वाशिंगटन,21 जनवरी (युआईटीवी)- संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया भर से आने वाले फुटबॉल प्रशंसकों का भव्य स्वागत करने की तैयारियों में जुट गया है। फीफा विश्व कप को लेकर अमेरिका ने इसे अब तक का सबसे बड़ा और सबसे भव्य खेल आयोजन बताया है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ट्रंप प्रशासन ने विदेशी प्रशंसकों के लिए एक नई फास्ट-ट्रैक वीजा पहल की घोषणा की है,ताकि लाखों दर्शक बिना अनावश्यक देरी के अमेरिका पहुँच सकें और इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट का हिस्सा बन सकें।
अमेरिका के विदेश विभाग ने जानकारी दी है कि 20 जनवरी से एक नई व्यवस्था लागू की जाएगी,जिसे “फीफा प्रायोरिटी अपॉइंटमेंट शेड्यूल सिस्टम” नाम दिया गया है। इसे आम तौर पर “फीफा पास” के रूप में जाना जाएगा। यह नई सुविधा विशेष रूप से उन विदेशी नागरिकों के लिए शुरू की जा रही है,जिनके पास फीफा विश्व कप के मैचों के कंफर्म टिकट हैं और जिन्हें अमेरिका की यात्रा के लिए वीजा की आवश्यकता होती है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि असली और वैध फुटबॉल प्रशंसकों को समय पर वीजा अपॉइंटमेंट मिल सके और वे टूर्नामेंट शुरू होने से पहले अमेरिका पहुँच सकें।
विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विश्व कप जैसे विशाल आयोजन में लाखों विदेशी दर्शकों के आने की संभावना है। ऐसे में सामान्य वीजा प्रक्रिया पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए फीफा पास सिस्टम तैयार किया गया है,ताकि खेल प्रेमियों को प्राथमिकता के आधार पर वीजा साक्षात्कार की तारीख दी जा सके। अधिकारी के अनुसार,इस पहल से वीजा प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित,पारदर्शी और समयबद्ध होगी।
फीफा पास के तहत जिन आवेदकों के पास विश्व कप मैचों के वैध और कंफर्म टिकट होंगे,उन्हें वीजा साक्षात्कार के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि ऐसे आवेदकों को जल्दी अपॉइंटमेंट मिलेगा और उनके वीजा आवेदन पर तेजी से कार्रवाई की जाएगी। अमेरिका का मानना है कि इससे न केवल प्रशंसकों की यात्रा आसान होगी,बल्कि विश्व कप के आयोजन को भी वैश्विक स्तर पर एक सकारात्मक संदेश मिलेगा।
हालाँकि,अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस नई सुविधा के बावजूद आव्रजन नियमों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। वीजा साक्षात्कार के दौरान हर आवेदक को यह साबित करना होगा कि वह अमेरिका के सभी आव्रजन कानूनों और शर्तों को पूरा करता है। आवेदकों को यह दिखाना होगा कि वे केवल विश्व कप देखने के उद्देश्य से अमेरिका आ रहे हैं और टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद अपने देश वापस लौटेंगे। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा जाँच के वही सख्त मानक लागू रहेंगे,जो सामान्य वीजा प्रक्रिया में होते हैं।
विश्व कप के दौरान बढ़ने वाले वीजा आवेदनों के दबाव को सँभालने के लिए विदेश विभाग ने अतिरिक्त संसाधन भी तैनात करने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक,500 से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों को इस प्रक्रिया में लगाया जाएगा,ताकि वीजा आवेदनों का समय पर निपटारा किया जा सके। इन कर्मचारियों की तैनाती से न केवल अपॉइंटमेंट प्रक्रिया तेज होगी,बल्कि साक्षात्कार और दस्तावेजों की जाँच भी अधिक सुचारू रूप से की जा सकेगी।
अमेरिका की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है,जब फीफा विश्व कप का स्वरूप भी ऐतिहासिक होने जा रहा है। यह पहला मौका होगा जब विश्व कप में 48 टीमें हिस्सा लेंगी। यह टूर्नामेंट 11 जून से शुरू होगा और अमेरिका,कनाडा और मैक्सिको मिलकर इसकी मेजबानी करेंगे। अमेरिका के 11 शहरों में कुल 78 मैच खेले जाएँगे,जो इसे अब तक का सबसे विस्तृत और बड़े पैमाने पर आयोजित फीफा विश्व कप बनाता है। फाइनल मुकाबला न्यूयॉर्क–न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा,जिसे लेकर पहले से ही जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि विश्व कप केवल एक खेल आयोजन नहीं है,बल्कि यह देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक एकता का प्रतीक भी है। फीफा पास जैसी पहल के जरिए अमेरिका यह संदेश देना चाहता है कि वह दुनिया भर के प्रशंसकों का खुले दिल से स्वागत करने के लिए तैयार है,बशर्ते सभी नियमों और कानूनों का पालन किया जाए। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय छवि के लिहाज से भी अमेरिका के लिए फायदेमंद साबित होगी।
फुटबॉल प्रशंसकों के बीच इस घोषणा को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोगों का मानना है कि फास्ट-ट्रैक वीजा सिस्टम से आखिरी समय की अनिश्चितताओं और देरी से राहत मिलेगी। खास तौर पर उन देशों के प्रशंसकों के लिए यह सुविधा अहम मानी जा रही है,जहाँ अमेरिकी वीजा प्रक्रिया आम तौर पर लंबी और जटिल मानी जाती है।
फीफा विश्व कप से पहले अमेरिका की यह पहल न केवल आयोजन की भव्यता को दर्शाती है,बल्कि यह भी संकेत देती है कि अमेरिका इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट को सफल और यादगार बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी कर रहा है। फास्ट-ट्रैक वीजा सिस्टम के जरिए अमेरिका एक संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है,जहाँ एक ओर प्रशंसकों को सुविधा मिले और दूसरी ओर सुरक्षा और कानून का पूरा ध्यान रखा जाए।
