एलन मस्क

एप्पल–गूगल एआई साझेदारी पर एलन मस्क का तीखा हमला,बोले—यह शक्ति का खतरनाक केंद्रीकरण है

नई दिल्ली,13 जनवरी (युआईटीवी)- टेस्ला के सीईओ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फर्म एक्सएआई के संस्थापक एलन मस्क ने एप्पल के एक हालिया फैसले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मस्क ने एप्पल द्वारा अगली पीढ़ी के सिरी और एप्पल फाउंडेशन मॉडल के लिए गूगल के जेमिनी एआई मॉडल को अपनाने के फैसले की तीखी आलोचना करते हुए इसे “गूगल के हाथों में शक्ति का अनुचित और खतरनाक केंद्रीकरण” करार दिया है। उन्होंने यह टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उस समय की,जब गूगल ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि एप्पल के साथ बहुवर्षीय साझेदारी के तहत जेमिनी एआई मॉडल और गूगल क्लाउड तकनीक का इस्तेमाल एप्पल की नई एआई सुविधाओं में किया जाएगा।

एलन मस्क का कहना है कि गूगल पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े टेक प्लेटफॉर्म्स में से एक है। एंड्रॉयड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम,क्रोम ब्राउजर और सर्च इंजन के जरिए गूगल का अरबों यूजर्स पर प्रभाव है। ऐसे में एप्पल जैसी दिग्गज कंपनी का अपने एआई इकोसिस्टम के लिए गूगल पर निर्भर होना,ताकत के संतुलन को और बिगाड़ सकता है। मस्क ने लिखा कि जब एक ही कंपनी के पास सर्च,ब्राउजर,मोबाइल सिस्टम और अब एआई का नियंत्रण होगा,तो प्रतिस्पर्धा कमजोर पड़ेगी और नवाचार पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है,जब एप्पल अपनी एआई क्षमताओं को तेजी से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। हाल के महीनों में एप्पल ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह सिरी को एक ज्यादा स्मार्ट,संवादात्मक और जनरेटिव एआई आधारित असिस्टेंट बनाना चाहता है। इसी दिशा में कंपनी ने ओपनएआई के चैटजीपीटी को सिरी में इंटीग्रेट करने का फैसला किया है और अब गूगल के जेमिनी मॉडल के इस्तेमाल की भी पुष्टि हो चुकी है। एप्पल का तर्क है कि वह अपने यूजर्स को बेहतर अनुभव देने के लिए सर्वश्रेष्ठ तकनीकों को अपनाना चाहता है,चाहे वह बाहरी साझेदारों से ही क्यों न आएं।

हालाँकि,एलन मस्क इस दलील से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि एप्पल को अपनी स्वतंत्र एआई क्षमताओं पर ज्यादा जोर देना चाहिए था या फिर ओपन-सोर्स और विविध विकल्पों को अपनाना चाहिए था। मस्क के अनुसार,एक ही कंपनी पर अत्यधिक निर्भरता भविष्य में तकनीकी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर जोखिम पैदा कर सकती है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि गूगल पर पहले से ही अमेरिका और कई अन्य देशों में एकाधिकार को लेकर जाँच चल रही है,खासकर सर्च,डिजिटल विज्ञापन और ब्राउजर के क्षेत्र में। ऐसे माहौल में गूगल की भूमिका को और बढ़ाना चिंताजनक है।

यह विवाद केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है। एलन मस्क की कंपनी एक्सएआई पहले ही एप्पल और ओपनएआई के खिलाफ कानूनी लड़ाई में शामिल है। यह मुकदमा सिरी में चैटजीपीटी को जोड़ने के फैसले से जुड़ा हुआ है। मस्क का आरोप है कि एप्पल के ऐप स्टोर के नियम और तौर-तरीके उनकी एआई सेवा ग्रोक जैसे प्रतिद्वंद्वियों के लिए नुकसानदायक हैं। उनका कहना है कि एप्पल चुनिंदा कंपनियों को प्राथमिकता देकर प्रतिस्पर्धा के मैदान को असमान बना रहा है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक,यह मामला अदालत में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में इस पर अहम कानूनी फैसले आ सकते हैं।

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में ग्रोक को लेकर हाल में हुई अंतर्राष्ट्रीय आलोचना भी अहम है। एलन मस्क की एआई सेवा ग्रोक को इंडोनेशिया,मलेशिया सहित कई देशों में प्रतिबंधित कर दिया गया है। आरोप है कि इस एआई ने बिना अनुमति के आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीरें बनाई थीं,जिनमें नाबालिगों से जुड़ा कंटेंट भी शामिल था। इन आरोपों के बाद कई सरकारों और नियामक संस्थाओं ने एक्सएआई और एक्स कॉर्प के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।

भारत में भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक्स कॉर्प के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने में नाकाम रहा है। मंत्रालय के अनुसार,डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी है कि वे भारतीय कानूनों और सामाजिक मानदंडों का पालन करें,खासकर जब बात बच्चों और संवेदनशील कंटेंट की हो। इन घटनाओं ने ग्रोक और एक्सएआई की साख पर सवाल खड़े किए हैं,जिससे मस्क की स्थिति और जटिल हो गई है।

दूसरी ओर,गूगल लगातार अपने जेमिनी एआई को और ज्यादा सक्षम बनाने में जुटा हुआ है। हाल ही में कंपनी ने जेमिनी से जुड़ी कई नई सुविधाओं की घोषणा की है,जिनमें एआई इनबॉक्स जैसी सेवाएँ शामिल हैं। इनका मकसद यूजर्स को ज्यादा निजी,संदर्भ-आधारित और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। फिलहाल ये सुविधाएँ अमेरिका में चुनिंदा यूजर्स के लिए शुरू की गई हैं,लेकिन आने वाले समय में इन्हें व्यापक स्तर पर रोलआउट करने की योजना है। गूगल का दावा है कि उसकी एआई तकनीक सुरक्षा,गोपनीयता और पारदर्शिता के उच्च मानकों पर आधारित है।

इसी बीच,एलन मस्क की कंपनी एक्सएआई भी आक्रामक विस्तार के रास्ते पर है। इस महीने की शुरुआत में एक्सएआई ने बताया कि उसने 20 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई है। इस निवेश में एनवीडिया,वेलर इक्विटी पार्टनर्स और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसी बड़ी वैश्विक संस्थाएँ शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक,एक्सएआई हर महीने लगभग 1 अरब डॉलर खर्च कर रही है,जो एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च में भारी निवेश का संकेत देता है। मस्क पहले ही यह खुलासा कर चुके हैं कि उनकी कंपनी अमेरिका के मेम्फिस में अपने डेटा सेंटर की क्षमता को करीब 2 गीगावाट तक बढ़ा रही है,ताकि एआई मॉडल्स को ज्यादा बड़े पैमाने पर ट्रेन किया जा सके।

एप्पल–गूगल एआई साझेदारी पर एलन मस्क की आलोचना केवल दो कंपनियों के बीच मतभेद नहीं है,बल्कि यह भविष्य की तकनीकी शक्ति,प्रतिस्पर्धा और नियंत्रण को लेकर चल रही वैश्विक बहस का हिस्सा बन चुकी है। जहाँ एक ओर एप्पल और गूगल इसे बेहतर यूजर अनुभव और तकनीकी प्रगति का कदम बता रहे हैं,वहीं मस्क जैसे उद्यमी इसे डिजिटल दुनिया में शक्ति के अत्यधिक केंद्रीकरण के रूप में देख रहे हैं। आने वाले समय में यह विवाद न केवल अदालतों में,बल्कि वैश्विक एआई नीति और नियमन की दिशा में भी अहम भूमिका निभा सकता है।