मिंडानाओ द्वीप के पास 6.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप से दहशत (तस्वीर क्रेडिट@thandojo)

मिंडानाओ द्वीप के पास 6.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप,दहशत के बावजूद बड़े नुकसान की खबर नहीं

मनीला,7 जनवरी (युआईटीवी)- फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से में बसे मिंडानाओ द्वीप के तट के पास बुधवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए,जिसने कुछ समय के लिए लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया। फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी (पीएचआईवीओएलसीएस) के अनुसार इस भूकंप की तीव्रता 6.7 मापी गई। स्थानीय समयानुसार यह भूकंप सुबह 11 बजकर 2 मिनट पर आया और इसका केंद्र दावाओ ओरिएंटल प्रांत के तटीय कस्बे मैनाय से करीब 47 किलोमीटर दूर समुद्र में था। वैज्ञानिकों ने बताया कि झटके पृथ्वी की सतह से लगभग 42 किलोमीटर की गहराई पर उत्पन्न हुए,इसलिए वे दूर-दूर तक महसूस किए गए।

जैसे ही धरती हिली,मिंडानाओ के कई हिस्सों में लोग अचानक अपने घरों,दुकानों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। इमारतों में लगे पंखे,लाइटें और खिड़कियाँ हिलने लगीं,कुछ जगहों पर अलमारियों से सामान गिरा। हालाँकि,शुरुआती घबराहट के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती दिखाई दी। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में राहत और जाँच अभियान शुरू किया। राहत की बात यह रही कि भूकंप के तुरंत बाद किसी बड़े नुकसान या जनहानि की कोई पुष्टि नहीं हुई। आसपास के जिलों के पुलिस अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने भी बताया कि अब तक किसी गंभीर चोट या बड़े ढाँचे के ढहने की सूचना नहीं मिली है।

पीएचआईवीओएलसीएस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है,क्योंकि इसके बाद आफ्टरशॉक्स यानी छोटे झटके आने की संभावना बनी हुई है। एजेंसी का कहना है कि भूकंप का केंद्र समुद्र में होने के कारण कई जगह कंपन का असर ज्यादा महसूस हुआ,लेकिन पानी के नीचे ऊर्जा के फैलाव ने संभावित खतरे को सीमित भी किया। इसके बावजूद,विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप की तीव्रता को देखते हुए तटीय और पहाड़ी इलाकों में ढाँचागत क्षति का खतरा पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। इसी वजह से प्रशासन ने स्कूलों,अस्पतालों और सरकारी इमारतों की संरचनात्मक जाँच के निर्देश जारी किए हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने रिपोर्ट किया कि अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रतिक्रिया टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली,संचार और परिवहन जैसी सेवाओं पर विशेष नजर रखी जा रही है,ताकि किसी भी रुकावट की स्थिति में तुरंत कदम उठाए जा सकें।

फिलीपींस हाल के वर्षों में कई मजबूत भूकंपों का सामना कर चुका है। पिछले साल दिसंबर में, 22 दिसंबर 2025 को,देश के पास समुद्री क्षेत्र में 5.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। उस समय जर्मनी के जीएफजेड रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने इसकी पुष्टि की थी। वह भूकंप अपेक्षाकृत उथली गहराई,यानी करीब 10 किलोमीटर पर आया था,जिससे आस-पास के इलाकों में झटके ज्यादा महसूस किए गए। हालाँकि,वह घटना भी बड़े पैमाने पर विनाश का कारण नहीं बनी,फिर भी लोगों के मन में भूकंप का डर एक बार फिर ताजा हो गया था।

इसी तरह अक्टूबर 2025 में देश के मध्य क्षेत्र में 6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था,जिसने कई इलाकों में तबाही मचा दी थी। उस दौरान कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं,कुछ ढाँचों के पूरी तरह ढहने की खबरें भी आईं और दुखद रूप से कई लोगों की जान चली गई। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई,जिससे राहत कार्य और भी मुश्किल हो गए। उस समय भूकंप का केंद्र सेबू प्रांत के समुद्री शहर बोगो से करीब 19 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था और इसकी गहराई मात्र पाँच किलोमीटर बताई गई थी। केंद्र के इतने पास और उथले स्तर पर उत्पन्न कंपन ने विनाश की तीव्रता बढ़ा दी थी। एहतियात के तौर पर सुनामी चेतावनी भी जारी की गई,जिसे बाद में वापस लेना पड़ा,लेकिन तब तक लोगों में भय का माहौल बन चुका था।

फिलीपींस का भौगोलिक स्थान इसे दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शामिल करता है। यह देश प्रसिद्ध “पैसिफिक रिंग ऑफ फायर” का हिस्सा है,जहाँ पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटें लगातार हलचल में रहती हैं। इन प्लेटों के खिसकने,टकराने और एक-दूसरे के नीचे धंसने की प्रक्रिया के कारण यहाँ अक्सर भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियाँ होती रहती हैं। यही वजह है कि फिलीपींस में भूकंपों को लेकर जागरूकता,अभ्यास और आपदा प्रबंधन की तैयारियाँ अन्य कई देशों की तुलना में कहीं अधिक विकसित मानी जाती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि 6.7 तीव्रता का भूकंप सामान्य परिस्थितियों में बड़े नुकसान का कारण बन सकता था,लेकिन इस बार गहराई और केंद्र के स्थान के चलते संभावित खतरे में कुछ कमी रही। फिर भी यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने आधुनिक तकनीक और विकास भी सीमित साबित हो सकते हैं। इसलिए भवन निर्माण के दौरान भूकंप-रोधी मानकों का पालन,सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्त अनुपालन और नियमित आपदा अभ्यास बेहद आवश्यक हैं।

फिलहाल,स्थानीय प्रशासन लोगों से शांत रहने,अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है। जिन इलाकों में झटके ज्यादा महसूस हुए,वहाँ लोगों को खुले और सुरक्षित स्थानों में कुछ समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा है,ताकि किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित स्थिति में तुरंत सहायता पहुँचाई जा सके।

हालाँकि,इस भूकंप ने किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं दी,लेकिन उसने लोगों को यह जरूर याद दिला दिया कि फिलीपींस जैसी भूकंपीय रूप से संवेदनशील जगहों पर सतर्कता हमेशा जरूरी है। वैज्ञानिक एजेंसियाँ आने वाले दिनों में इस भूकंप के तकनीकी आकलन और इसके कारणों पर विस्तृत रिपोर्ट जारी करेंगी। साथ ही,आफ्टरशॉक्स की संभावनाओं को देखते हुए निगरानी व्यवस्था मजबूत बनी रहेगी।

अंततः,यह घटना एक चेतावनी भी है और राहत की कहानी भी। चेतावनी इसलिए कि धरती का यह अनियंत्रित कंपन कभी भी बड़े खतरे में बदल सकता है और राहत इसलिए कि इस बार प्रकृति की इस परीक्षा में फिलीपींस ने बिना गंभीर नुकसान के एक और कठिन दौर पार कर लिया। अब सभी की निगाहें आगे आने वाले दिनों पर टिकी हैं,जब स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी और अधिकारी यह तय कर पाएँगे कि इस भूकंप का वास्तविक असर कितना गहरा रहा।