तीन नाबालिग सगी बहनों के 9वीं मंजिल से छलांग लगाने से हुई मौत (तस्वीर क्रेडिट@Nalanda_index)

गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली घटना: तीन नाबालिग सगी बहनों के 9वीं मंजिल से छलांग लगाने से हुई मौत,पुलिस जाँच में जुटी

गाजियाबाद,4 फरवरी (युआईटीवी)- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है,जहाँ तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ ऊँची इमारत से छलांग लगा दी। इस हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसाइटी की बताई जा रही है। इस त्रासदी से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरी सोसाइटी और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। फिलहाल गाजियाबाद पुलिस पूरे मामले की गहन जाँच में जुटी हुई है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार,यह घटना रात करीब दो बजे की है। तीनों बहनों ने कथित तौर पर एक साथ सोसाइटी की नौवीं मंजिल से छलांग लगाई। मृतक बच्चियों की पहचान 16 वर्षीय निशिका,14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी के रूप में हुई है। तीनों का परिवार भारत सिटी सोसाइटी के बी-1 टावर के 907 नंबर फ्लैट में रहता है। घटना की सूचना मिलते ही देर रात पुलिस टीम मौके पर पहुँचीं और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया।

प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि तीनों बहनें आपस में बेहद जुड़ी हुई थीं और लगभग हर गतिविधि एक साथ किया करती थीं। बताया जा रहा है कि उन्हें मोबाइल गेम खेलने की आदत थी और वे कथित तौर पर एक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड कोरियन लवर गेम खेलती थीं। परिवार और आसपास के लोगों के अनुसार,उनकी दिनचर्या इस तरह बन चुकी थी कि वे नहाने,खाने,पढ़ाई करने और सोने जैसे रोजमर्रा के काम भी एक साथ ही करती थीं। हालाँकि,पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस आदत या किसी गेम का इस घटना से सीधा संबंध है या नहीं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक,अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है,जिससे आत्महत्या के पीछे की वजह साफ तौर पर सामने आ सके। परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है और बच्चियों के मोबाइल फोन,टैबलेट तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जाँच की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि कहीं बच्चियों पर किसी तरह का मानसिक दबाव तो नहीं था या वे किसी ऑनलाइन गतिविधि के चलते किसी तरह के भ्रम या तनाव में तो नहीं थीं।

इस घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है। पड़ोसियों के मुताबिक,तीनों बच्चियाँ शांत स्वभाव की थीं और किसी तरह के विवाद या परेशानी की बात सामने नहीं आई थी। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि देर रात अचानक शोर सुनाई दिया,जिसके बाद नीचे जाकर देखा गया तो तीनों बच्चियाँ गंभीर हालत में पड़ी थीं। तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई,लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच हर एंगल से की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं बच्चियों को किसी तरह की धमकी,ब्लैकमेलिंग या साइबर उत्पीड़न का सामना तो नहीं करना पड़ा था। साइबर सेल की मदद से ऑनलाइन गतिविधियों की भी जाँच की जा रही है,ताकि यह समझा जा सके कि किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस घटना से कोई संबंध है या नहीं।

इसी बीच,आत्महत्या का एक और मामला सामने आया है,जिसने इलाके में चिंता और बढ़ा दी है। इससे पहले मंगलवार को नोएडा के सेक्टर-19 स्थित एक होटल में ठहरी एक युवती ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के अनुसार,मृतका की पहचान कोमल के रूप में हुई है,जो फरीदाबाद की रहने वाली थी। उसके साथ होटल में ठहरे युवक की पहचान सुमित गौतम के रूप में हुई है,जो नॉर्थ दिल्ली का निवासी बताया जा रहा है।

पुलिस ने बताया कि सुमित और कोमल एक-दूसरे को पहले से जानते थे और दोनों दिसंबर 2024 से रिलेशनशिप में थे। सोमवार रात दोनों सेक्टर-19 के होटल में रुके थे। देर रात कोमल ने कथित तौर पर होटल के कमरे में आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना सुमित ने पुलिस को दी,जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँचीं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने युवक से पूछताछ की है और मामले की जाँच जारी है।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने समाज में मानसिक स्वास्थ्य,पारिवारिक संवाद और डिजिटल दुनिया के प्रभाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों और युवाओं के मानसिक हालात पर ध्यान देना बेहद जरूरी है,खासकर ऐसे समय में जब ऑनलाइन दुनिया का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जाँच निष्पक्ष और गंभीरता से की जा रही है और जाँच पूरी होने के बाद ही किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुँचा जा सकेगा।

यदि आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव से जूझ रहा है,तो मदद लेना बेहद जरूरी है। समय पर बातचीत,परामर्श और सहयोग कई जिंदगियों को बचा सकता है।