नई दिल्ली,31 जनवरी (युआईटीवी)- भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शुक्रवार को फिलिस्तीन की विदेश मंत्री और प्रवासी मामलों की मंत्री वारसेन अगाबेकियान से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है,जब पश्चिम एशिया विशेषकर गाजा में हालात वैश्विक चिंता का विषय बने हुए हैं और शांति प्रयासों को नई गति देने की जरूरत महसूस की जा रही है। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-फिलिस्तीन विकास सहयोग की समीक्षा की,गाजा शांति योजना पर विचारों का आदान-प्रदान किया और क्षेत्रीय विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की। उन्होंने लिखा कि फिलिस्तीन की विदेश मंत्री से मिलकर उन्हें खुशी हुई और इस दौरान गाजा पीस प्लान तथा इलाके के विकास पर गंभीर और सकारात्मक चर्चा हुई। जयशंकर के मुताबिक,दोनों पक्षों ने अब तक के विकास सहयोग की समीक्षा की और इसे आगे बढ़ाने के लिए नई पहलों पर सहमति जताई। यह बयान भारत की उस नीति को दर्शाता है,जिसके तहत वह फिलिस्तीन के साथ ऐतिहासिक संबंधों को बनाए रखते हुए विकास और मानवीय सहायता पर जोर देता रहा है।
वारसेन अगाबेकियान भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुँचीं हैं। भारत आगमन पर उन्होंने भी ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि भारत की यह यात्रा फिलिस्तीन और भारत के बीच मजबूत साझेदारी और अरब दुनिया के साथ सहयोग को लेकर साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। उनके इस बयान से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि फिलिस्तीन भारत को न केवल एक मित्र राष्ट्र के रूप में देखता है,बल्कि क्षेत्रीय शांति और सहयोग में एक अहम साझेदार भी मानता है।
इस मुलाकात से एक दिन पहले, गुरुवार को अगाबेकियान ने भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन इस मंच को फिलिस्तीनी मुद्दे,गाजा के पुनर्निर्माण,शांति योजना और भारत तथा अरब दुनिया के लिए जरूरी अन्य मसलों पर बातचीत के एक महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखता है। उनके अनुसार,इस तरह की बैठकें न केवल कूटनीतिक संवाद को मजबूत करती हैं,बल्कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए साझा दृष्टिकोण विकसित करने में भी मदद करती हैं।
Glad to meet Minister of Foreign Affairs and Expatriates of State of Palestine @VarsenAghShahin.
Exchanged views on the Gaza Peace Plan and regional developments.
Reviewed our development cooperation and agreed on initiatives to take it forward.
🇮🇳 🇵🇸 pic.twitter.com/BW9g7x6OIm
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 30, 2026
जब उनसे यह पूछा गया कि फिलिस्तीन-इजरायल शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भारत की क्या भूमिका हो सकती है,तो अगाबेकियान ने भारत की संतुलित विदेश नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत फिलिस्तीन और इजरायल दोनों का मित्र है और इसी वजह से वह दोनों पक्षों के बीच एक सेतु की भूमिका निभा सकता है। उनके शब्दों में,भारत के पास यह क्षमता है कि वह दोनों देशों के बीच विचारों का आदान-प्रदान कराए और शांति की दिशा में व्यावहारिक सुझाव दे। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत किसी भी शांति प्रयास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए जो भी जरूरी होगा, वह करेगा।
भारत की यह स्थिति लंबे समय से स्पष्ट रही है कि वह फिलिस्तीन मुद्दे पर दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन करता है और साथ ही इजरायल के साथ भी उसके रणनीतिक और कूटनीतिक संबंध मजबूत हैं। ऐसे में भारत की भूमिका अक्सर एक संतुलित और भरोसेमंद पक्ष के रूप में देखी जाती है। जयशंकर और अगाबेकियान की मुलाकात भी इसी संतुलन का उदाहरण मानी जा रही है,जहाँ मानवीय सहायता, विकास और शांति प्रयासों को प्राथमिकता दी गई।
बैठक के दौरान गाजा के पुनर्निर्माण का मुद्दा खास तौर पर चर्चा में रहा। गाजा में लंबे समय से जारी संघर्ष और मानवीय संकट के कारण बुनियादी ढाँचे,स्वास्थ्य सेवाओं और आम नागरिकों के जीवन पर गहरा असर पड़ा है। फिलिस्तीन इस बात पर जोर दे रहा है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय,खासकर भारत जैसे मित्र देश,गाजा के पुनर्निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ। भारत पहले भी फिलिस्तीन को मानवीय सहायता,शिक्षा और स्वास्थ्य परियोजनाओं के माध्यम से सहयोग करता रहा है और इस बैठक में उस सहयोग को और आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है।
भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक को लेकर भी दोनों पक्षों ने सकारात्मक रुख दिखाया। अगाबेकियान ने कहा कि इस बैठक में फिलिस्तीन,गाजा,गाजा के पुनर्निर्माण और शांति योजना जैसे मौजूदा मुद्दों के साथ-साथ भारत और अरब दुनिया के लिए जरूरी अन्य क्षेत्रीय और वैश्विक मसलों पर भी चर्चा होगी। यह बैठक भारत और अरब देशों के बीच बढ़ते संवाद और सहयोग को भी रेखांकित करती है।
एस. जयशंकर और वारसेन अगाबेकियान की यह मुलाकात न केवल भारत-फिलिस्तीन द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने वाली रही,बल्कि गाजा शांति योजना और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रयासों को भी नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। मौजूदा वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच इस तरह का संवाद यह संकेत देता है कि कूटनीति और सहयोग के जरिए समाधान तलाशने की कोशिशें जारी हैं और भारत इस प्रक्रिया में एक अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
