नई दिल्ली,3 फरवरी (युआईटीवी)- टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होने जा रही है,लेकिन टूर्नामेंट से ठीक पहले मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की परेशानियाँ बढ़ती नजर आ रही हैं। टीम के अनुभवी और भरोसेमंद तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड को टूर्नामेंट के शुरुआती हिस्से से बाहर रहना पड़ सकता है। हेजलवुड इस समय सिडनी में अपनी अकिलीज की समस्या से उबरने के लिए रिहैबिलिटेशन कर रहे हैं और फिलहाल उनके टीम से जुड़ने की कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन को मजबूरन बैकअप विकल्पों पर भरोसा करना पड़ रहा है।
हेजलवुड को इससे पहले हैमस्ट्रिंग स्ट्रेन के कारण इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज से बाहर कर दिया गया था। हालाँकि,उम्मीद थी कि वह रिकवरी के बाद टी20 वर्ल्ड कप से पहले पूरी तरह फिट हो जाएँगे,लेकिन रिहैब के दौरान उन्हें अकिलीज से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ा। इस नई चोट ने उनकी वापसी को और मुश्किल बना दिया है। सिलेक्टर्स और मेडिकल स्टाफ के बीच गहन बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया कि हेजलवुड फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में ही रहेंगे और परिचित माहौल में अपना रिहैबिलिटेशन जारी रखेंगे,ताकि उनकी लंबी अवधि की फिटनेस से कोई समझौता न हो।
ऑस्ट्रेलियाई टीम 11 फरवरी को आयरलैंड के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत करेगी। उससे पहले टीम श्रीलंका में अभ्यास और मुकाबलों में हिस्सा लेगी,लेकिन हेजलवुड का वहाँ पहुँचना अभी अनिश्चित बना हुआ है। टीम मैनेजमेंट किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है,क्योंकि हेजलवुड ऑस्ट्रेलिया के तीनों फॉर्मेट में अहम भूमिका निभाते रहे हैं और भविष्य की सीरीज को देखते हुए उनका पूरी तरह फिट रहना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई सिलेक्टर टोनी डोडमेडे ने इस फैसले को लेकर साफ शब्दों में कहा कि यह कदम जोश हेजलवुड की दीर्घकालिक फिटनेस को ध्यान में रखकर उठाया गया है। ‘क्रिकेटडॉटकॉमडॉटएयू’ के हवाले से डोडमेडे ने कहा, “हमें लगा कि जोश हेजलवुड के लिए श्रीलंका जाने से पहले घर पर परिचित माहौल में रिहैबिलिटेशन जारी रखना ज्यादा व्यावहारिक और फायदेमंद होगा। टीम में नाथन एलिस भी वापसी कर रहे हैं,इसलिए हमने सीन एबॉट को तेज गेंदबाजी कवर के तौर पर अपने साथ लाने का फैसला किया है,ताकि अगर अचानक जरूरत पड़े तो वह तुरंत टीम के लिए उपलब्ध हों।”
हेजलवुड की अनुपस्थिति को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने अनुभवी ऑलराउंडर और तेज गेंदबाज सीन एबॉट को ट्रैवलिंग रिजर्व के तौर पर टीम में शामिल किया है। एबॉट को ऐसे खिलाड़ी के रूप में देखा जा रहा है,जो जरूरत पड़ने पर तुरंत प्लेइंग इलेवन में फिट हो सकते हैं। डोडमेडे ने एबॉट की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक अनुभवी अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं,जिन्होंने कई वर्ल्ड कप अभियानों में हिस्सा लिया है और कठिन परिस्थितियों में टीम के लिए योगदान देने की क्षमता रखते हैं। पाकिस्तान दौरे के बाद उनका टीम के साथ रहना चयनकर्ताओं को सही फैसला लगा।
दरअसल,ऑस्ट्रेलियाई खेमा इस समय गंभीर फिटनेस संकट से जूझ रहा है। टीम पहले ही अपने कप्तान और प्रमुख तेज गेंदबाज पैट कमिंस को टूर्नामेंट से गंवा चुकी है। कमिंस पीठ की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं और उन्हें अतिरिक्त समय की जरूरत है। उनके बाहर होने के बाद चयनकर्ताओं ने बेन ड्वारशुइस को 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया,ताकि तेज गेंदबाजी आक्रमण में गहराई बनी रहे। इसके अलावा मैथ्यू शॉर्ट की जगह मैट रेनशॉ को टीम में शामिल किया गया है,जिससे बल्लेबाजी क्रम को संतुलन मिल सके।
तेज गेंदबाजी ही नहीं,बल्कि ऑस्ट्रेलियाई टीम के कई अन्य अहम खिलाड़ी भी फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे हैं। नाथन एलिस हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण बिग बैश लीग (बीबीएल) फाइनल से बाहर रहे थे। हालाँकि,अब उनकी वापसी की उम्मीद जताई जा रही है,लेकिन उनकी मैच फिटनेस को लेकर अभी भी सतर्कता बरती जा रही है। वहीं,विस्फोटक बल्लेबाज टिम डेविड ने भी बीबीएल में हैमस्ट्रिंग की चोट झेली थी और 26 दिसंबर के बाद से उन्होंने कोई प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला है। ऐसे में उनका फॉर्म और फिटनेस दोनों ही ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
इसके अलावा,ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल को पाकिस्तान के दौरे से आराम दिया गया था। यह फैसला उनके पहले टूटे हुए टखने के चल रहे मैनेजमेंट का हिस्सा था। मैक्सवेल जैसे खिलाड़ी का पूरी तरह फिट होना ऑस्ट्रेलिया के लिए बेहद अहम है,क्योंकि वह निचले क्रम में तेज रन बनाने के साथ-साथ उपयोगी गेंदबाजी भी कर सकते हैं। हालाँकि,उनकी फिटनेस को लेकर टीम प्रबंधन कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता।
इन तमाम समस्याओं के बीच सीन एबॉट को टीम में शामिल करना चयनकर्ताओं की रणनीतिक मजबूरी भी मानी जा रही है। एबॉट न सिर्फ नई गेंद से गेंदबाजी कर सकते हैं,बल्कि डेथ ओवरों में भी प्रभावी साबित हुए हैं। इसके अलावा,वह निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने की क्षमता भी रखते हैं,जो टी20 क्रिकेट में किसी भी टीम के लिए अतिरिक्त फायदा होता है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया अपने खिताब का बचाव करने उतरेगा,लेकिन टूर्नामेंट से पहले चोटों की यह लंबी सूची टीम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है। हालाँकि,ऑस्ट्रेलियाई टीम हमेशा से अपनी मजबूत बेंच स्ट्रेंथ और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता के लिए जानी जाती है। चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ हेजलवुड समेत अन्य चोटिल खिलाड़ी भी पूरी तरह फिट होकर टीम से जुड़ेंगे।
फिलहाल, ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती मुकाबलों में सही संयोजन के साथ मैदान पर उतरा जाए और फिट खिलाड़ियों से अधिकतम प्रदर्शन हासिल किया जाए। जोश हेजलवुड की गैरमौजूदगी निश्चित तौर पर टीम के लिए बड़ा झटका है,लेकिन यह भी साफ है कि ऑस्ट्रेलिया उनकी फिटनेस को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चोटों से जूझती यह टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत में कैसा प्रदर्शन करती है और क्या वह तमाम बाधाओं के बावजूद खिताब बचाने की अपनी दावेदारी मजबूत रख पाती है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम:
मिशेल मार्श (कप्तान),कूपर कॉनली,जेवियर बार्टलेट,बेन ड्वारशुइस,टिम डेविड, कैमरून ग्रीन,नाथन एलिस,ट्रैविस हेड,जोश इंग्लिस,ग्लेन मैक्सवेल,मैट कुह्नमैन,मैट रेनशॉ,एडम जांपा,मार्कस स्टोइनिस,जोश हेजलवुड।
ट्रैवलिंग रिजर्व: सीन एबॉट।
