थलपति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज पर संकट तस्वीर क्रेडिट@ItsVishhnu)

थलपति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज पर संकट,सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने पर मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई

नई दिल्ली,8 जनवरी (युआईटीवी)- तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित और कथित तौर पर आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज पर संकट के बादल गहराते नजर आ रहे हैं। पोंगल के मौके पर 9 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली इस फिल्म को अब तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सीबीएफसी से सर्टिफिकेट नहीं मिला है। इसी देरी के खिलाफ फिल्म के प्रोड्यूसर्स ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई,जिसके बाद जस्टिस पीटी आशा ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। हालाँकि,अदालत ने यह स्पष्ट नहीं किया कि फैसला कब सुनाया जाएगा,लेकिन रिलीज की तारीख बेहद नजदीक होने के कारण फिल्म इंडस्ट्री और प्रशंसकों की धड़कनें तेज हो गई हैं।

सुनवाई के दौरान फिल्म के प्रोडक्शन हाउस केवीएन प्रोडक्शंस की ओर से वकील ने अपना पक्ष रखा,जबकि सीबीएफसी की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एआरएल सुंदरेशन ने बोर्ड का पक्ष अदालत के सामने रखा। इस दौरान कोर्ट में एक अहम और चौंकाने वाला खुलासा हुआ,जिसने पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया। बताया गया कि फिल्म के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाला व्यक्ति खुद सीबीएफसी की एग्जामिनिंग कमिटी का सदस्य था। हैरानी की बात यह रही कि जब इस सदस्य ने कमिटी के साथ फिल्म देखी थी,तब उसने किसी भी तरह की आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी,लेकिन बाद में उसने अलग से शिकायत दाखिल कर दी।

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को शिकायत की कॉपी सौंपी और बताया कि सीबीएफसी के चेयरपर्सन ने खुद सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को रोकने का आदेश दिया था। उनका तर्क था कि भले ही एग्जामिनिंग कमिटी ने फिल्म की स्क्रीनिंग कर ली हो,लेकिन चेयरपर्सन के पास यह अधिकार है कि वह फिल्म की समीक्षा करें और यदि आवश्यक समझें तो सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने या रोकने का फैसला लें। सीबीएफसी की ओर से यह भी कहा गया कि बोर्ड कानून के दायरे में रहकर ही काम कर रहा है और इसमें किसी तरह की जल्दबाजी नहीं की जा सकती।

वहीं दूसरी ओर,प्रोड्यूसर्स की तरफ से यह दलील दी गई कि सर्टिफिकेशन में हो रही देरी पूरी तरह मनमानी है। उनका कहना था कि न तो उन्हें किसी आपत्ति की आधिकारिक सूचना दी गई और न ही किसी तरह के रिव्यू या स्पष्टीकरण के लिए नोटिस दिया गया। प्रोड्यूसर्स ने कोर्ट को बताया कि फिल्म पहले ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में,खासतौर पर यूनाइटेड किंगडम में,सर्टिफिकेट हासिल कर चुकी है। इसके बावजूद भारत में बिना स्पष्ट कारण के सर्टिफिकेशन रोकना न केवल अनुचित है,बल्कि इससे भारी आर्थिक नुकसान का खतरा भी पैदा हो गया है।

‘जन नायकन’ को थलपति विजय के अभिनय करियर की आखिरी फिल्म माना जा रहा है। इसके बाद विजय के पूरी तरह राजनीति में सक्रिय होने की चर्चा लंबे समय से चल रही है। यही वजह है कि यह फिल्म न केवल एक सिनेमाई प्रोजेक्ट है,बल्कि विजय के प्रशंसकों के लिए भावनात्मक रूप से भी बेहद खास मानी जा रही है। फिल्म का निर्देशन एच विनोथ ने किया है,जो इससे पहले भी गंभीर और राजनीतिक विषयों पर आधारित फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। फिल्म में पूजा हेगड़े और बॉबी देओल जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएँगे। बताया जा रहा है कि ‘जन नायकन’ एक पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर है,जिसमें सत्ता,व्यवस्था और आम आदमी के संघर्ष की कहानी को बड़े पैमाने पर दिखाया गया है।

फिल्म की रिलीज में देरी का असर पहले ही दिखने लगा है। कई शहरों में सिनेमाघरों ने एडवांस बुकिंग रोक दी है,क्योंकि सर्टिफिकेट के बिना शो शेड्यूल जारी करना संभव नहीं है। प्रोड्यूसर्स का कहना है कि अगर फिल्म तय तारीख पर रिलीज नहीं हो पाती,तो उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है। पोंगल जैसे बड़े त्योहार पर रिलीज को ध्यान में रखकर मार्केटिंग,स्क्रीन अलॉटमेंट और प्रमोशनल गतिविधियों पर भारी निवेश किया जा चुका है।

इस पूरे घटनाक्रम से विजय के प्रशंसक भी बेहद चिंतित हैं। सोशल मीडिया पर लगातार फिल्म के समर्थन में पोस्ट किए जा रहे हैं और सीबीएफसी से जल्द सर्टिफिकेट जारी करने की माँग की जा रही है। प्रशंसकों का कहना है कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं,बल्कि उनके पसंदीदा स्टार के अभिनय करियर का आखिरी अध्याय है,जिसे समय पर बड़े पर्दे पर देखने की वे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे हैं।

अब सबकी निगाहें मद्रास हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। अदालत का आदेश यह तय करेगा कि ‘जन नायकन’ 9 जनवरी को तय समय पर सिनेमाघरों में दस्तक दे पाएगी या नहीं। अगर कोर्ट से प्रोड्यूसर्स को राहत मिलती है,तो फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो सकता है। वहीं अगर फैसला आने में और देरी होती है,तो यह तमिल सिनेमा की सबसे बड़ी रिलीज में से एक के लिए गंभीर चुनौती साबित हो सकती है।