व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी का आरोपी अफगान नागरिक शूटर गिरफ्तार (तस्वीर क्रेडिट@jpsin1)

व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी से हड़कंप: दो नेशनल गार्ड्समैन घायल,अफगान नागरिक शूटर गिरफ्तार

वाशिंगटन,27 नवंबर (युआईटीवी)- अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी.सी. में व्हाइट हाउस के नजदीक हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,डाउनटाउन वाशिंगटन में बुधवार को हुई इस वारदात में दो नेशनल गार्ड्समैन को गोली लग गई,जिनकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। गोलीबारी की यह घटना व्हाइट हाउस से दो किलोमीटर से भी कम दूरी पर हुई,जिसके बाद वहाँ सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।

सीबीएस न्यूज द्वारा साझा की गई जानकारी में बताया गया कि गिरफ्तार किए गए संदिग्ध शूटर की पहचान रहमानुल्लाह लकनवाल के तौर पर हुई है,जो अफगानिस्तान का नागरिक है। लकनवाल वर्ष 2021 में अमेरिका आया था और तब से यहाँ निवास कर रहा था। शूटिंग के पीछे की वजहों की जाँच चल रही है,लेकिन शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक,यह घटना पूरी तरह से ‘टारगेटेड अटैक’ थी,न कि रैंडम गोलीबारी,जैसा कि वॉशिंगटन की मेयर म्यूरियल बोसर ने कहा है।

घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शहर में मौजूद नहीं थे। वे थैंक्सगिविंग कार्यक्रम के लिए फ्लोरिडा गए हुए हैं। हालाँकि,हमले की खबर मिलते ही राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक प्रतिक्रिया जारी की। उन्होंने कहा, “जिसने दो नेशनल गार्ड्समैन को गोली मारी,वह भी गंभीर रूप से घायल है,लेकिन उसे अपने घिनौने काम की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ईश्वर हमारे महान नेशनल गार्ड और हमारी सेना व कानून-व्यवस्था से जुड़े हर व्यक्ति को आशीर्वाद दें। मैं और राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े सभी लोग आपके साथ खड़े हैं।” उनके इस बयान से स्पष्ट हुआ कि प्रशासन इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है।

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी मामले को लेकर तत्काल कार्रवाई की घोषणा की। उन्होंने बताया कि वॉशिंगटन में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा को लेकर खतरे की आशंका के चलते कई राज्यों से नेशनल गार्ड के जवानों को वाशिंगटन भेजा जा रहा है। यह मिशन अब न केवल राजधानी,बल्कि अन्य बड़े अमेरिकी शहरों तक भी फैल चुका है,ताकि किसी भी संभावित सुरक्षा संकट से निपटा जा सके।

एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल ने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है क्योंकि इसमें फेडरल लॉ एनफोर्समेंट अधिकारियों पर हमला किया गया है। इसलिए इस घटना की जाँच फेडरल स्तर पर होगी और लकनवाल के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जाँच के अनुसार,शूटर को घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया और गिरफ्तारी से पहले हुई झड़प में वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया है और उसकी पूछताछ मेडिकल टीम की अनुमति के बाद ही शुरू की जाएगी।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने भारी बंदोबस्त कर दिए। व्हाइट हाउस के आसपास अतिरिक्त बैरिकेड्स लगाए गए और पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया। स्थानीय निवासियों और ऑफिस कर्मचारियों को भी घर के अंदर रहने की सलाह दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने इस बात की पुष्टि की है कि जनता के लिए किसी भी प्रकार का तत्काल खतरा नहीं है,लेकिन जाँच पूरी होने तक इलाके में सख्त निगरानी जारी रहेगी।

इस घटना ने अमेरिकी राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। व्हाइट हाउस के इतने करीब गोलीबारी होना बेहद चिंताजनक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि 2021 के बाद से अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियाँ अफगान शरणार्थियों और यूएस में हाल ही में आए प्रवासियों की पृष्ठभूमि की जाँच को लेकर और सतर्क हो गई हैं,लेकिन इस घटना ने खामियों की ओर संकेत किया है।

वॉशिंगटन के निवासियों में भी इस घटना को लेकर भय और बेचैनी का माहौल है। स्थानीय लोग इसे राजधानी की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती मान रहे हैं। वहीं,सरकार ने आश्वासन दिया है कि दोषी को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा।

अमेरिका पहले भी हाई-प्रोफाइल स्थानों पर हिंसक घटनाओं का सामना कर चुका है,लेकिन व्हाइट हाउस के इतना पास हुई इस गोलीबारी ने सुरक्षा तंत्र को फिर से सतर्क कर दिया है। आगामी दिनों में इस मामले से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है,जो यह स्पष्ट करेंगे कि लकनवाल का मकसद क्या था और वह कैसे इस खतरनाक वारदात को अंजाम देने में सफल हुआ।