मैड्रिड,19 जनवरी (युआईटीवी)- स्पेन के दक्षिणी हिस्से में स्थित ऐतिहासिक शहर कॉर्डोबा के पास सोमवार रात एक भीषण रेल हादसा हो गया,जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में दो हाई-स्पीड ट्रेनों की आमने-सामने टक्कर हो गई,जिसमें अब तक कम-से-कम 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है,जबकि 70 से ज्यादा यात्री घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में से करीब 30 की हालत गंभीर है और उन्हें आसपास के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने इस हादसे की जानकारी देते हुए इसे “भयानक और अभूतपूर्व” करार दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,मलागा से राजधानी मैड्रिड जा रही एक हाई-स्पीड ट्रेन,जिसमें कुल 317 यात्री सवार थे,कॉर्डोबा से लगभग 20 किलोमीटर दूर अदामुज इलाके के पास अज्ञात कारणों से पटरी से उतर गई। पटरी से उतरने के बाद ट्रेन पास की दूसरी लाइन पर चली गई,जहाँ उसी समय मैड्रिड से हुएल्वा की ओर जा रही दूसरी हाई-स्पीड ट्रेन आ रही थी। कुछ ही पलों में दोनों ट्रेनों के बीच भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ट्रेनों के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने बताया कि मलागा-मैड्रिड ट्रेन के आखिरी दो डिब्बे सामने से आ रही ट्रेन के पहले दो डिब्बों से टकरा गए। इस सीधी टक्कर के कारण दोनों ट्रेनों को भारी नुकसान हुआ और बड़ी संख्या में यात्री उसके चपेट में आ गए। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और कई यात्री डिब्बों में फँस गए। अँधेरे और क्षतिग्रस्त पटरियों के बीच राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
हादसे की सूचना मिलते ही अंडालूसिया क्षेत्र की आपातकालीन सेवाएँ तुरंत मौके पर पहुँचीं। पुलिस,फायर ब्रिगेड,मेडिकल टीमें और एंबुलेंसों को तुरंत रवाना किया गया। राहत और बचाव कार्य में स्पेन की सैन्य आपातकालीन इकाई को भी तैनात किया गया,जिसने फँसे हुए यात्रियों को बाहर निकालने और घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों ने भी मानवता का परिचय देते हुए राहत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मामूली रूप से घायल यात्रियों को पास के एक केंद्र तक पहुँचाया,जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
घायलों को कॉर्डोबा और आसपास के शहरों के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है और अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ को तैनात किया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक कई घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है,ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा और अधिकारियों ने बताया कि पूरी तरह स्थिति नियंत्रण में आने में अभी समय लग सकता है।
इस भीषण हादसे पर स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह देश के लिए बेहद दर्दनाक रात है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। प्रधानमंत्री ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। स्पेन के शाही परिवार ने भी इस हादसे पर शोक संदेश जारी करते हुए पीड़ितों के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताई है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारण प्रभावित रेल मार्गों पर सेवाएँ कम-से-कम मंगलवार तक बंद रहेंगी। रेलवे कंपनी एडिफ ने यात्रियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए मैड्रिड के आटोचा स्टेशन,मलागा और हुएल्वा में विशेष जानकारी केंद्र स्थापित किए हैं। इसके अलावा एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है,ताकि लोग अपने परिजनों की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। कई यात्रियों के परिजन स्टेशन और अस्पतालों के बाहर अपनों की खबर का इंतजार करते नजर आए,जहाँ का माहौल बेहद भावुक था।
फिलहाल हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी गई है। शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या सिग्नलिंग सिस्टम में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है,हालाँकि अधिकारियों का कहना है कि जाँच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुँचा जा सकेगा। रेलवे सुरक्षा मानकों और हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि स्पेन का यह सबसे बड़ा रेल हादसा नहीं है। इससे पहले जुलाई 2013 में भी एक बड़ा रेल हादसा हुआ था,जब अत्यधिक रफ्तार के कारण एक ट्रेन पटरी से उतर गई थी और उसमें 79 लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना ने पूरे देश को हिला दिया था और रेलवे सुरक्षा को लेकर व्यापक सुधारों की बात उठी थी। ताजा हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अत्याधुनिक तकनीक के बावजूद रेलवे सुरक्षा में कहीं न कहीं गंभीर चूक हो रही है।
इस दर्दनाक घटना ने न सिर्फ स्पेन बल्कि पूरे यूरोप में शोक की लहर दौड़ा दी है। अब सभी की निगाहें जाँच रिपोर्ट पर टिकी हैं,जो यह बताएगी कि आखिर दो हाई-स्पीड ट्रेनों की आमने-सामने टक्कर जैसी भयावह दुर्घटना कैसे हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएँगे।
