फरहान अख्तर स्टारर ‘120 बहादुर’ (तस्वीर क्रेडिट@FarOutAkhtar)

फरहान अख्तर की फिल्म ‘120 बहादुर’ दिल्ली में टैक्स फ्री,वीरता की गूँज को मिलेगा और बड़ा मंच

नई दिल्ली,28 नवंबर (युआईटीवी)- फरहान अख्तर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘120 बहादुर’ 21 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। रिलीज के बाद से ही यह फिल्म अपने भावनात्मक प्रभाव,दमदार निर्देशन और सच्ची घटना पर आधारित कहानी के कारण चर्चा में बनी हुई है। अब फिल्म को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली सरकार ने इस युद्ध-आधारित फिल्म को टैक्स फ्री घोषित कर दिया है,जिससे राजधानी में दर्शकों को टिकट खरीदते समय कम खर्च करना पड़ेगा। फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने का फैसला उस समय लिया गया है,जब शुक्रवार को ‘गुस्ताख इश्क’ और ‘तेरे इश्क में’ जैसी अन्य फिल्में भी रिलीज हो रही हैं। ऐसे में ‘120 बहादुर’ के लिए दर्शकों का रुझान और भी बढ़ने की उम्मीद है।

फिल्म के टैक्स फ्री होने की जानकारी फरहान अख्तर ने खुद अपने इंस्टाग्राम के माध्यम से साझा की। उन्होंने फिल्म का पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, “दिल्ली में अब ‘120 बहादुर’ टैक्स फ्री हो गई है। दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी का उनके समर्थन के लिए आभारी हूँ। उनके इस समर्थन से साहस की यह कहानी और भी दूर तक पहुँच जाएगी।” फरहान के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों और प्रशंसकों ने भी खुशी जाहिर की और फिल्म को देखने के लिए उत्साह प्रकट किया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी। अपने संदेश में उन्होंने फिल्म की कहानी और उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “ऐतिहासिक युद्ध फिल्म 120 बहादुर,1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान रेजांग ला की लड़ाई में बहादुरी से लड़ने वाली 13 कुमाऊं रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के 120 सैनिकों के अद्वितीय साहस,नेतृत्व और बलिदान को श्रद्धांजलि देती है।” उन्होंने आगे लिखा कि यह फिल्म मेजर शैतान सिंह भाटी के वीरतापूर्ण नेतृत्व को सामने लाती है,जिनकी शहादत भारतीय सैन्य इतिहास में साहस का एक अप्रतिम उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वीर सैनिकों के सम्मान में दिल्ली सरकार ने 28 नवंबर से राजधानी में इस फिल्म को कर-मुक्त करने का निर्णय लिया है। उनके इस फैसले का स्वागत करते हुए फिल्म निर्माताओं और प्रशंसकों ने उनके नेतृत्व की सराहना की। यह कदम न सिर्फ फिल्म के प्रति सम्मान का प्रतीक है,बल्कि युवा पीढ़ी को देश के सैन्य इतिहास और सैनिकों के बलिदान से अवगत कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है।

फिल्म ‘120 बहादुर’ 1962 के भारत-चीन युद्ध की उस ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है,जिसे दुनिया आज भी साहस और बलिदान के सर्वोच्च उदाहरणों में गिनती है। रेजांग ला की इस लड़ाई में 13 कुमाऊं रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के 120 सैनिकों ने दुश्मन से आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ी थी। इस लड़ाई में सिर्फ कुछ ही भारतीय सैनिक जीवित बचे थे,जबकि बाकी ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। मेजर शैतान सिंह भाटी,जिन्होंने इस लड़ाई का नेतृत्व किया,उन्हें उनकी वीरता के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

फिल्म उनकी ही कहानी को केंद्र में रखते हुए आगे बढ़ती है और यह दिखाती है कि किस तरह सीमित संसाधनों और बेहद कठिन परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की थी। फिल्म के रियलिस्टिक दृश्यों,दमदार अभिनय और भावनात्मक प्रस्तुति ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया है।

फिल्म की कहानी और प्रस्तुति की तारीफ सिर्फ दर्शक ही नहीं,बल्कि कई राजनीतिक नेता भी कर चुके हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी फिल्म को देखने के बाद इसकी सराहना की। उन्होंने मीडिया से कहा, “यह फिल्म देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों की बहादुरी को दिखाती है। वे हर परिस्थिति में देश की रक्षा करते हैं। यह एक सच्ची कहानी है,जिसे अत्यंत प्रभावशाली तरीके से पर्दे पर उतारा गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि देश के युवाओं को यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए,क्योंकि इससे उन्हें पता चलेगा कि युद्ध के दौरान एक सैनिक के साथ-साथ पूरा देश किस तरह चुनौतियों का सामना करता है।

दिल्ली में फिल्म के टैक्स फ्री होने से न सिर्फ इसके दर्शकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी,बल्कि यह फिल्म देश की उन गाथाओं को भी व्यापक स्तर पर पहुँचाएगी,जिन्हें आने वाली पीढ़ियों को जानना बेहद आवश्यक है। फिलहाल ‘120 बहादुर’ लगातार तारीफें बटोर रही है और दर्शकों के दिलों पर गहरा प्रभाव छोड़ रही है। युद्ध गाथा,वीरता और देशभक्ति का सशक्त मेल लिए यह फिल्म इतिहास को महसूस कराने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान करती है,जिसे मिस नहीं किया जाना चाहिए।