नई दिल्ली,17 जनवरी (युआईटीवी)- पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की 17 से 19 जनवरी तक अपनी पत्नी और प्रसिद्ध लेखिका ऐनी एप्पलबाउम के साथ भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इस दौरे की जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्रा भारत और पोलैंड के बीच बढ़ते रणनीतिक,राजनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान सिकोर्स्की की नई दिल्ली में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है,जबकि वे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी शिरकत करेंगे।
दौरे की शुरुआत शनिवार को जयपुर से होगी,जहाँ रादोस्लाव सिकोर्स्की और ऐनी एप्पलबाउम विश्व प्रसिद्ध जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में हिस्सा लेंगे। यह महोत्सव साहित्य,विचार और वैश्विक विमर्श का एक अहम मंच माना जाता है,जहाँ राजनीति,इतिहास,कूटनीति और संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा होती है। ऐनी एप्पलबाउम एक जानी-मानी लेखिका और इतिहासकार हैं,जिनकी किताबें लोकतंत्र,अधिनायकवाद और यूरोपीय राजनीति जैसे विषयों पर केंद्रित रही हैं। ऐसे में इस साहित्यिक मंच पर उनकी उपस्थिति भारत और पोलैंड के बीच सांस्कृतिक और बौद्धिक संवाद को भी मजबूती देगी।
जयपुर में कार्यक्रमों के बाद सिकोर्स्की दंपति रविवार को नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। राजधानी में सोमवार को उनकी मुलाकात विदेश मंत्री एस. जयशंकर से होगी, जहाँ दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है,जब भारत और पोलैंड अपने रणनीतिक सहयोग को नए आयाम देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
दरअसल,भारत और पोलैंड के बीच पिछले महीने नई दिल्ली में विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) का 11वां दौर आयोजित हुआ था। इस बैठक में दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी,साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग को तेज करने पर सहमति जताई थी। इस परामर्श की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और पोलैंड की ओर से विदेश मामलों के सचिव व्लादिस्लाव टी. बार्तोशेव्स्की ने की थी। बैठक के दौरान रणनीतिक साझेदारी के तहत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा भी की गई।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार,इस परामर्श में अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान बनी पाँच वर्षीय कार्य योजना (2024–2028) के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया। इस कार्य योजना के तहत दोनों देशों ने राजनीतिक संवाद को मजबूत करने,आर्थिक सहयोग बढ़ाने और रक्षा व तकनीकी क्षेत्रों में साझेदारी को गहरा करने का लक्ष्य तय किया है। सिकोर्स्की का यह दौरा उसी कार्य योजना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
वार्ता के दौरान आतंकवाद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा था। भारत और पोलैंड दोनों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से मिलकर लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी। यह साझा रुख वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में दोनों देशों की सोच को दर्शाता है। इसके अलावा पोलैंड ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द अंतिम रूप दिए जाने का समर्थन भी किया था। यह समर्थन भारत के लिए खासा महत्वपूर्ण है,क्योंकि यूरोपीय संघ भारत का एक बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
आर्थिक दृष्टि से देखें तो पोलैंड मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश लगातार बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इसके और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है। रक्षा उपकरणों,ऑटोमोबाइल,फार्मास्यूटिकल्स,आईटी और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। ऐसे में सिकोर्स्की की यात्रा से इन क्षेत्रों में ठोस प्रगति की राह खुल सकती है।
गौरतलब है कि सितंबर में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रादोस्लाव सिकोर्स्की के बीच टेलीफोन पर बातचीत भी हुई थी। उस बातचीत के दौरान यूक्रेन संघर्ष एक अहम मुद्दा रहा था। जयशंकर ने भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा था कि भारत यूक्रेन में जल्द-से-जल्द युद्धविराम और स्थायी समाधान के पक्ष में है। पोलैंड ने अपनी सुरक्षा से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर चिंता जताई थी,जिस पर भारत ने संवाद और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया था।
रादोस्लाव सिकोर्स्की का भारत दौरा केवल औपचारिक कूटनीतिक यात्रा नहीं,बल्कि रणनीतिक,आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर भारत–पोलैंड संबंधों को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल से लेकर नई दिल्ली में होने वाली उच्चस्तरीय वार्ता तक,यह यात्रा दोनों देशों के बीच भरोसे और सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं से भरी हुई है।
