विक्टोरिया,10 जनवरी (युआईटीवी)- दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया के राज्य विक्टोरिया में भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी है। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और तेज हवाओं के बीच फैली आग ने न सिर्फ जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है,बल्कि राज्य के कई हिस्सों को आपदा की स्थिति में धकेल दिया है। आगजनी की इस भयावह घटना में एक 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है,जबकि हजारों घरों और कारोबारों की बिजली गुल हो गई है। सरकार और आपातकालीन एजेंसियाँ हालात पर काबू पाने के लिए दिन-रात जुटी हुई हैं,लेकिन मौसम की चुनौती और आग की व्यापकता के चलते स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।
विक्टोरिया की प्रीमियर जैसिंटा एलन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुक्रवार दोपहर मेलबर्न से लगभग 110 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित हारकोर्ट शहर के पास एक व्यक्ति की कार में मौत हो गई। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार,प्रीमियर एलन ने स्पष्ट किया कि यह मौत सीधे तौर पर आग की लपटों के कारण नहीं हुई,लेकिन यह घटना उस इलाके के बेहद करीब हुई,जहाँ आग तेजी से फैल रही थी। इस घटना ने आग के खतरों और उससे जुड़ी अप्रत्यक्ष जानलेवा परिस्थितियों की गंभीरता को उजागर कर दिया है।
इसी बीच,मेलबर्न से लगभग 120 किलोमीटर उत्तर में स्थित लॉन्गवुड शहर के पास शुक्रवार को लापता बताए गए तीन लोगों के सुरक्षित मिलने से राहत की खबर सामने आई। बताया गया कि जिन लोगों को लापता माना जा रहा था,उनमें से एक का घर राज्य की सबसे भयावह आग में पूरी तरह तबाह हो गया था। लंबे समय तक संपर्क न होने के कारण उनकी चिंता बढ़ गई थी,लेकिन बाद में सभी सुरक्षित पाए गए। इस बीच,आग बुझाने के प्रयासों में जुटे दमकल कर्मियों को भी नुकसान उठाना पड़ा है। स्थानीय अग्निश्मन अधिकारियों के अनुसार,आग पर काबू पाने के दौरान तीन फायर फाइटर घायल हो गए,जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है।
प्रीमियर जैसिंटा एलन ने बताया कि शनिवार सुबह तक राज्य में कम-से-कम 10 स्थानों पर बड़ी आग सक्रिय थी,जबकि करीब 20 अन्य जगहों पर स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। शुक्रवार को अकेले विक्टोरिया में लगभग 200 अलग-अलग स्थानों पर आग लगने की घटनाएँ दर्ज की गईं। अधिकारियों के मुताबिक,इन आगजनी की घटनाओं का मुख्य कारण अत्यधिक तापमान रहा,जो कई इलाकों में 40 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर चला गया। भीषण गर्मी,शुष्क मौसम और तेज हवाओं ने आग को तेजी से फैलने में मदद की।
राज्य सरकार का अनुमान है कि अब तक 300,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि आग की चपेट में आ चुकी है। इस बड़े पैमाने पर हुई तबाही का असर बुनियादी सुविधाओं पर भी पड़ा है। करीब 38,000 घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है,जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में संचार सेवाएँ भी बाधित हुई हैं,जिससे राहत और बचाव कार्यों में चुनौतियाँ बढ़ गई हैं।
हालाँकि,शनिवार को तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई,लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के चलते आग का खतरा अभी टला नहीं है। इमरजेंसी मैनेजमेंट अधिकारियों का कहना है कि बदलती हवा की दिशा आग को नए इलाकों की ओर मोड़ सकती है,जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। इसी कारण लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
आग से संपत्ति और पर्यावरण को भी भारी नुकसान हुआ है। इमरजेंसी मैनेजमेंट अधिकारियों के मुताबिक,विक्टोरिया में कम से कम 120 इमारतें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। इसके अलावा,बड़ी संख्या में जानवरों की मौत की आशंका जताई जा रही है,जबकि कई वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से बेघर हो गए हैं। जंगलों और कृषि भूमि के जलने से पारिस्थितिकी तंत्र को दीर्घकालिक नुकसान होने की चिंता भी जताई जा रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विक्टोरिया राज्य सरकार ने 19 इलाकों में आपदा की स्थिति घोषित कर दी है। इस घोषणा के तहत अधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं,ताकि वे आग बुझाने के लिए आवश्यक कदम उठा सकें,आवाजाही पर नियंत्रण कर सकें और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए निजी संपत्तियों पर अस्थायी रूप से कब्जा कर सकें। सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए राहत केंद्र स्थापित किए हैं और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
विक्टोरिया में फैली यह आग एक बार फिर जलवायु परिवर्तन,बढ़ते तापमान और प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे की ओर ध्यान खींचती है। फिलहाल राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती जान-माल की सुरक्षा और आग पर पूरी तरह काबू पाना है,ताकि हालात को और बिगड़ने से रोका जा सके।
