अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को सौंपी जा सकती है उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी (तस्वीर क्रेडिट@askshivanisahu)

अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़,सुनेत्रा पवार को सौंपी जा सकती है उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी

मुंबई,31 जनवरी (युआईटीवी)- महाराष्ट्र की राजनीति शनिवार को एक भावनात्मक और ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी नजर आई,जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के संकेत साफ तौर पर दिखने लगे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने दोपहर करीब दो बजे विधायक दल की एक अहम बैठक बुलाई है,जिसमें अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नया नेता चुने जाने की पूरी संभावना है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक,इसी के साथ सुनेत्रा पवार शनिवार शाम पांच बजे राज्य की उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले सकती हैं। यदि ऐसा होता है,तो वह महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन जाएंगी।

शनिवार सुबह से ही पुणे स्थित अजित पवार के देवगिरी बंगले के बाहर हलचल तेज रही। पार्टी कार्यकर्ता,समर्थक और स्थानीय नेता बड़ी संख्या में वहाँ जुटे दिखाई दिए। माहौल गमगीन था,लेकिन साथ ही भविष्य को लेकर एक उम्मीद भी नजर आ रही थी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि अजित पवार सिर्फ एक नेता नहीं,बल्कि उनके लिए मार्गदर्शक और संरक्षक की तरह थे। कार्यकर्ता रूपाली पटेल ने भावुक होते हुए कहा कि अजित दादा ने हमेशा साधारण कार्यकर्ताओं को भी आगे बढ़ने का मौका दिया। उन्होंने कहा, “आज भी यकीन नहीं हो रहा कि अजित दादा हमारे बीच नहीं हैं। उनका अचानक जाना हम सबके लिए बहुत बड़ा झटका है। राजनीति में एक सामान्य कार्यकर्ता के लिए टिके रहना आसान नहीं होता,लेकिन अजित दादा ने हमें पहचान और जिम्मेदारी दी।”

रूपाली पटेल ने यह भी कहा कि पर्दे के पीछे रहकर संगठन और परिवार दोनों को संभालने में सुनेत्रा पवार की भूमिका हमेशा अहम रही है। उनके मुताबिक, “हमारा दुख बहुत गहरा है,लेकिन उससे कहीं ज्यादा दुख सुनेत्रा पवार का है,जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। हमने उनसे अजित दादा के विजन को आगे बढ़ाने की अपील की और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।” कार्यकर्ताओं का दावा है कि सुनेत्रा पवार ने भरोसा दिलाया है कि वह अजित पवार की नीतियों और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाएँगी।

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि एनसीपी फिलहाल एनडीए के साथ बने रहकर स्थिरता का संदेश देना चाहती है। इसी रणनीति के तहत सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुने जाने की तैयारी की गई है। पार्टी नेताओं का मानना है कि अजित पवार के अचानक निधन के बाद सत्ता में निरंतरता बनाए रखना जरूरी है,ताकि सरकार के कामकाज पर कोई असर न पड़े।

हालाँकि,इस फैसले के साथ ही एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लग सकता है। पिछले कई दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी-एसपी और अजित पवार गुट के विलय की चर्चाएँ जोरों पर थीं। एनसीपी-एसपी की ओर से यह दावा भी किया गया था कि बातचीत अंतिम चरण में पहुँच चुकी है और औपचारिक घोषणा होना बाकी है।

वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने शुक्रवार को कहा था कि दोनों गुटों के बीच तीन से चार महीनों से बातचीत चल रही थी और लगभग यह तय हो गया था कि पार्टी का विलय होगा। उनके मुताबिक,विलय की घोषणा का भी एक खाका तैयार किया जा चुका था। वहीं,राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने अपने बयान में कहा कि अजित पवार खुद चाहते थे कि दोनों गुट एक साथ आएँ,ताकि पार्टी फिर से एकजुट होकर मजबूत भूमिका निभा सके।

जयंत पाटिल की बैठकों और लगातार संवाद को भी इसी दिशा में अहम माना जा रहा था। कई नेताओं का कहना था कि अजित पवार की इच्छा का सम्मान करते हुए दोनों गुटों को एक मंच पर आना चाहिए,लेकिन मौजूदा हालात में एनसीपी का एनडीए के साथ रहकर सुनेत्रा पवार को आगे लाने का फैसला यह संकेत देता है कि पार्टी फिलहाल सत्ता और संगठन की स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है।

सुनेत्रा पवार का राजनीति में औपचारिक प्रवेश भले ही नया हो,लेकिन पार्टी के भीतर उन्हें एक मजबूत और संतुलित व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता रहा है। संगठन से जुड़े नेताओं का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक पर्दे के पीछे रहकर रणनीतिक फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अजित पवार के राजनीतिक सफर में उनका योगदान हमेशा निर्णायक रहा है।

आज होने वाला शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं,बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सुनेत्रा पवार किस तरह अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाती हैं और आने वाले दिनों में एनसीपी की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है। फिलहाल,राज्य की सियासत में शोक,संवेदना और सत्ता की गणित—तीनों एक साथ चलती नजर आ रही हैं।