अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

‘वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति’ बताने वाली फोटो पर मचा सियासी बवाल,ट्रंप के दावों से गरमाई अंतर्राष्ट्रीय राजनीति

वाशिंगटन,12 जनवरी (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयानों और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर वैश्विक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। इस बार वजह बनी एक ऐसी फोटो,जिसे ट्रंप ने खुद शेयर किया है और जिसमें उन्हें ‘वेनेजुएला का एक्टिंग प्रेसिडेंट’ यानी कार्यवाहक राष्ट्रपति बताया गया है। यह तस्वीर किसी आधिकारिक दस्तावेज की नहीं,बल्कि विकिपीडिया के एक एडिटेड पेज की लग रही है,जिसमें ट्रंप को जनवरी 2026 तक ‘वेनेजुएला का राष्ट्रपति’ दिखाया गया है। इसी पेज में उनके असली और आधिकारिक पद,यानी यूनाइटेड स्टेट्स के 45वें और 47वें राष्ट्रपति होने का भी जिक्र है। इस फोटो के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर कूटनीतिक हलकों तक हलचल तेज हो गई है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है,जब ट्रंप लगातार वेनेजुएला को लेकर अपने बयानों से संकेत दे रहे हैं कि अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों में एक नया मोड़ आ चुका है। हाल ही में ट्रंप ने कहा था कि यूनाइटेड स्टेट्स वेनेजुएला की नई लीडरशिप के साथ “बहुत अच्छे से” काम कर रहा है। उन्होंने बेहतर होते संबंधों के उदाहरण के तौर पर तेल शिपमेंट और दोनों देशों के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत का हवाला दिया था। इसी पृष्ठभूमि में ट्रंप द्वारा शेयर की गई यह फोटो महज एक मजाकिया या प्रतीकात्मक पोस्ट है या फिर किसी बड़े राजनीतिक संदेश की ओर इशारा करती है,इस पर बहस छिड़ गई है।

एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से काराकस में नई लीडरशिप के साथ अमेरिका के रिश्तों के बारे में सवाल पूछा गया,तो उन्होंने आत्मविश्वास भरे अंदाज में कहा, “वेनेजुएला में सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है। हम लीडरशिप के साथ बहुत अच्छे से काम कर रहे हैं और देखेंगे कि आगे सब कैसा रहता है।” यह बयान ऐसे वक्त आया,जब अमेरिका द्वारा किए गए एक सैन्य और राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद निकोलस मादुरो को वेनेजुएला के नेता के पद से हटा दिया गया था। इस बदलाव के बाद से ही अमेरिका की भूमिका को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठते रहे हैं।

ट्रंप ने इस बातचीत में वेनेजुएला के तेल संसाधनों का भी खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वेनेजुएला ने अमेरिका से तेल की एक बड़ी खेप लेने की इच्छा जताई थी। ट्रंप के शब्दों में, “उन्होंने हमसे पूछा,क्या हम 50 मिलियन बैरल तेल ले सकते हैं? और मैंने कहा, हाँ, हम ले सकते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियों ने वेनेजुएला में जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई है और वहाँ निवेश को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। ट्रंप ने ऊर्जा कंपनियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी और किसी भी तरह की समस्या नहीं होगी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला में बीते वर्षों की राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के लिए अमेरिका की पूर्व सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पहले हालात इसलिए खराब थे क्योंकि “उनके पास ट्रंप प्रेसिडेंट नहीं थे।” ट्रंप का यह बयान उनके आलोचकों के लिए विवाद का एक और कारण बन गया है,क्योंकि इसे वेनेजुएला के आंतरिक मामलों में अमेरिकी दखल के रूप में देखा जा रहा है। हालाँकि,ट्रंप समर्थकों का कहना है कि अमेरिका अब वेनेजुएला को स्थिरता और सुरक्षा देने की दिशा में काम कर रहा है।

इससे पहले भी ट्रंप ने वेनेजुएला और क्यूबा को लेकर एक सख्त सोशल मीडिया पोस्ट की थी,जिसमें उन्होंने दावा किया था कि अब वेनेजुएला से क्यूबा को न तो तेल मिलेगा और न ही पैसा। उन्होंने यह भी लिखा था कि दोनों देशों के बीच दूरी बनाए रखने में यूनाइटेड स्टेट्स की सेना की अहम भूमिका होगी। इस पोस्ट में ट्रंप ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि वेनेजुएला को अब उन “गुंडों और जबरन वसूली करने वालों” से सुरक्षा की जरूरत नहीं है,जिन्होंने वर्षों तक देश को बंधक बनाकर रखा।

ट्रंप ने अपने संदेश में यह भी कहा कि अब वेनेजुएला के पास यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका है,जिसके पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है और अमेरिका वेनेजुएला की रक्षा करेगा। इस बयान ने कई देशों को चिंतित कर दिया है,क्योंकि इसे संप्रभुता और अंतर्राष्ट्रीय कानून के नजरिये से देखा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि किसी भी देश के लिए इस तरह के बयान यह संकेत देते हैं कि अमेरिका खुद को वेनेजुएला का संरक्षक या नियंत्रक मान रहा है।

ट्रंप द्वारा शेयर की गई ‘वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति’ वाली फोटो को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोग इसे ट्रंप की आदत के मुताबिक एक उकसाने वाला और ध्यान खींचने वाला कदम मान रहे हैं,जबकि कुछ विश्लेषक इसे एक राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं,जो यह दिखाता है कि अमेरिका वेनेजुएला की नई सत्ता व्यवस्था में कितनी गहराई से शामिल है। विकिपीडिया जैसे खुले प्लेटफॉर्म पर एडिट की गई जानकारी को शेयर करना भी राष्ट्रपति पद की गरिमा और जिम्मेदारी को लेकर बहस को जन्म दे रहा है।

ट्रंप के इस कदम ने अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों को लेकर अनिश्चितता और जिज्ञासा दोनों बढ़ा दी हैं। एक तरफ ट्रंप बेहतर रिश्तों,तेल सौदों और सुरक्षा की बात कर रहे हैं,तो दूसरी तरफ उनकी बयानबाजी और प्रतीकात्मक हरकतें अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में नए सवाल खड़े कर रही हैं। आने वाले समय में यह साफ होगा कि यह सब सिर्फ बयान और तस्वीरों तक सीमित रहता है या फिर वेनेजुएला के भविष्य में अमेरिका की भूमिका और अधिक गहरी होने वाली है।