चली,तो अमेरिका की एयरलाइन प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। हमारी प्राथमिकता दुनिया की सबसे सुरक्षित विमानन प्रणाली को बनाए रखना है और इसके लिए हमें इस संकट का समाधान तत्काल निकालना होगा।”

शटडाउन के कारण एयरलाइनों को अब अपनी उड़ान योजनाओं में बड़े पैमाने पर बदलाव करने पड़ रहे हैं। एफएए ने संकेत दिया है कि अगर यही स्थिति जारी रही,तो एयरलाइनों को मंगलवार को 6 फीसदी,गुरुवार को 8 फीसदी और अगले शुक्रवार को 10 फीसदी उड़ानें रद्द करनी पड़ सकती हैं। यह कटौती घरेलू उड़ानों पर लागू होगी,जिससे अमेरिका के भीतर यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।

अमेरिका में यह शटडाउन अब तक के इतिहास का सबसे लंबा बन चुका है। इससे पहले सबसे लंबा शटडाउन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में हुआ था,जो 35 दिनों तक चला था। मौजूदा शटडाउन ने उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है और अब यह 38वें दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिकी राजनीतिक हलकों में गतिरोध के चलते कांग्रेस सरकार के बजट पर सहमति नहीं बना पा रही है,जिससे प्रशासनिक एजेंसियों के संचालन के लिए धनराशि जारी नहीं हो पा रही है।

शटडाउन का सबसे बड़ा असर उन कर्मचारियों पर पड़ रहा है,जो आवश्यक सेवाओं से जुड़े हैं। एफएए और टीएसए जैसी एजेंसियों में हजारों कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं,लेकिन उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। कई रिपोर्टों के अनुसार,कुछ कर्मचारी काम छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं,जबकि बाकी मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद दबाव में हैं।

हवाई अड्डों पर अब यात्रियों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। सुरक्षा जाँच में देरी,उड़ानों का देर से उड़ान भरना और अचानक रद्दीकरण जैसी घटनाएँ आम होती जा रही हैं। एयरलाइनों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी पहले से लें और यात्रा के समय अतिरिक्त समय लेकर पहुँचें।

विमानन उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि अगर शटडाउन अगले कुछ दिनों तक और जारी रहा,तो अमेरिका की विमानन व्यवस्था ठप होने की स्थिति में पहुँच सकती है। एयरलाइनों को न केवल आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर पड़ सकता है,जिससे वैश्विक विमानन नेटवर्क में व्यवधान पैदा होगा।

एफएए ने स्पष्ट किया है कि यह कदम सुरक्षा को बनाए रखने के लिए मजबूरी में उठाया गया है। एजेंसी के अनुसार,जब तक कर्मचारियों को वेतन और संसाधनों की उपलब्धता बहाल नहीं होती,तब तक उड़ानों की संख्या सीमित रखी जाएगी। एफएए ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई भी निर्णय यात्रियों की सुरक्षा से समझौता न करे,लेकिन इसके लिए राजनीतिक समाधान जल्द से जल्द निकलना जरूरी है।”

अमेरिकी सरकार के इस लंबे शटडाउन ने अब देश की अर्थव्यवस्था,आम नागरिकों और वैश्विक छवि—तीनों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द कोई समाधान नहीं निकला,तो यह संकट आने वाले हफ्तों में अमेरिकी विमानन इतिहास की सबसे बड़ी प्रशासनिक विफलता में बदल सकता है। यात्रियों और कर्मचारियों दोनों के लिए यह समय बेहद कठिन होता जा रहा है और अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर कांग्रेस और व्हाइट हाउस के बीच यह गतिरोध कब खत्म होगा।