मुंबई,3 फरवरी (युआईटीवी)- दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और टेक्नोलॉजी की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले उद्यमी एलन मस्क ने एक ऐसा ऐलान किया है,जो भविष्य की तकनीक की दिशा ही बदल सकता है। मस्क ने कहा है कि उनकी एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स ने उनके ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप एक्सएआई का अधिग्रहण कर लिया है। इस कदम के साथ ही उन्होंने अंतरिक्ष में एआई की कंप्यूटिंग क्षमता को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना का भी खुलासा किया है। एलन मस्क के अनुसार,आने वाले समय में अंतरिक्ष सिर्फ सैटेलाइट्स या संचार का माध्यम नहीं रहेगा,बल्कि वह एआई कंप्यूटिंग का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है।
एलन मस्क ने अपने बयान में बताया कि इस योजना के तहत बड़ी संख्या में सैटेलाइट्स लॉन्च किए जाएँगे,जो अंतरिक्ष में डेटा सेंटर की तरह काम करेंगे। उनका कहना है कि अगर हर साल करीब 10 लाख टन सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजा जाए और हर टन से कुछ किलोवाट कंप्यूटिंग पावर हासिल हो,तो हर साल लगभग 100 गीगावाट एआई कंप्यूटिंग क्षमता जोड़ी जा सकती है। यह आँकड़ा मौजूदा वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की तुलना में बेहद विशाल है। मस्क का दावा है कि इन सैटेलाइट्स को चलाने और उनकी देखरेख के लिए अलग से बड़े ऑपरेशनल खर्च की जरूरत नहीं पड़ेगी,जिससे यह मॉडल आर्थिक रूप से भी बेहद कारगर साबित हो सकता है।
मस्क ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में धरती से अंतरिक्ष में हर साल 1 टेरावॉट तक की कंप्यूटिंग क्षमता भेजने का रास्ता भी संभव है। उनके अनुसार,यह तकनीक एआई के क्षेत्र में उस स्तर की छलांग साबित हो सकती है,जैसी कभी इंटरनेट या स्मार्टफोन ने दुनिया को दी थी। उन्होंने साफ कहा कि उन्नत और सुपर-इंटेलिजेंट एआई को चलाने के लिए जिस मात्रा में बिजली की जरूरत होती है,उसे लंबे समय तक धरती पर मौजूद संसाधनों से पूरा करना बेहद मुश्किल है। ऐसे में स्पेस-बेस्ड एआई ही इसका सबसे टिकाऊ और प्रभावी समाधान है।
एलन मस्क ने अंतरिक्ष में एआई कंप्यूटिंग के फायदे गिनाते हुए बताया कि वहाँ सूरज की रोशनी लगभग लगातार उपलब्ध रहती है। धरती पर डेटा सेंटर को दिन-रात बिजली और कूलिंग की भारी जरूरत होती है,जबकि अंतरिक्ष में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल कहीं अधिक कुशल और सस्ता हो सकता है। मस्क के मुताबिक,इससे न केवल कंप्यूटिंग की लागत घटेगी,बल्कि ऊर्जा की बर्बादी भी कम होगी। यही कारण है कि वे आने वाले दशकों में एआई के लिए अंतरिक्ष को सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म मानते हैं।
मस्क का कहना है कि इस तरह की कम लागत और उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग से कंपनियाँ अपने एआई मॉडल को पहले से कहीं ज्यादा तेजी से और बड़े पैमाने पर ट्रेन कर सकेंगी। आज जिस काम में महीनों या सालों लगते हैं,वह भविष्य में कुछ ही दिनों या घंटों में संभव हो सकेगा। इसके साथ ही डेटा प्रोसेसिंग की गति भी कई गुना बढ़ जाएगी,जिससे मेडिकल रिसर्च,क्लाइमेट मॉडलिंग,अंतरिक्ष विज्ञान और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अपने बयान में एलन मस्क ने ऊर्जा के संदर्भ में एक दिलचस्प तुलना भी की। उन्होंने कहा कि अगर हम सूरज की ऊर्जा का सिर्फ दस लाखवां हिस्सा भी इस्तेमाल करना चाहें,तो वह हमारी मौजूदा सभ्यता की जरूरत से दस लाख गुना ज्यादा ऊर्जा होगी। मस्क के अनुसार,इतनी विशाल ऊर्जा क्षमता को धरती पर सीमित रखना तर्कसंगत नहीं है। इसलिए ऐसे भारी संसाधन और ऊर्जा खपत वाले कामों को धीरे-धीरे धरती से बाहर,यानी अंतरिक्ष में शिफ्ट करना ही सबसे सही रास्ता है।
मस्क ने मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि आज एआई की तरक्की बड़े-बड़े डेटा सेंटर पर निर्भर है,जिन्हें भारी मात्रा में बिजली और अत्याधुनिक कूलिंग सिस्टम की जरूरत होती है। दुनिया के कई हिस्सों में यह एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एआई के लिए बढ़ती बिजली की माँग को सिर्फ धरती पर मौजूद साधनों से पूरा करने की कोशिश की गई,तो इसका सीधा असर आम लोगों और पर्यावरण पर पड़ेगा। बिजली की कीमतें बढ़ सकती हैं और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव और ज्यादा बढ़ेगा।
स्पेसएक्स की तकनीकी क्षमताओं का जिक्र करते हुए एलन मस्क ने बताया कि कंपनी का स्टारशिप रॉकेट 2026 से कहीं अधिक शक्तिशाली वी 3 स्टारलिंक सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजना शुरू करेगा। हर लॉन्च से मौजूदा सैटेलाइट्स की तुलना में करीब 20 गुना ज्यादा क्षमता जुड़ेगी। इसका मतलब है कि कम लॉन्च में ज्यादा कंप्यूटिंग पावर और ज्यादा डेटा प्रोसेसिंग संभव हो सकेगी। यह तकनीकी बढ़त स्पेसएक्स को इस दौड़ में बाकी कंपनियों से काफी आगे ले जा सकती है।
एलन मस्क ने भविष्य की योजनाओं पर और रोशनी डालते हुए कहा कि उनका लक्ष्य हर घंटे करीब 200 टन वजन लेकर उड़ान भरने का है। इससे लाखों टन सामान अंतरिक्ष में पहुँचाया जा सकेगा,जिसमें एआई कंप्यूटिंग से जुड़े हार्डवेयर,सैटेलाइट्स और अन्य जरूरी उपकरण शामिल होंगे। मस्क का मानना है कि इस स्तर की लॉजिस्टिक क्षमता के बिना स्पेस-बेस्ड एआई का सपना पूरा नहीं हो सकता।
इसके साथ ही उन्होंने अगली पीढ़ी के डायरेक्ट-टू-मोबाइल सैटेलाइट्स का भी जिक्र किया,जो बिना किसी टावर के धरती के हर कोने में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराएंगे। इससे न सिर्फ इंटरनेट और संचार की पहुँच बढ़ेगी,बल्कि एआई सेवाओं को भी दुनिया के सबसे दूर-दराज इलाकों तक पहुँचाया जा सकेगा।
एलन मस्क का यह ऐलान सिर्फ एक कंपनी के अधिग्रहण तक सीमित नहीं है,बल्कि यह भविष्य की तकनीकी दिशा का संकेत देता है। स्पेसएक्स और एक्सएआई का यह गठजोड़ एआई,ऊर्जा और अंतरिक्ष के संगम से एक ऐसी दुनिया की नींव रख सकता है,जहाँ कंप्यूटिंग की सीमाएँ धरती तक नहीं,बल्कि पूरे ब्रह्मांड तक फैली होंगी।
