नई दिल्ली,19 जनवरी (युआईटीवी)- भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) एक बार फिर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और चुनाव प्रबंधन में अपनी वैश्विक भूमिका को मजबूती देने जा रहा है। 21 जनवरी से नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर भारत अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन,यानी आईआईसीडीईएम 2026 का आयोजन होने जा रहा है। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 23 जनवरी तक चलेगा और इसे इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईसीडीईएम) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने इसे लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन करार दिया है,जो भारत की संस्थागत क्षमता और चुनावी अनुभव को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करेगा।
इस सम्मेलन में दुनिया भर के 70 से अधिक देशों से करीब 100 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इनके साथ-साथ विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संगठनों,भारत में स्थित विदेशी मिशनों और चुनावी क्षेत्र से जुड़े अकादमिक व प्रैक्टिसिंग विशेषज्ञों की भी सक्रिय भागीदारी होगी। यह आयोजन न केवल अनुभव साझा करने का मंच बनेगा,बल्कि वैश्विक चुनावी प्रक्रियाओं में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर सामूहिक विमर्श का अवसर भी प्रदान करेगा। भारतीय चुनाव आयोग का मानना है कि इस तरह के संवाद से लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत किया जा सकता है।
21 जनवरी को होने वाले उद्घाटन सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार,चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत करेंगे और सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत करेंगे। उद्घाटन सत्र के साथ ही तीन दिवसीय कार्यक्रम में चुनाव प्रबंधन निकायों,यानी इलेक्टोरल मैनेजमेंट बॉडीज (ईएमबी),के लिए सामान्य और पूर्ण सत्र आयोजित किए जाएँगे। इनमें ईएमबी नेताओं का पूर्ण सत्र,ईएमबी कार्यकारी समूह की बैठकें और कई विषयगत सत्र शामिल होंगे,जिनमें वैश्विक चुनावी मुद्दों,मॉडल अंतर्राष्ट्रीय चुनावी मानकों,चुनावी प्रक्रियाओं में नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन की एक खास विशेषता यह है कि इसमें कुल 36 थीमेटिक ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नेतृत्व की भूमिका निभाएँगे। इन समूहों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अकादमिक विशेषज्ञों का सहयोग रहेगा,जिससे चर्चा को व्यावहारिक और शोध-आधारित दृष्टिकोण मिलेगा। प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी इस सम्मेलन को और भी महत्वपूर्ण बनाती है। इसमें चार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी),छह भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम),बारह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) और भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) शामिल हैं। इन संस्थानों की सहभागिता से चुनावी प्रक्रियाओं को प्रशासनिक,तकनीकी,कानूनी और संचार के नजरिये से समझने का अवसर मिलेगा।
भारतीय चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सम्मेलन के दौरान दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों के साथ 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें आयोजित की जाएँगी। इन बैठकों का उद्देश्य विभिन्न देशों के सामने आने वाली चुनावी चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना और आपसी सहयोग को आगे बढ़ाना है। डिजिटल युग में चुनावों की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आयोग इस सम्मेलन के दौरान ईसीनेट को औपचारिक रूप से लॉन्च करेगा। ईसीनेट,चुनाव से जुड़ी सभी जानकारियों और सेवाओं के लिए ईसीआई का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा,जिसे वन-स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में विकसित किया गया है।
सम्मेलन के साथ-साथ एक व्यापक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा,जिसमें भारत जैसे विशाल और विविध देश में चुनाव कराने की जटिलता और पैमाने को प्रदर्शित किया जाएगा। इस प्रदर्शनी में चुनाव के दो प्रमुख स्तंभों,यानी मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव संचालन,को मजबूत करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा हाल के वर्षों में की गई पहलों को विशेष रूप से दिखाया जाएगा। यह प्रदर्शनी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को यह समझने का अवसर देगी कि किस तरह भारत तकनीक,प्रशासनिक दक्षता और मानव संसाधनों के समन्वय से दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास सफलतापूर्वक संचालित करता है।
आईआईसीडीईएम 2026 के पहले दिन ‘इंडिया डिसाइड्स’ नामक एक डॉक्यूमेंट्री सीरीज का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस डॉक्यूमेंट्री में लोकसभा 2024 के चुनावों को आयोजित करने की पूरी प्रक्रिया को दर्शाया गया है। दुनिया के सबसे बड़े चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के पीछे की तैयारियों,चुनौतियों और नवाचारों को दिखाने वाली यह सीरीज अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। इससे न केवल भारत के चुनावी अनुभव को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी,बल्कि अन्य देशों को भी अपनी चुनावी प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने की प्रेरणा मिलेगी।
आईआईसीडीईएम 2026 भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है,जिसके माध्यम से वह लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका को और सुदृढ़ कर सकता है। यह सम्मेलन न केवल विचारों के आदान-प्रदान का मंच बनेगा,बल्कि वैश्विक लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में ठोस सहयोग और साझेदारी की नींव भी रखेगा।
