लूथरा ब्रदर्स (तस्वीर क्रेडिट@thetatvaindia)

ईडी ने गोवा अग्निकांड मामले में की बड़ी कार्रवाई,लुथरा ब्रदर्स से जुड़े आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

नई दिल्ली,23 जनवरी (युआईटीवी)- गोवा में हुए दर्दनाक अग्निकांड से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जाँच तेज कर दी है। ईडी की गोवा यूनिट ने लुथरा ब्रदर्स से जुड़े कुल आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह तलाशी अभियान दिल्ली और गोवा में एक साथ चलाया जा रहा है,जिसमें दिल्ली के पाँच और गोवा के तीन ठिकाने शामिल बताए जा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर गोवा अग्निकांड से जुड़े आर्थिक पहलुओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक,जिन ठिकानों पर ईडी की टीमें पहुँचीं हैं,उनमें लुथरा ब्रदर्स के आवास भी शामिल हैं। ईडी के अधिकारी इन स्थानों पर मौजूद दस्तावेजों,बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों की गहन जाँच कर रहे हैं। एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि आग की घटना से जुड़े पैसों का लेन-देन किस तरह किया गया और क्या इसमें किसी तरह की मनी लॉन्ड्रिंग या अवैध वित्तीय गतिविधियाँ शामिल थीं।

बताया जा रहा है कि यह छापेमारी गोवा अग्निकांड से जुड़े फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जाँच के तहत की जा रही है। ईडी से जुड़े सूत्रों के अनुसार,एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद में किन खातों के जरिए संदिग्ध लेन-देन हुआ,फंड कहाँ से आया और किन लोगों या संस्थाओं तक पहुँचाया गया। जाँच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या किसी तरह से गैरकानूनी तरीके से पैसे को इधर-उधर किया गया या फिर नियमों को दरकिनार कर वित्तीय लाभ कमाया गया।

इस मामले में ईडी की जाँच पहले से दर्ज प्राथमिक मामलों के आधार पर शुरू हुई थी। उन मामलों में सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर ही प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत अपनी पड़ताल आगे बढ़ाई है। शुक्रवार को की गई यह कार्रवाई उसी जाँच की कड़ी मानी जा रही है,जिसमें एक साथ कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।

ईडी की टीमें अलग-अलग जगहों पर एक साथ पहुँचकर तलाशी ले रही हैं,ताकि किसी भी अहम सबूत को नष्ट होने से पहले सुरक्षित किया जा सके। दस्तावेजों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक डेटा,लैपटॉप,मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की भी जाँच की जा रही है। माना जा रहा है कि इन डिजिटल रिकॉर्ड्स के जरिए पैसों के प्रवाह और लेन-देन की पूरी कड़ी को समझने में एजेंसी को मदद मिल सकती है।

हालाँकि,इस पूरी कार्रवाई को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। एजेंसी सूत्रों का कहना है कि तलाशी अभियान और दस्तावेजों की जाँच पूरी होने के बाद ही ईडी अपनी ओर से कोई औपचारिक जानकारी साझा करेगी। फिलहाल जाँच बेहद संवेदनशील मानी जा रही है और हर पहलू को सावधानी से खंगाला जा रहा है।

गौरतलब है कि गोवा में हुआ यह अग्निकांड देश को झकझोर देने वाली घटनाओं में से एक था। इस हादसे में एक नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी,जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के समय क्लब में करीब 100 लोग मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग बाहर निकलने का मौका भी नहीं पा सके और दम घुटने व झुलसने से उनकी जान चली गई।

प्रारंभिक जाँच में सामने आया था कि नाइटक्लब में सजावट के लिए इस्तेमाल किए गए अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैल गई। इसके साथ ही जाँच एजेंसियों ने यह भी पाया कि अग्नि सुरक्षा के नियमों की गंभीर अनदेखी की गई थी। फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी,आपातकालीन निकास मार्गों की उचित व्यवस्था न होना और सुरक्षा मानकों का पालन न किया जाना इस हादसे की बड़ी वजहों में शामिल बताया गया।

आग की घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने क्लब प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की थी और कई स्तरों पर जाँच शुरू की गई थी। इसी क्रम में जब आर्थिक लेन-देन और वित्तीय पहलुओं से जुड़े कुछ संदिग्ध तथ्य सामने आए,तो मामला ईडी के संज्ञान में आया। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जाँच की प्रक्रिया शुरू की गई।

ईडी की मौजूदा कार्रवाई को इस पूरे मामले में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अगर जाँच में वित्तीय अनियमितताओं या अवैध लेन-देन के ठोस सबूत मिलते हैं,तो आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। इससे न सिर्फ गोवा अग्निकांड की जाँच को नई दिशा मिलेगी,बल्कि ऐसे मामलों में आर्थिक जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया भी मजबूत होगी।

फिलहाल ईडी की टीमें तलाशी और दस्तावेजों की जाँच में जुटी हुई हैं। जाँच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि लुथरा ब्रदर्स और गोवा अग्निकांड के बीच वित्तीय स्तर पर क्या संबंध हैं और क्या किसी ने कानून का उल्लंघन कर अवैध रूप से लाभ कमाया। पूरे मामले पर अब देश की नजरें टिकी हुई हैं।