नई दिल्ली,24 जनवरी (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित 18वें रोजगार मेले में देशभर के 61 हजार से अधिक नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए इसे उनके जीवन की नई शुरुआत बताया और कहा कि वर्ष 2026 का आरंभ उनके जीवन में नई खुशियों और नई जिम्मेदारियों का संकेत लेकर आया है। उन्होंने इसे युवाओं के लिए “नेशन बिल्डिंग का इनविटेशन लेटर” करार देते हुए कहा कि सरकारी सेवा में कदम रखना विकसित भारत के निर्माण में सीधे भागीदार बनने जैसा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत मौसम और समय के प्रतीकात्मक संदर्भ से करते हुए कहा कि जैसे हाल ही में बसंत का आगमन हुआ है,वैसे ही नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं के जीवन में भी नई बसंत का आरंभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह समय सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि का नहीं,बल्कि संविधान और राष्ट्र के प्रति दायित्वों को समझने और निभाने का भी है। संयोगवश यह समय देश के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है,क्योंकि गणतंत्र का महापर्व चल रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पराक्रम दिवस मनाया गया, 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस है और 26 जनवरी को देश अपना गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। ऐसे ऐतिहासिक और प्रेरक समय में युवाओं का सरकारी सेवाओं में प्रवेश विशेष महत्व रखता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि इसी दिन संविधान सभा ने “जन गण मन” को राष्ट्रीय गान और “वंदे मातरम” को राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया था। उन्होंने कहा कि आज 61 हजार से अधिक युवा अपने जीवन की नई यात्रा शुरू कर रहे हैं और उन्हें जो नियुक्ति पत्र मिले हैं, वे केवल नौकरी का दस्तावेज नहीं हैं,बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का निमंत्रण हैं। उन्होंने कहा कि ये नियुक्ति पत्र विकसित भारत को गति देने का संकल्प पत्र भी हैं। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि इन युवाओं में से कई देश की सुरक्षा को और मजबूत करेंगे,शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों को सशक्त बनाएँगे और आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएँगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। सरकार का निरंतर प्रयास है कि देश के युवाओं के लिए भारत और दुनिया दोनों में नए अवसर तैयार हों। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अनेक देशों के साथ व्यापार समझौते कर रही है,जिससे न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है,बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते भी खुल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहा निवेश भी युवाओं के लिए अवसरों का दायरा बढ़ा रहा है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इकोसिस्टम का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज देश में दो लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं,जिनमें लाखों युवाओं को रोजगार मिला है। भारत की क्रिएटर इकोनॉमी भी तेज गति से आगे बढ़ रही है,जिससे नए-नए करियर विकल्प सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत पर जिस तरह से भरोसा बढ़ा है,वह भी युवाओं के लिए अनेक नई संभावनाएँ लेकर आया है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत दुनिया की एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था है,जिसने एक दशक के भीतर अपनी जीडीपी को दोगुना किया है। आज दुनिया के 100 से अधिक देश एफडीआई के जरिए भारत में निवेश कर रहे हैं और इसका सीधा अर्थ है कि देश के युवाओं के लिए रोजगार के अनगिनत अवसर तैयार हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज तेजी से एक बड़ी मैन्युफैक्चरिंग पावर बनता जा रहा है। कई क्षेत्रों में भारत के उत्पादन और निर्यात दोनों में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद से भारत के इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में छह गुना वृद्धि हुई है,जो देश की तकनीकी क्षमता और नीतिगत सुधारों का परिणाम है। इसके साथ ही ऑटोमोबाइल उद्योग भी देश के सबसे तेजी से बढ़ते उद्योगों में शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि देश के लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है और अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। उन्होंने इनकम टैक्स और जीएसटी में किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया,जिससे आम नागरिकों और उद्योगों दोनों को लाभ मिला है।
इस रोजगार मेले में महिला सशक्तिकरण का भी स्पष्ट संदेश देखने को मिला। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस आयोजन में 8 हजार से अधिक बेटियों को नियुक्ति पत्र मिले हैं। उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में देश की वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हुई है। इसके साथ ही महिला स्वरोजगार की दर में भी करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बदलाव सामाजिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद सकारात्मक है और सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में सुधारों की दिशा में सरकार के प्रयासों पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि आज देश “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार है,जिसका लक्ष्य जीवन और कारोबार दोनों को आसान बनाना है। हाल ही में लागू किए गए ऐतिहासिक श्रम सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनसे श्रमिकों,कर्मचारियों और व्यवसायों—तीनों को लाभ हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधार केवल नीतियों तक सीमित नहीं होने चाहिए,बल्कि उनका असर जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए।
इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री ने नव नियुक्त कर्मचारियों को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह सोचना होगा कि किन सरकारी प्रक्रियाओं या व्यवहारों ने कभी उन्हें या उनके माता-पिता को परेशान किया था। अब,सरकारी सेवा का हिस्सा बनने के बाद,उनका कर्तव्य है कि वे अपने कार्यकाल में ऐसी कठिनाइयों को दूसरों के जीवन में न आने दें। प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे सुधार भी बड़े बदलाव ला सकते हैं और ये सुधार अक्सर स्थानीय स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की नीयत और ईमानदारी से संभव होते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चाहे प्रधानमंत्री हो या सरकार का कोई छोटा सा कर्मचारी,हम सभी सेवक हैं। उन्होंने “नागरिक देवो भव:” के मंत्र पर जोर देते हुए कहा कि यही भावना हर सरकारी कर्मचारी के काम का आधार होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नीति बनाना जरूरी है,लेकिन नीतियों की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उन्हें लागू करने वाले लोग कितनी संवेदनशीलता और ईमानदारी से काम करते हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से आग्रह किया कि वे सेवा,समर्पण और संवेदनशीलता को अपने कार्य का मूल मंत्र बनाएँ।
अंत में प्रधानमंत्री ने एक बार फिर सभी नव नियुक्त युवाओं को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि देश को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं और उन्हें विश्वास है कि युवा अपनी ऊर्जा,प्रतिभा और ईमानदारी से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को मजबूत करेंगे। रोजगार मेले के माध्यम से सरकार का यह संदेश स्पष्ट रहा कि युवाओं को सशक्त बनाकर ही देश का भविष्य मजबूत किया जा सकता है और यह नियुक्तियाँ उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
