बालासाहेब ठाकरे की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि (तस्वीर क्रेडिट@BansuriSwaraj)

बालासाहेब ठाकरे की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि: अमित शाह,शिंदे,शरद पवार समेत कई नेताओं ने याद किए हिंदू हृदय सम्राट

नई दिल्ली/मुंबई,17 नवंबर (युआईटीवी)- शिवसेना के संस्थापक,प्रखर वक्ता और हिंदुत्ववादी विचारधारा के अग्रदूत बालासाहेब ठाकरे की पुण्यतिथि पर देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया। बालासाहेब ठाकरे सिर्फ एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं थे,बल्कि महाराष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना,मराठी अस्मिता और राष्ट्रवादी विचारधारा के सबसे प्रभावशाली स्तंभों में से एक थे। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह,महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे,राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार और राज्य के वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल सहित अनेक नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर बालासाहेब ठाकरे को नमन करते हुए लिखा कि वे राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रखर ध्वजवाहक और सनातन संस्कृति के अडिग प्रहरी थे। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने अपने जीवन भर राष्ट्रविरोधी ताकतों के खिलाफ मजबूत ढाल बनकर खड़े रहते हुए संस्कृति और स्वधर्म की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष किया। अमित शाह ने याद किया कि बालासाहेब ने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और उनकी यही दृढ़ता उन्हें हर राष्ट्रवादी के लिए आदर्श बनाती है। गृह मंत्री ने आगे लिखा, “वे मूल्य-आधारित राजनीतिक जीवन का ऐसा उदाहरण हैं,जिनसे आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरणा लेती रहेंगी। उनकी पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन।”

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रमुख एकनाथ शिंदे ने भी बालासाहेब ठाकरे को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि बालासाहेब के विचार,उनकी स्मृतियाँ और उनका व्यक्तित्व सदैव उनके हृदय में जीवित रहेंगे। शिंदे ने उन्हें “वंदनीय हिंदू हृदय सम्राट” कहकर संबोधित किया और कहा कि राज्य और देश के लिए उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। एकनाथ शिंदे अक्सर यह कहते रहे हैं कि आज वे जो भी हैं,वह बालासाहेब की विचारधारा और आशीर्वाद से हैं और पुण्यतिथि के मौके पर भी उनकी पोस्ट में वही गहरा लगाव दिखा।

इस अवसर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता और शरद पवार गुट के प्रमुख शरद पवार ने भी बालासाहेब ठाकरे की यादों को साझा किया। शरद पवार ने लिखा कि बालासाहेब अपनी स्पष्टवादिता,तर्कशक्ति और ‘ठाकरे बाने’ से हमेशा विरोधियों को चुनौती देते थे। उनके कार्टून न सिर्फ समाज की विसंगतियों को उभारते थे,बल्कि कई बार लोगों को आहत भी करते थे,फिर भी बालासाहेब ने राजनीति से परे रिश्तों को हमेशा महत्व दिया और कभी उन्हें कड़वाहट से नहीं भरा। शरद पवार ने कहा, “महाराष्ट्र का इतिहास बालासाहेब ठाकरे के उल्लेख के बिना अधूरा है। राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उनकी पुण्यतिथि पर हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।”

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल ने भी बालासाहेब ठाकरे को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश के राजनीतिक इतिहास में बालासाहेब ठाकरे का नाम अमिट अक्षरों में दर्ज है और वे मराठी जनता के हृदय में आज भी एक विशेष स्थान रखते हैं। भुजबल ने लिखा कि बालासाहेब अपनी अद्वितीय वाकपटुता,पत्रकारिता के माध्यम से प्रखर लेखनी और निडर व्यक्तित्व के कारण लोगों के दिलों पर छा गए। उन्होंने अपनी विचारधारा को जिस दृढ़ता और निर्भीकता से अपनाया तथा उसके संरक्षण के लिए जिस साहस का परिचय दिया,वह सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक है। भुजबल ने कहा कि उनके व्यक्तित्व की चमक और उनका मार्गदर्शन आज भी उन्हें प्रेरणा देता है।

बालासाहेब ठाकरे का व्यक्तित्व बहुआयामी था—एक पत्रकार,कार्टूनिस्ट,प्रखर हिंदुत्ववादी नेता,प्रभावशाली वक्ता और महाराष्ट्र के राजनीतिक व सामाजिक जीवन को दिशा देने वाले प्रमुख हस्ताक्षर। 1966 में शिवसेना की स्थापना कर उन्होंने मराठी मानुष के उत्थान और हिंदुत्व के राजनीतिक विस्तार का जो अभियान शुरू किया,उसने महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में गहरा असर डाला। उनके नेतृत्व और शैली को लेकर अक्सर कहा जाता है कि वे अपनी बात को जितनी बेबाकी से रखते थे,उतनी ही ताकत से अपने समर्थकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव भी कायम रखते थे।

उनकी मौत के बाद भी उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है। हर वर्ष हजारों लोग शिवाजी पार्क जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जहाँ उन्होंने राजनीतिक आंदोलन की अनगिनत शुरुआतें कीं। बालासाहेब ठाकरे ने अपने विचारों में जिस स्पष्टता,दृढ़ता और सामाजिक मुद्दों पर जिस तेज़ी का परिचय दिया,उससे उन्होंने ना सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी को खड़ा किया,बल्कि एक ऐसी विचारधारा को भी स्थापित किया,जो आज भी महाराष्ट्र और देश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा रही है।

उनकी पुण्यतिथि पर नेताओं द्वारा साझा किए गए संदेश यह दर्शाते हैं कि बालासाहेब ठाकरे का प्रभाव राजनीतिक मतभेदों से कहीं ऊपर है। चाहे बीजेपी हो,शिवसेना का कोई भी गुट हो या एनसीपी और कांग्रेस जैसे दल—सभी उनके योगदान को स्वीकार करते हैं। उनके जीवन और कार्यों ने भारतीय राजनीति में एक अनोखी जगह बनाई है और यही वजह है कि उनकी पुण्यतिथि आज भी पूरे राज्य में श्रद्धा,सम्मान और स्मरण का अवसर बनती है।

बालासाहेब ठाकरे का जीवन और उनका संदेश आने वाली पीढ़ियों को साहस, स्पष्टवादिता और राष्ट्र भक्ति की राह दिखाता रहेगा। उनके निधन के वर्षों बाद भी उनकी विरासत उतनी ही जीवंत और प्रेरक है,जितनी उनके जीवनकाल में थी।