वाशिंगटन,8 जनवरी (युआईटीवी)- भारत और अमेरिका के रिश्तों में पिछले कुछ महीनों से आई ठंडक का असर अब शिक्षा और इमिग्रेशन जैसे अहम क्षेत्रों में भी साफ तौर पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने बुधवार,7 जनवरी 2026 को भारतीय छात्रों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है। अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर साफ कहा है कि अमेरिका के इमिग्रेशन या अन्य कानूनों का उल्लंघन करने पर छात्र वीजा रद्द किया जा सकता है और संबंधित छात्र को देश से निकाला भी जा सकता है। इस चेतावनी को भारत-अमेरिका संबंधों में मौजूदा तनाव के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
अमेरिकी दूतावास की ओर से जारी बयान में भारतीय छात्रों को स्पष्ट शब्दों में आगाह किया गया है कि अमेरिका में पढ़ाई के दौरान किसी भी तरह के कानून उल्लंघन के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। दूतावास ने लिखा कि अगर किसी छात्र को गिरफ्तार किया जाता है या वह किसी भी तरह का कानून तोड़ता है,तो उसका छात्र वीजा तत्काल रद्द किया जा सकता है। इतना ही नहीं,ऐसे छात्रों को अमेरिका से डिपोर्ट किया जा सकता है और भविष्य में उन्हें अमेरिकी वीजा मिलने पर भी स्थायी रोक लग सकती है। दूतावास ने यह भी जोर देकर कहा कि अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं,बल्कि एक सुविधा है और इसे बनाए रखने के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
इस चेतावनी को सामान्य प्रशासनिक संदेश से कहीं अधिक गंभीर माना जा रहा है,क्योंकि यह ऐसे समय पर आई है जब भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक, व्यापारिक और कूटनीतिक स्तर पर कई मुद्दों को लेकर मतभेद उभरे हैं। जानकारों का मानना है कि इमिग्रेशन और वीजा से जुड़े सख्त संदेशों के जरिए अमेरिका यह संकेत देना चाहता है कि वह अपने कानूनों के पालन को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है,चाहे वह किसी भी देश के नागरिक क्यों न हों।
यह पहली बार नहीं है,जब अमेरिकी दूतावास ने इस तरह की चेतावनी जारी की हो। इससे पहले भी अमेरिका ने भारत से जाने वाले अवैध अप्रवासियों को लेकर सख्त रुख अपनाया था। उस दौरान भी अमेरिकी प्रशासन ने साफ किया था कि इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन करने वालों को भारी आपराधिक सजा का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया था कि अवैध तरीके से देश में रहने,फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने या किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए जाने पर वीजा रद्द किया जाएगा और संबंधित व्यक्ति को तुरंत देश से बाहर किया जाएगा।
Breaking U.S. laws can have serious consequences for your student visa. If you are arrested or violate any laws, your visa may be revoked, you may be deported, and you could be ineligible for future U.S. visas. Follow the rules and don’t jeopardize your travel. A U.S. visa is a… pic.twitter.com/A3qyoo6fuD
— U.S. Embassy India (@USAndIndia) January 7, 2026
पिछले कुछ समय में अमेरिकी प्रशासन ने न केवल अवैध अप्रवास के खिलाफ,बल्कि वैध वीजा धारकों पर भी निगरानी बढ़ा दी है। इसमें छात्र वीजा और एच-1बी जैसे वर्क वीजा शामिल हैं। अमेरिकी सरकार का कहना है कि कई मामलों में वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया जाता है,जैसे पढ़ाई के दौरान अवैध रूप से काम करना,तय अवधि से ज्यादा समय तक रुकना या पढ़ाई छोड़कर बिना अनुमति काम करना। ऐसे मामलों पर अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है।
एच-1बी और छात्र वीजा नियमों को सख्त करने का सीधा असर अमेरिका जाने वाले विदेशी छात्रों पर पड़ रहा है। खासतौर पर भारतीय छात्र,जो बड़ी संख्या में अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं,इस सख्ती से प्रभावित हो रहे हैं। आँकड़ों के मुताबिक,सख्त वीजा नियमों के चलते अमेरिका में विदेशी छात्रों के नए दाखिलों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले साल अमेरिका में नए अंतर्राष्ट्रीय एडमिशन में करीब 17 फीसदी की कमी देखी गई थी।
अगस्त 2024 के आँकड़ें इस स्थिति की गंभीरता को और उजागर करते हैं। इन आँकड़ों के अनुसार,अमेरिका में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के आगमन में साल-दर-साल 19 फीसदी की गिरावट आई है,जो 2021 के बाद से सबसे कम स्तर है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वीजा प्रक्रिया की जटिलता,सख्त जाँच और अनिश्चित इमिग्रेशन माहौल के कारण कई छात्र अब अमेरिका के बजाय कनाडा,ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और यूरोप के अन्य देशों को विकल्प के रूप में देखने लगे हैं।
भारत में पढ़ने वाले और अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच इस चेतावनी के बाद चिंता का माहौल है। कई छात्रों का कहना है कि पहले से ही वीजा इंटरव्यू और दस्तावेजों की प्रक्रिया काफी तनावपूर्ण होती है और अब इस तरह के सख्त संदेश डर का माहौल पैदा कर रहे हैं। वहीं कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी दूतावास का उद्देश्य डराना नहीं,बल्कि नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है,ताकि छात्र किसी भी तरह की गलती से बच सकें।
अमेरिकी दूतावास की यह चेतावनी भारत-अमेरिका संबंधों में आई मौजूदा तल्खी की पृष्ठभूमि में काफी अहम मानी जा रही है। यह न सिर्फ छात्रों के लिए एक स्पष्ट संदेश है,बल्कि यह भी दिखाता है कि अमेरिका इमिग्रेशन और वीजा नियमों को लेकर आने वाले समय में और सख्त रुख अपना सकता है। ऐसे में अमेरिका में पढ़ाई का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए नियमों का पूरी तरह पालन करना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।
