नई दिल्ली,22 जनवरी (युआईटीवी)- दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मौत के बाद उनकी निजी और पारिवारिक जिंदगी से जुड़े विवाद अब खुलकर अदालतों के सामने आ गए हैं। उनकी तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने अपनी ननद मंधिरा कपूर और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया है। प्रिया कपूर का आरोप है कि मंधिरा कपूर और संबंधित व्यक्ति ने डिजिटल प्लेटफॉर्म,पॉडकास्ट और मीडिया इंटरव्यू के जरिए उनके खिलाफ लगातार झूठे और अपमानजनक बयान दिए हैं,जिससे उनकी सामाजिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँचा है।
इस मामले में बुधवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रिया कपूर ने बंद कमरे में अपना बयान दर्ज कराया। कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इन-कैमरा कार्यवाही का फैसला किया। प्रिया कपूर ने अपने बयान में कहा कि उनके खिलाफ जो बातें सार्वजनिक मंचों पर कही जा रही हैं,वे न सिर्फ तथ्यात्मक रूप से गलत हैं,बल्कि जानबूझकर उनकी छवि खराब करने के इरादे से फैलाई जा रही हैं।
प्रिया कपूर की ओर से दायर शिकायत में कहा गया है कि कथित मानहानिकारक सामग्री में निजी जीवन पर सीधे हमले किए गए हैं और कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं,जबकि इन आरोपों से जुड़े मामलों में अदालत का अंतिम फैसला आना अभी बाकी है। शिकायत के मुताबिक,इंटरव्यू और पॉडकास्ट के माध्यम से जो सामग्री प्रसारित की गई,उसे बाद में मीडिया के जरिए तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और इससे एक गलत नैरेटिव तैयार हुआ। प्रिया का कहना है कि इस तरह की सार्वजनिक बयानबाजी न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश है और उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने के साथ-साथ समाज में बदनाम करने का माध्यम भी बन रही है।
प्रिया कपूर ने यह भी दावा किया कि ये बयान भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक मानहानि के दायरे में आते हैं। उनका आरोप है कि अदालत में चल रहे मामलों के बावजूद,संबंधित लोग न्यायिक मंच के बजाय मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लेकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कोर्ट से माँग की है कि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
यह विवाद केवल मानहानि तक सीमित नहीं है। संजय कपूर के निधन के बाद उनकी संपत्ति और वसीयत को लेकर भी कानूनी लड़ाई चल रही है,जिसमें संजय कपूर की पहली पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चे समायरा कपूर और कियान कपूर भी पक्षकार हैं। दोनों बच्चों ने प्रिया कपूर पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कोर्ट में फर्जी वसीयत पेश की है और उन्हें उनके पिता की संपत्ति से वंचित करने की कोशिश की जा रही है। इस मामले को लेकर भी अदालत में कार्यवाही जारी है और फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है।
इसी बीच,प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बीच भी एक अलग कानूनी मोर्चा खुल चुका है। सर्वोच्च न्यायालय ने 16 जनवरी को प्रिया कपूर द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए करिश्मा कपूर को नोटिस जारी किया था। इस याचिका में प्रिया कपूर ने संजय कपूर और करिश्मा कपूर के बीच साल 2016 में हुए तलाक से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों की प्रतियाँ माँगी थीं। सुप्रीम कोर्ट ने करिश्मा कपूर को नोटिस जारी करते हुए दो हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
प्रिया कपूर ने अपनी याचिका में माँग की है कि तलाक के मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियाँ उन्हें उपलब्ध कराई जाएँ। इनमें तलाक की याचिका,दोनों पक्षों द्वारा दायर बयान,सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश और विशेष रूप से 2016 में करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बीच हुआ समझौता शामिल है। प्रिया का तर्क है कि संजय कपूर की संपत्ति और वसीयत से जुड़े मौजूदा विवाद को समझने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए ये दस्तावेज बेहद अहम हैं।
कानूनी जानकारों का मानना है कि यह मामला केवल पारिवारिक विवाद नहीं रह गया है,बल्कि अब इसमें आपराधिक मानहानि,संपत्ति अधिकार और पूर्व वैवाहिक समझौतों से जुड़े जटिल कानूनी प्रश्न भी शामिल हो गए हैं। एक ओर प्रिया कपूर खुद को सार्वजनिक रूप से बदनाम किए जाने का आरोप लगा रही हैं,वहीं दूसरी ओर करिश्मा कपूर के बच्चे संपत्ति में अपने हक को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं।
संजय कपूर के अचानक निधन के बाद उनकी निजी जिंदगी से जुड़े कई पहलू सामने आए हैं,जिन पर पहले सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं होती थी। अब ये सभी मुद्दे अदालतों में विचाराधीन हैं। प्रिया कपूर का कहना है कि जब तक कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आ जाता,तब तक किसी भी पक्ष को मीडिया ट्रायल करने का अधिकार नहीं है। वहीं,दूसरी ओर,करिश्मा कपूर के बच्चों का पक्ष है कि उनके पिता की संपत्ति से उन्हें जानबूझकर दूर रखने की कोशिश की जा रही है।
पटियाला हाउस कोर्ट में मानहानि मामले की अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है,लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में समन जारी करने और आगे की प्रक्रिया पर अदालत फैसला कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका और संपत्ति विवाद के मामलों के साथ मिलकर यह पूरा प्रकरण अब एक बड़े कानूनी संघर्ष का रूप ले चुका है,जिस पर न केवल कानूनी जगत बल्कि आम जनता की भी नजर बनी हुई है।
