नई दिल्ली,10 जनवरी (युआईटीवी)- बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा अध्याय समाप्त होने के बाद अब एक नया अध्याय शुरू हो गया है। पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख रहीं बेगम खालिदा जिया के निधन के बाद पार्टी की कमान औपचारिक रूप से उनके बेटे तारिक रहमान ने सँभाल ली है। बीएनपी की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई स्टैंडिंग कमिटी ने सर्वसम्मति से तारिक रहमान को पार्टी का नया चेयरमैन नियुक्त करने को मंजूरी दी है। इस फैसले के साथ ही बांग्लादेश की विपक्षी राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
यह अहम निर्णय शुक्रवार रात को ढाका स्थित बीएनपी के गुलशन कार्यालय में आयोजित स्टैंडिंग कमिटी की बैठक में लिया गया। बैठक के बाद पार्टी के सेक्रेटरी जनरल मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सभी सदस्यों की सहमति से तारिक रहमान को पार्टी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। उन्होंने कहा कि यह फैसला बीएनपी संविधान के अनुरूप है और पार्टी को मौजूदा राजनीतिक हालात में मजबूत नेतृत्व देने की दिशा में उठाया गया कदम है।
बैठक में मौजूद सभी वरिष्ठ नेताओं ने एकमत से माना कि मौजूदा समय में तारिक रहमान ही ऐसे नेता हैं,जो पार्टी को एकजुट रखते हुए आगे बढ़ा सकते हैं। सहमति बनने के बाद तारिक रहमान ने औपचारिक रूप से बीएनपी के अध्यक्ष का पद सँभाल लिया। यह नियुक्ति केवल एक पारिवारिक उत्तराधिकार नहीं मानी जा रही,बल्कि इसे पार्टी के भीतर वर्षों से चली आ रही भूमिका और संगठनात्मक अनुभव का परिणाम बताया जा रहा है।
तारिक रहमान का राजनीतिक सफर काफी पुराना और उतार-चढ़ाव भरा रहा है। बीएनपी मीडिया सेल के सूत्रों के अनुसार,उन्होंने अपनी माँ खालिदा जिया के साथ इरशाद विरोधी आंदोलन के दौरान सड़कों पर उतरकर सक्रिय राजनीति की शुरुआत की थी। उस दौर में सैन्य शासक हुसैन मोहम्मद इरशाद के खिलाफ देशभर में व्यापक जनआंदोलन चल रहा था और तारिक रहमान भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल रहे। यही समय था,जब उन्होंने जमीनी राजनीति को करीब से समझा।
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक,तारिक रहमान 1988 में औपचारिक रूप से बीएनपी से जुड़े थे और पार्टी की गबताली उपजिला यूनिट के एक साधारण सदस्य के तौर पर उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। इसके बाद 1991 के आम चुनाव से पहले उन्होंने देश के लगभग हर जिले में अपनी माँ खालिदा जिया के साथ चुनाव प्रचार किया। यह दौर उनके लिए संगठनात्मक नेटवर्क बनाने और पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण समय साबित हुआ।
1993 में तारिक रहमान ने बीएनपी की बोगुरा जिला यूनिट की एक महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस आयोजित की,जो उस समय काफी चर्चा में रही। इस सम्मेलन में पार्टी के स्थानीय नेतृत्व का चयन सीक्रेट बैलेट के जरिए किया गया,जिसे बीएनपी के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना गया। इसके बाद तारिक रहमान ने अन्य जिला इकाइयों को भी इसी तरह पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से नेतृत्व चुनने के लिए प्रेरित किया।
पार्टी के भीतर उनकी बढ़ती भूमिका को देखते हुए 2002 में बीएनपी स्टैंडिंग कमिटी ने उन्हें सीनियर संयुक्त सचिव नियुक्त किया। इसके बाद 2005 में उन्होंने देशभर में जमीनी स्तर पर कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बीएनपी की हर उपजिला इकाई के साथ परामर्श किया। इस पहल का मकसद संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सीधे नेतृत्व तक पहुंचाना था।
हालाँकि, 2007 का साल तारिक रहमान के राजनीतिक जीवन में एक बड़ा मोड़ लेकर आया। वन-इलेवन के नाम से चर्चित आपातकालीन दौर में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में मेडिकल उपचार के लिए उन्हें विदेश जाने की अनुमति मिली,जिसके बाद वे देश से बाहर ही रहे। वर्ष 2008 से वे लंबे समय तक निर्वासन में रहे और बांग्लादेश की राजनीति से दूर होकर भी पार्टी के भीतर अपनी भूमिका बनाए रखी।
2009 में उन्हें बीएनपी का सीनियर उपाध्यक्ष चुना गया,जबकि 2018 में जब खालिदा जिया को जेल जाना पड़ा,तब तारिक रहमान को पार्टी का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया। इस दौरान उन्होंने विदेश में रहते हुए भी पार्टी की रणनीति और आंदोलनात्मक गतिविधियों का संचालन किया। करीब 17 वर्षों बाद 25 दिसंबर 2025 को उनकी बांग्लादेश वापसी हुई,जिसे बीएनपी समर्थकों ने एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा।
अब खालिदा जिया के निधन के बाद तारिक रहमान का बीएनपी अध्यक्ष बनना न केवल पार्टी के लिए,बल्कि बांग्लादेश की समग्र राजनीति के लिए भी अहम माना जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे पार्टी को किस दिशा में ले जाते हैं और सत्तारूढ़ अवामी लीग के खिलाफ विपक्ष को कितनी मजबूती से खड़ा कर पाते हैं। उनके सामने संगठन को एकजुट रखने,जनता का भरोसा जीतने और लोकतांत्रिक राजनीति को नई ऊर्जा देने की बड़ी चुनौती है।
