वैभव सूर्यवंशी (तस्वीर क्रेडिट@RanjanSinghh_)

भारतीय अंडर-19 टीम का दमदार प्रदर्शन,साउथ अफ्रीका को 233 रन से हराकर यूथ वनडे सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप

बेनोनी,8 जनवरी (युआईटीवी)- भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गई यूथ वनडे सीरीज के तीसरे और आखिरी मुकाबले में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 233 रन की विशाल जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी। विलोमूर पार्क में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन हर विभाग में शानदार रहा,जिससे साउथ अफ्रीकी टीम मुकाबले में कहीं टिक नहीं पाई।

बुधवार को खेले गए मैच में भारतीय टीम ने टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी की,लेकिन इसका असर बल्लेबाजों के आत्मविश्वास पर बिल्कुल भी नहीं दिखा। सलामी बल्लेबाजों ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। आरोन जॉर्ज और कप्तान वैभव सूर्यवंशी की सलामी जोड़ी ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट्स लगाए और तेजी से रन बटोरते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 25.4 ओवरों में 227 रन की विशाल साझेदारी हुई,जिसने मैच की दिशा लगभग तय कर दी।

कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी शानदार फॉर्म का परिचय देते हुए सधी हुई,लेकिन आक्रामक पारी खेली। उन्होंने मात्र 74 गेंदों में 127 रन बनाए,जिसमें 10 छक्के और 9 चौके शामिल रहे। वैभव की पारी में आत्मविश्वास,आक्रामकता और परिपक्वता साफ झलक रही थी। वह जब आउट हुए,तब तक भारत का स्कोर मजबूत स्थिति में पहुँच चुका था और साउथ अफ्रीकी गेंदबाज पूरी तरह दबाव में नजर आ रहे थे।

वैभव के आउट होने के बाद भी भारतीय पारी की रफ्तार थमी नहीं। आरोन जॉर्ज ने वेदांत त्रिवेदी के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी की। दोनों ने 55 गेंदों में 52 रन जोड़कर टीम को बड़े स्कोर की ओर आगे बढ़ाया। आरोन जॉर्ज ने अपनी पारी में धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने 106 गेंदों में 118 रन बनाए,जिसमें 16 चौके शामिल थे। उनकी यह शतकीय पारी भारतीय पारी की रीढ़ साबित हुई।

मध्यक्रम में वेदांत त्रिवेदी ने 34 रन बनाकर अहम योगदान दिया,जबकि निचले क्रम में मोहम्मद एनान ने नाबाद 28 रन जोड़कर स्कोर को और मजबूत किया। निर्धारित 50 ओवरों में भारतीय टीम ने 7 विकेट के नुकसान पर 393 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया,जो अंडर-19 स्तर पर किसी भी टीम के लिए एक बड़ी चुनौती माना जाता है।

साउथ अफ्रीका की ओर से गेंदबाजी में सोनी सबसे सफल रहे,जिन्होंने 3 विकेट झटके। जेसन रोल्स को 2 विकेट मिले,जबकि माइकल क्रुइस्काम्प ने 1 विकेट हासिल किया,लेकिन कुल मिलाकर साउथ अफ्रीकी गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे।

393 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीकी अंडर-19 टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद से सटीक लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए शुरुआती झटके दे दिए। महज 50 रन के स्कोर पर साउथ अफ्रीका ने अपने 5 विकेट गंवा दिए,जिससे टीम पूरी तरह बैकफुट पर चली गई। शुरुआती विकेट गिरने के बाद दबाव और बढ़ता गया और रन गति भी लगातार गिरती चली गई।

हालांकि डैनियल बोसमैन ने पॉल जेम्स के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 49 रन की साझेदारी कर कुछ देर तक संघर्ष किया। पॉल जेम्स ने 41 रन बनाए, जबकि बोसमैन ने 60 गेंदों में 40 रन की पारी खेली,जिसमें 1 छक्का और 5 चौके शामिल थे। इसके बाद कॉर्न बोथा ने नाबाद 36 रन बनाए,लेकिन तब तक मैच भारत की पकड़ में पूरी तरह आ चुका था।

भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालते हुए साउथ अफ्रीकी टीम को 35 ओवरों में 160 रन पर समेट दिया। इस तरह भारत ने 233 रन से विशाल जीत हासिल की। गेंदबाजी में किशन कुमार सिंह सबसे प्रभावशाली रहे,जिन्होंने 3 विकेट चटकाए। मोहम्मद एनान ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट अपने नाम किए और बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंद से भी उपयोगी योगदान दिया।

इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के लिए कप्तान यशस्वी जायसवाल को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कार से नवाजा गया। जायसवाल ने पूरी सीरीज में निरंतरता दिखाते हुए 11, 68 और 127 रन की पारियाँ खेलीं और टीम को हर मैच में मजबूत शुरुआत दिलाई। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी ने भारतीय अंडर-19 टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

यह सीरीज भारतीय अंडर-19 टीम के लिए बेहद सफल रही,जिसमें बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों ने सामूहिक प्रदर्शन किया। 3-0 से क्लीन स्वीप ने यह साफ कर दिया कि भारतीय युवा टीम न केवल प्रतिभाशाली है,बल्कि दबाव में भी शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता रखती है।