श्रेयस अय्यर (तस्वीर क्रेडिट@surendraYadav22)

टी20 वर्ल्ड कप से पहले बड़ा फैसला,न्यूजीलैंड सीरीज के लिए श्रेयस अय्यर और रवि बिश्नोई की टीम इंडिया में वापसी,वाशिंगटन सुंदर साइड स्ट्रेन की वजह से बाहर

नई दिल्ली,17 जनवरी (युआईटीवी)- भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पाँच मैचों की टी20 अंतर्राष्ट्रीय सीरीज के लिए टीम में अहम बदलाव करते हुए दाएं हाथ के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर और लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को शामिल किया है। यह सीरीज 21 जनवरी से नागपुर में शुरू होगी और 31 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में समाप्त होगी। खास बात यह है कि यह सीरीज 7 फरवरी से शुरू होने जा रहे पुरुष टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम का आखिरी अंतर्राष्ट्रीय असाइनमेंट होगी,ऐसे में चयनकर्ताओं के इन फैसलों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बीसीसीआई द्वारा जारी जानकारी के अनुसार रवि बिश्नोई को चोटिल ऑफ स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर की जगह टीम में शामिल किया गया है। वहीं श्रेयस अय्यर को बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक वर्मा की गैरमौजूदगी में शुरुआती तीन मुकाबलों के लिए चुना गया है। तिलक वर्मा पेट के निचले हिस्से की सर्जरी से उबर रहे हैं और फिलहाल पूरी तरह फिट नहीं हैं,जिसके चलते चयनकर्ताओं ने अनुभव को तरजीह देते हुए अय्यर को टीम में वापस बुलाया है।

रवि बिश्नोई की वापसी को भारतीय गेंदबाजी संयोजन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। लेग स्पिनर के तौर पर बिश्नोई ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने आखिरी बार फरवरी 2025 में मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मुकाबले में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। अब तक खेले गए 42 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में बिश्नोई ने 7.35 की इकॉनमी रेट से 61 विकेट हासिल किए हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत तेज गति से की गई लेग स्पिन और फ्लैट गेंदें मानी जाती हैं,जो खासकर मध्य ओवरों में रन रोकने के साथ-साथ विकेट निकालने में कारगर साबित होती हैं। वाशिंगटन सुंदर के चोटिल होने से टीम के पास ऑफ स्पिन का विकल्प जरूर कम हुआ है,लेकिन बिश्नोई की मौजूदगी से कप्तान को बीच के ओवरों में आक्रामक गेंदबाजी विकल्प मिलेगा।

वहीं श्रेयस अय्यर की वापसी भारतीय बल्लेबाजी क्रम को मजबूती देने के उद्देश्य से की गई है। अय्यर ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के लिए टी20 मैच खेला था। इसके बाद से वह टी20 टीम से बाहर चल रहे थे,लेकिन घरेलू क्रिकेट और अन्य फॉर्मेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान एक बार फिर उनकी ओर खींचा है। अय्यर ने अब तक 51 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में 30.66 की औसत से 1,104 रन बनाए हैं,जिसमें 8 अर्धशतक शामिल हैं। मध्यक्रम में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है,खासकर तब जब टीम को पारी को संभालने और रन गति बनाए रखने की जरूरत होती है।

न्यूजीलैंड के खिलाफ यह सीरीज भारतीय टीम के लिए कई मायनों में परीक्षा की तरह होगी। एक ओर टीम प्रबंधन खिलाड़ियों के फॉर्म और फिटनेस पर नजर रखेगा,तो दूसरी ओर टी20 वर्ल्ड कप के लिए अंतिम रणनीति को भी परखने का मौका मिलेगा। अय्यर और बिश्नोई दोनों ही ऐसे खिलाड़ी हैं,जो अनुभव और मैच की समझ के साथ टीम को संतुलन प्रदान कर सकते हैं। चयनकर्ताओं के लिए यह देखना भी अहम होगा कि दबाव वाले मुकाबलों में ये खिलाड़ी कितना असरदार प्रदर्शन कर पाते हैं।

सीरीज का पहला मुकाबला 21 जनवरी को नागपुर में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा मैच 23 जनवरी को रायपुर में आयोजित होगा। तीसरा टी20 मुकाबला 25 जनवरी को गुवाहाटी में खेला जाएगा,जबकि चौथा मैच 28 जनवरी को विशाखापत्तनम में होगा। सीरीज का अंतिम और पाँचवां मुकाबला 31 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। अलग-अलग मैदानों पर होने वाले इन मुकाबलों से टीम इंडिया को विभिन्न परिस्थितियों में खुद को परखने का मौका मिलेगा।

श्रेयस अय्यर और रवि बिश्नोई की टीम में वापसी को टी20 वर्ल्ड कप से पहले एक रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। जहाँ अय्यर मध्यक्रम को स्थिरता और अनुभव देंगे,वहीं बिश्नोई गेंदबाजी आक्रमण को विविधता प्रदान करेंगे। न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ यह सीरीज न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए,बल्कि टीम प्रबंधन के लिए भी यह तय करने का मंच होगी कि वर्ल्ड कप में किस संयोजन के साथ उतरना सबसे बेहतर रहेगा।

भारत की टी20 टीम:

सूर्यकुमार यादव (कप्तान),संजू सैमसन (विकेटकीपर),अभिषेक शर्मा, श्रेयस अय्यर (शुरुआती तीन टी20 मुकाबलों के लिए),शिवम दुबे,हार्दिक पांड्या,अक्षर पटेल (उपकप्तान),जसप्रीत बुमराह,रिंकू सिंह,हर्षित राणा,अर्शदीप सिंह,ईशान किशन (विकेटकीपर),कुलदीप यादव,वरुण चक्रवर्ती,रवि बिश्नोई।