विराट कोहली

डेढ़ दशक बाद विजय हजारे ट्रॉफी में लौटेंगे विराट कोहली,2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर लिया बड़ा फैसला

नई दिल्ली,3 दिसंबर (युआईटीवी)- भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर घरेलू वनडे टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह वापसी इसलिए भी खास है क्योंकि कोहली ने आखिरी बार यह टूर्नामेंट लगभग डेढ़ दशक पहले खेला था। साल 2009-10 के संस्करण के बाद यह पहला मौका होगा,जब कोहली किसी घरेलू 50 ओवर प्रतियोगिता में खेलते नजर आएँगे। इस फैसले ने न सिर्फ दिल्ली टीम को ऊर्जा से भर दिया है,बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी इसे दूरगामी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

डीडीसीए (दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन) के अध्यक्ष रोहन जेटली ने पुष्टि की है कि विराट कोहली ने स्वयं उनसे संपर्क कर अपनी उपलब्धता के बारे में सूचित किया है। रोहन जेटली ने क्रिकबज से बातचीत में कहा, “हाँ,यह सच है कि विराट कोहली ने विजय हजारे ट्रॉफी के लिए अपनी उपलब्धता की जानकारी दे दी है।” हालाँकि,उन्होंने संकेत दिया कि कोहली टूर्नामेंट के सभी मैच खेल पाते हैं या नहीं, यह अभी उनकी फिटनेस और टीम प्रबंधन की रणनीति पर निर्भर करेगा।

विजय हजारे ट्रॉफी 24 दिसंबर से 18 जनवरी तक खेली जाएगी। दिल्ली टीम का पहला मुकाबला 24 दिसंबर को आंध्र प्रदेश के खिलाफ निर्धारित है। विराट की संभावित वापसी ने टूर्नामेंट को अचानक सुर्खियों में ला दिया है,क्योंकि कोहली लंबे समय से घरेलू क्रिकेट से दूर थे और केवल अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे।

इस बीच,कुछ ही दिनों पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि विराट कोहली विजय हजारे ट्रॉफी खेलने के इच्छुक नहीं हैं। इस खबर ने क्रिकेट प्रशंसकों को थोड़ी निराशा में डाल दिया था,लेकिन अब कोहली के निर्णय ने उन सभी अटकलों को खत्म कर दिया है। दिलचस्प बात यह है कि स्वयं कोहली ने राँची में भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका पहले वनडे के बाद कहा था कि उनकी तैयारी का तरीका मानसिक मजबूती पर आधारित है। उनका कहना था, “मेरा सारा क्रिकेट मेंटल रहा है। मैं बहुत ज्यादा तैयारी पर यकीन नहीं करता। जब तक मुझे मानसिक रूप से लगता है कि मैं खेल सकता हूँ,मैं अपनी जिंदगी के हर दिन फिजिकली बहुत मेहनत करता हूँ। इसका अब क्रिकेट से कोई लेना-देना नहीं है, यह मेरे जीने का तरीका है।”

हालाँकि,कोहली के इस बयान को कुछ लोगों ने यह समझकर जोड़ा कि शायद वह घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगे,लेकिन अब उनका निर्णय साफ करता है कि वह अगले बड़े लक्ष्य—2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर बेहद गंभीर हैं। 2027 विश्व कप में खेलने की इच्छा के चलते ही कोहली ने लगभग 15 साल बाद घरेलू 50 ओवर क्रिकेट में खेलने का फैसला किया है। यह कदम बताता है कि विराट अब भी अपनी क्रिकेट यात्रा को लंबा और प्रभावी बनाना चाहते हैं।

कोहली का विजय हजारे ट्रॉफी में पिछला प्रदर्शन भी शानदार रहा है। उन्होंने इस टूर्नामेंट में कुल 14 मैच खेले हैं,जिनमें 68.25 की एवरेज और 106.08 की स्ट्राइक रेट से 819 रन बनाए। इसमें चार शतक और तीन अर्धशतक भी शामिल हैं। उनका आखिरी मैच 18 फरवरी, 2010 को खेला गया था। उस वक्त कोहली एक उभरते हुए युवा बल्लेबाज थे,जबकि आज वह भारतीय क्रिकेट के सबसे अनुभवी,स्थिर और भरोसेमंद खिलाड़ियों में शुमार हैं।

दिल्ली टीम के नजरिए से देखें तो विराट कोहली की उपस्थिति न सिर्फ टीम की बल्लेबाजी को मजबूती देगी,बल्कि टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए एक अमूल्य सीखने का अवसर भी प्रदान करेगी। दिल्ली को इस बार विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप ‘डी’ में रखा गया है,जहाँ उसका सामना गुजरात,सौराष्ट्र,सर्विसेज,रेलवे,ओडिशा,आंध्र और हरियाणा से होगा। यह ग्रुप काफी संतुलित माना जा रहा है और ऐसे में कोहली की मौजूदगी टीम के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा सकती है।

यह निर्णय भारतीय टीम के भविष्य की योजना का भी हिस्सा माना जा सकता है। दरअसल,2027 वनडे वर्ल्ड कप में भारत की बगडोर अनुभव और युवाओं के मिश्रण वाली टीम के हाथ में होगी। ऐसे में कोहली का फिट,फॉर्म में और वनडे रिदम में बने रहना टीम के लिए अनमोल साबित हो सकता है। यह भी माना जा रहा है कि घरेलू क्रिकेट में खेलने से कोहली का शारीरिक बोझ कम होगा,लेकिन मैच-प्रैक्टिस लगातार बनी रहेगी।

कोहली की मैदान पर वापसी हमेशा एक इवेंट बन जाती है। चाहे आईपीएल हो, घरेलू क्रिकेट हो या अंतर्राष्ट्रीय मंच—विराट वहाँ भीड़ खींचते हैं और उत्साह पैदा करते हैं। इस बार भी विजय हजारे ट्रॉफी के मुकाबलों में दर्शकों की भारी उपस्थिति देखने की उम्मीद है।

विराट कोहली के 15 साल बाद विजय हजारे ट्रॉफी में लौटने का फैसला केवल एक टूर्नामेंट खेलने भर का निर्णय नहीं है। यह उस क्रिकेटर की सोच का प्रतीक है,जिसने हमेशा बड़े लक्ष्यों को ध्यान में रखकर निर्णय लिए हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता,प्रोफेशनलिज्म और इस खेल के प्रति गहरी लगन का प्रमाण भी है।

अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि कोहली कितने मैचों में हिस्सा लेते हैं और उनकी बल्लेबाजी का प्रदर्शन कैसा रहता है,लेकिन इतना तय है कि उनका प्रत्येक रन भारतीय और दिल्ली क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आएगा कि विराट कोहली आज भी अपने करियर के अगले बड़े अध्याय के लिए उतने ही भूखे और तैयार हैं।