जेमिमा रोड्रिग्स (तस्वीर क्रेडिट@dhirajk22731381)

डब्ल्यूपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स की मुश्किलें बढ़ीं: हार के बाद जेमिमा रोड्रिग्स पर जुर्माना,प्लेऑफ की राह हुई कठिन

नई दिल्ली,28 जनवरी (युआईटीवी)- महिला प्रीमियर लीग 2026 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए मंगलवार की रात बेहद निराशाजनक साबित हुई। गुजरात जायंट्स के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में 3 रन से हार झेलने के बाद न सिर्फ टीम को अंक तालिका में नुकसान उठाना पड़ा,बल्कि कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स पर धीमे ओवर रेट के कारण 12 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इस हार और जुर्माने ने दिल्ली के पूरे अभियान पर दबाव और बढ़ा दिया है,जिससे अब प्लेऑफ की दौड़ और भी कठिन हो गई है।

महिला प्रीमियर लीग की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि यह कार्रवाई लीग के कोड ऑफ कंडक्ट के तहत मिनिमम ओवर-रेट नियमों के उल्लंघन के कारण की गई है। हालाँकि,लीग ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा सीजन में यह जेमिमा रोड्रिग्स का पहला ओवर-रेट अपराध था। बावजूद इसके,करीबी मुकाबले में हार और उसके तुरंत बाद लगे जुर्माने ने दिल्ली कैंप के माहौल को प्रभावित किया है। कप्तान के तौर पर जेमिमा पर अब न केवल टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी है,बल्कि मैदान पर अनुशासन और समय प्रबंधन को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।

अंक तालिका की बात करें तो इस हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स सात मैचों में छह अंकों के साथ चौथे स्थान पर खिसक गई है। टीम का नेट रन रेट भी गिरकर -0.164 हो गया है,जो प्लेऑफ की दौड़ में एक बड़ा झटका माना जा रहा है। टूर्नामेंट के इस अहम मोड़ पर हर मैच और हर रन की अहमियत बढ़ गई है। ऐसे में दिल्ली के लिए अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है।

दिल्ली कैपिटल्स के सामने अब एक ही रास्ता है। प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए उन्हें 1 फरवरी को यूपी वॉरियर्ज के खिलाफ होने वाले अपने आखिरी लीग मुकाबले में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। न सिर्फ जीत,बल्कि बेहतर प्रदर्शन भी जरूरी होगा,ताकि नेट रन रेट के समीकरण में भी टीम को फायदा मिल सके। यह मुकाबला दिल्ली के लिए करो या मरो जैसा बन चुका है।

गुजरात जायंट्स के खिलाफ मैच की बात करें तो दिल्ली की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए,जिससे दबाव बढ़ता चला गया। एक समय ऐसा लग रहा था कि दिल्ली मुकाबले से पूरी तरह बाहर हो जाएगी,लेकिन इसके बाद स्नेह राणा और युवा बल्लेबाज निकी प्रसाद ने शानदार संघर्ष दिखाकर टीम को मुकाबले में वापस ला दिया। दोनों ने सातवें विकेट के लिए 70 रनों की अहम साझेदारी की,जिसने आखिरी ओवरों में मैच को रोमांचक बना दिया।

स्नेह राणा ने अपनी पारी में आक्रामक रुख अपनाते हुए सिर्फ 15 गेंदों में 29 रन बनाए और गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। वहीं निकी प्रसाद ने अपने आत्मविश्वास और बेखौफ बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने मात्र 24 गेंदों पर 47 रनों की तूफानी पारी खेली,जिसमें दमदार शॉट्स और मैच को पलटने की क्षमता साफ नजर आई। आखिरी ओवरों में दिल्ली जीत के बेहद करीब पहुँच गई थी,लेकिन गुजरात के गेंदबाजों ने संयम बनाए रखा और टीम को 3 रन से जीत दिलाने में सफल रहे।

इससे पहले मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। गुजरात जायंट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट के नुकसान पर 174 रन बनाए। उनकी पारी में निरंतरता और आखिरी ओवरों में तेजी देखने को मिली,जिसने दिल्ली के लिए लक्ष्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया। जवाब में दिल्ली की टीम 8 विकेट पर 171 रन ही बना सकी और लक्ष्य से तीन रन पीछे रह गई।

यह हार दिल्ली कैपिटल्स के लिए इसलिए भी ज्यादा चुभने वाली है,क्योंकि टीम ने मैच के आखिरी हिस्से में जबरदस्त वापसी की थी। ऐसे करीबी मुकाबलों में हार का असर खिलाड़ियों के मनोबल पर पड़ना स्वाभाविक है। ऊपर से कप्तान पर जुर्माना लगना टीम के लिए एक अतिरिक्त मानसिक दबाव बन गया है। हालाँकि,टीम मैनेजमेंट को उम्मीद होगी कि खिलाड़ी इस स्थिति को सकारात्मक रूप में लें और आखिरी लीग मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।

अब सभी निगाहें 1 फरवरी को होने वाले मुकाबले पर टिकी हैं। दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं,बल्कि पूरे सीजन की किस्मत तय करने वाला मुकाबला होगा। जीत के साथ उन्हें अन्य टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी,लेकिन फिलहाल उनका फोकस सिर्फ अपने प्रदर्शन पर है। अगर दिल्ली इस दबाव भरे हालात में जीत दर्ज करने में सफल रहती है,तो प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रहेंगी,वरना यह सीजन उनके लिए निराशा के साथ खत्म हो सकता है।