नई दिल्ली,14 जनवरी (युआईटीवी)- भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनकर एक बार फिर क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। यह उपलब्धि कोहली की उल्लेखनीय निरंतरता और क्रिकेट के सर्वोच्च स्तर पर लंबे समय तक टिके रहने को दर्शाती है,जिससे वे क्रिकेट के इतिहास के महानतम बल्लेबाजों में शुमार हो गए हैं।
कोहली ने श्रीलंका के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी कुमार संगकारा के अंतर्राष्ट्रीय रनों के रिकॉर्ड को तोड़कर यह मुकाम हासिल किया है। इसके साथ ही,वे सर्वकालिक सूची में दूसरे स्थान पर हैं,उनसे आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर हैं,जो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। इस मुकाम तक पहुँचने से कोहली की विरासत और भी मजबूत होती है,जो सभी प्रारूपों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में से एक हैं।
कोहली की इस उपलब्धि को और भी खास बनाती है उनकी रनों की रफ्तार। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 28,000 रन का आँकड़ा पार करने वाले वे सबसे तेज खिलाड़ी हैं और उन्होंने यह उपलब्धि अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में काफी कम पारियों में हासिल की है। यह न केवल उनकी प्रतिभा को दर्शाता है,बल्कि परिस्थितियों,विरोधियों और प्रारूपों के अनुसार अपने खेल को ढालने की उनकी क्षमता को भी प्रदर्शित करता है।
पिछले कई वर्षों से,कोहली टेस्ट,वनडे और टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भारत की बल्लेबाजी के स्तंभ रहे हैं। रनों के प्रति उनकी भूख,मजबूत फिटनेस और मानसिक दृढ़ता ने उन्हें एक दशक से अधिक समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम बनाया है,भले ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की माँगें लगातार बढ़ती रही हों।
कोहली जैसे-जैसे अपने रनों की संख्या बढ़ाते जा रहे हैं,प्रशंसक और विशेषज्ञ दोनों ही इस बात पर पैनी नजर रखेंगे कि वे इस रिकॉर्ड को कितना आगे ले जा सकते हैं। फिलहाल,अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनना उनके असाधारण करियर में एक और मील का पत्थर है।
