वडोदरा,5 फरवरी (युआईटीवी)- महिला प्रीमियर लीग 2026 का फाइनल मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक यादगार शाम लेकर आने को तैयार है। बीसीए स्टेडियम, कोटांबी में दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर खिताबी जंग में आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला सिर्फ एक ट्रॉफी का नहीं,बल्कि आत्मविश्वास,रणनीति और दबाव में प्रदर्शन की असली परीक्षा होगा। दिल्ली कैपिटल्स पहली बार डब्ल्यूपीएल ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी,जबकि आरसीबी अपने शानदार और संतुलित अभियान को खिताब के साथ समाप्त कर इतिहास रचने की कोशिश करेगी।
इस फाइनल में भारतीय और विदेशी सितारों की चमक देखने को मिलेगी। दिल्ली की ओर से शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स जैसी आक्रामक बल्लेबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी,जबकि आरसीबी के लिए कप्तान स्मृति मंधाना और विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष टीम की रीढ़ साबित हो सकती हैं। विदेशी खिलाड़ियों में मारिजाने कैप और लॉरा वोल्वार्ड्ट जैसी अनुभवी नाम मुकाबले को और भी रोमांचक बना देंगी। खास बात यह होगी कि जब जेमिमा और स्मृति आमने-सामने होंगी,तब मैदान पर दोस्ती और प्रतिस्पर्धा का अनोखा संगम देखने को मिलेगा,जो इस फाइनल की खूबसूरती को और बढ़ाएगा।
दिल्ली कैपिटल्स का फाइनल तक का सफर संघर्षों से भरा रहा है। पूरे टूर्नामेंट में कई ऐसे मुकाबले आए,जहाँ टीम के सामने ‘करो या मरो’ की स्थिति थी। दबाव में भी दिल्ली की टीम ने संयम नहीं खोया और निर्णायक मौकों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई। यह चौथी बार है जब दिल्ली कैपिटल्स डब्ल्यूपीएल फाइनल में पहुँचीं है,लेकिन अब तक खिताब उससे दूर रहा है। ऐसे में इस बार टीम पर न सिर्फ जीत का दबाव होगा,बल्कि पिछली असफलताओं को पीछे छोड़ने की चुनौती भी होगी।
इसके उलट,रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर का सफर काफी प्रभावशाली रहा है। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में निरंतरता दिखाई और आठ में से छह मुकाबले जीतकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। आरसीबी का आत्मविश्वास इस समय चरम पर है और उसकी नजरें तीसरे खिताब पर टिकी हैं। एलिस पेरी की गैरमौजूदगी के बावजूद टीम ने संतुलन नहीं खोया,जिसका बड़ा श्रेय ग्रेस हैरिस के शानदार प्रदर्शन को जाता है। हैरिस ने मुश्किल समय में जिम्मेदारी सँभाली और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम को मजबूती दी।
दोनों टीमों की रणनीतियों में भी स्पष्ट अंतर नजर आ रहा है। आरसीबी अपनी प्लेइंग इलेवन में कुछ प्रयोग कर सकती है। टीम पूनम वस्त्राकर को विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में उतारने पर विचार कर सकती है,जिससे मध्यक्रम को और मजबूती मिलेगी। इसके अलावा अरुंधति रेड्डी की वापसी और लेग स्पिनर प्रेमा रावत की संभावित एंट्री आरसीबी को गेंदबाजी में अतिरिक्त विकल्प दे सकती है। दूसरी ओर,दिल्ली कैपिटल्स अपने पूरे सीजन में आजमाए गए सफल संयोजन से छेड़छाड़ नहीं करना चाहेगी। टीम उन 13 खिलाड़ियों पर ही भरोसा जताने के मूड में है,जिन्होंने अब तक उसे यहाँ तक पहुँचाया है।
मैच की शुरुआत में ही एक दिलचस्प टक्कर देखने को मिलेगी,जब दिल्ली की सलामी जोड़ी शेफाली वर्मा और लिजेल ली का सामना आरसीबी की तेज गेंदबाज लॉरेन बेल से होगा। नई गेंद से बेल काफी खतरनाक साबित हुई हैं और उन्होंने पावरप्ले में कई अहम विकेट चटकाए हैं। वहीं शेफाली और ली की आक्रामक बल्लेबाजी दिल्ली की जीत की सबसे बड़ी कुंजी रही है। खासकर बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय इन दोनों ने टीम को तेज शुरुआत दिलाकर दबाव को काफी हद तक कम किया है।
आरसीबी के लिए कप्तान स्मृति मंधाना की भूमिका बेहद अहम होगी। टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने न केवल रन बनाए हैं,बल्कि टीम को सही दिशा में आगे बढ़ाने का काम भी किया है। उनकी निरंतरता और शांत नेतृत्व आरसीबी को तीसरा खिताब दिला सकता है। अगर ऐसा होता है,तो यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट में स्मृति मंधाना की लीडरशिप को और मजबूत करेगी। वहीं ग्रेस हैरिस का स्ट्राइक रेट 181 रहा है,जो 50 से ज्यादा गेंद खेलने वाली बल्लेबाजों में सबसे बेहतर है। उनका आक्रामक अंदाज किसी भी वक्त मैच का रुख बदलने की क्षमता रखता है।
दिल्ली कैपिटल्स की गेंदबाजी में नंदिनी शर्मा सबसे बड़ा हथियार बनकर उभरी हैं। 16 विकेट के साथ वह डब्ल्यूपीएल 2026 में सबसे सफल भारतीय गेंदबाज हैं। उनकी निरंतरता और दबाव में विकेट निकालने की क्षमता फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में दिल्ली के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। इसके अलावा दिल्ली की फील्डिंग भी पूरे सीजन मजबूत रही है,जिसने कई मुकाबलों में टीम को अतिरिक्त बढ़त दिलाई है।
आँकड़ें भी इस फाइनल को और रोमांचक बनाते हैं। जिन मुकाबलों में शेफाली वर्मा और लिजेल ली के बीच 50 से ज्यादा रन की साझेदारी हुई है,उन मैचों में दिल्ली कैपिटल्स अब तक अजेय रही है। दूसरी ओर,आरसीबी की डेथ ओवर गेंदबाजी टूर्नामेंट में सबसे किफायती रही है,जिसका इकॉनमी रेट 8.27 है। दिल्ली इस सूची में दूसरे स्थान पर है,जहाँ उसका इकॉनमी रेट 8.37 रहा है। इससे साफ है कि आखिरी ओवरों में गेंदबाजी इस फाइनल का रुख तय कर सकती है।
बीसीए स्टेडियम,कोटांबी की पिच पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को मदद मिलती रही है। यहाँ बड़ा स्कोर बन सकता है,लेकिन साथ ही सटीक गेंदबाजी करने वालों को भी विकेट मिलते हैं। ऐसे में टॉस की भूमिका अहम हो सकती है,हालाँकि दोनों टीमें किसी भी परिस्थिति में खेलने के लिए तैयार नजर आ रही हैं।
डब्ल्यूपीएल 2026 का यह फाइनल हर लिहाज से यादगार होने वाला है। एक तरफ दिल्ली कैपिटल्स है,जो इतिहास रचते हुए पहली बार खिताब जीतने के सपने के साथ उतरेगी,तो दूसरी ओर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर है,जो अपनी जीत की लय बरकरार रखते हुए ट्रॉफी पर कब्जा जमाना चाहेगी। अब देखना यह होगा कि अनुभव और निरंतरता भारी पड़ती है या फिर जुझारूपन और नए इतिहास की भूख इस महाफाइनल का फैसला करेगी।
