अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

गाजा बंधक वापसी और पुनर्निर्माण तंत्र को लेकर व्हाइट हाउस का बड़ा दावा,मिडिल ईस्ट नीति में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया

वाशिंगटन,27 जनवरी (युआईटीवी)- व्हाइट हाउस ने गाजा से इजरायली बंधकों की वापसी और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण में मदद के लिए एक नए अंतर्राष्ट्रीय तंत्र के गठन को मिडिल ईस्ट में अमेरिकी विदेश नीति की एक बड़ी उपलब्धि करार दिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इस पहल का श्रेय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में अमेरिका ने गाजा संकट से जुड़े सबसे संवेदनशील और जटिल मुद्दों में से एक को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है।

मंगलवार को व्हाइट हाउस की नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा से इजरायली बंधकों के आखिरी बचे हुए शव की वापसी सुनिश्चित करने में व्यक्तिगत रूप से मदद की। उनके मुताबिक,यह न सिर्फ इजराइल के लिए भावनात्मक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है,बल्कि पूरे क्षेत्र में स्थिरता की दिशा में भी एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। लेविट ने कहा कि यह घटनाक्रम अमेरिका,उसके सहयोगियों और मिडिल ईस्ट में शांति के इच्छुक सभी पक्षों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

प्रेस सेक्रेटरी ने कहा कि महीनों तक चले तीव्र संघर्ष के बाद गाजा में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं और ऐसे समय में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का एकजुट होना जरूरी था। इसी जरूरत को देखते हुए 20 से अधिक देशों ने गाजा के पुनर्निर्माण पर केंद्रित एक नए अंतर्राष्ट्रीय मंच ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर हस्ताक्षर किए हैं। लेविट के अनुसार,यह तंत्र गाजा में बुनियादी ढाँचे के पुनर्निर्माण,मानवीय सहायता के वितरण और भविष्य में हिंसा की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए समन्वित प्रयास करेगा।

व्हाइट हाउस ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के गठन को ट्रंप प्रशासन की एक ऐतिहासिक कूटनीतिक उपलब्धि बताया है। कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने निरंतर और दृढ़ कूटनीतिक प्रयासों के जरिए उन परिस्थितियों में भी प्रगति संभव कर दिखाई है,जिन्हें लंबे समय तक असंभव माना जा रहा था। उनके अनुसार,राष्ट्रपति मिडिल ईस्ट शांति प्रक्रिया को लेकर व्यक्तिगत रूप से प्रतिबद्ध हैं और वे गाजा को स्थिर करने तथा क्षेत्र में दोबारा हिंसा भड़कने से रोकने के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक साझेदारों के साथ लगातार संवाद बनाए हुए हैं।

गाजा संघर्ष को मिडिल ईस्ट के सबसे अस्थिर और जटिल संकटों में से एक माना जाता है। इस संघर्ष में मानवीय संकट,क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियाँ और वैश्विक कूटनीति एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। हजारों लोगों की मौत,बड़े पैमाने पर विस्थापन और बुनियादी ढाँचे के भारी नुकसान ने गाजा को मानवीय आपदा के कगार पर ला खड़ा किया है। ऐसे में बंधकों की रिहाई और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण को लेकर उठाए जा रहे कदम संघर्ष के बाद की चर्चाओं के केंद्र में रहे हैं।

व्हाइट हाउस का मानना है कि बंधकों की वापसी से न सिर्फ इजराइल के भीतर राजनीतिक और सामाजिक दबाव कम होगा,बल्कि इससे दोनों पक्षों के बीच किसी भी संभावित संवाद के लिए माहौल भी बेहतर बन सकता है। वहीं,गाजा के पुनर्निर्माण के लिए बहुपक्षीय तंत्र का गठन यह संकेत देता है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय अब केवल संघर्षविराम तक सीमित नहीं रहना चाहता,बल्कि लंबे समय की स्थिरता और विकास पर भी ध्यान देना चाहता है।

मिडिल ईस्ट के घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखने वाले देशों और विश्लेषकों के लिए अमेरिका की यह पहल खास महत्व रखती है। भारत समेत पश्चिम एशिया में रुचि रखने वाले कई देशों के लिए गाजा के पुनर्निर्माण और क्षेत्रीय कूटनीति में अमेरिका की भूमिका आने वाले समय में व्यापक मिडिल ईस्ट स्थिरता और भविष्य की शांति पहलों को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ‘बोर्ड ऑफ पीस’ प्रभावी ढंग से काम करता है,तो यह न केवल गाजा में मानवीय हालात सुधारने में मदद करेगा,बल्कि क्षेत्र में विश्वास बहाली की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ा सकता है।

हालाँकि,आलोचकों का कहना है कि गाजा जैसे जटिल और राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी अंतर्राष्ट्रीय पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जमीन पर हालात कितनी तेजी से बदलते हैं और सभी संबंधित पक्ष कितनी ईमानदारी से सहयोग करते हैं। इसके बावजूद,व्हाइट हाउस का दावा है कि यह पहल मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।

बंधकों की वापसी और गाजा के पुनर्निर्माण के लिए नए अंतर्राष्ट्रीय तंत्र की घोषणा ने मिडिल ईस्ट की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। यह देखना अहम होगा कि आने वाले महीनों में यह कूटनीतिक प्रयास जमीन पर कितने ठोस नतीजे दे पाता है और क्या यह क्षेत्र को लंबे समय से चले आ रहे हिंसक चक्र से बाहर निकालने में मदद कर पाता है।