मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे (तस्वीर क्रेडिट@jsuryareddy)

आदोशी टनल के पास गैस टैंकर हादसे के बाद हालात सामान्य, 32 घंटे बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक बहाल

मुंबई,5 फरवरी (युआईटीवी)- मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर आदोशी टनल के पास प्रोपाइलीन गैस से भरे टैंकर के पलटने से पैदा हुए आपात हालात आखिरकार पूरी तरह काबू में आ गए हैं। करीब 32 घंटे तक चली मशक्कत के बाद न सिर्फ टैंकर से हो रहे गैस रिसाव को पूरी तरह रोक दिया गया है,बल्कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन को भी हाईवे से हटा लिया गया है। इसके साथ ही मुंबई की ओर जाने वाली ट्रैफिक लेन को खोल दिया गया है और यातायात अब सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। इस घटनाक्रम के बाद हजारों यात्रियों ने राहत की सांस ली है,जिन्हें लंबे समय तक ट्रैफिक जाम और रास्ता बंद होने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।

रायगढ़ हाईवे पुलिस और हाईवे सेफ्टी टीम की ओर से गुरुवार को जारी एक प्रेस नोट में पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस के अनुसार,यह हादसा 3 फरवरी की शाम करीब 5 बजे यशवंतराव चव्हाण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 41/000 के पास,आदोशी टनल के नजदीक हुआ। मुंबई की ओर जा रही लेन में प्रोपाइलीन गैस से भरा एक टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर के पलटते ही उसमें भरी अत्यंत ज्वलनशील प्रोपाइलीन गैस का रिसाव शुरू हो गया,जिससे वहाँ मौजूद यात्रियों और आसपास के इलाके के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बिना देर किए एहतियाती कदम उठाए। किसी भी बड़े हादसे की आशंका को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे के उस हिस्से पर ट्रैफिक को तुरंत बंद कर दिया गया। पुलिस ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने और वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ने का काम शुरू किया। साथ ही,लोगों को समय पर जानकारी मिल सके,इसके लिए मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगातार अपडेट साझा किए जाते रहे। हालाँकि,ट्रैफिक बंद होने के कारण एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया और कई वाहन घंटों तक फंसे रहे।

हादसे की सूचना मिलते ही कई एजेंसियाँ मौके पर पहुँच गईं। हाईवे पुलिस और रायगढ़ जिला पुलिस बल के साथ-साथ फायर ब्रिगेड,राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ),भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल),हेल्प फाउंडेशन और रासायनिक विशेषज्ञों की टीमें तत्काल घटनास्थल पर तैनात कर दी गईं। सभी एजेंसियों ने मिलकर इलाके को सुरक्षित करने,लोगों को दूर रखने और गैस रिसाव को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए। प्रेस नोट में बताया गया कि टैंकर से गैस लीकेज रोकना तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण था,क्योंकि प्रोपाइलीन गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है और जरा सी चूक बड़े विस्फोट का कारण बन सकती थी।

इसके बावजूद, विशेषज्ञों और राहत टीमों ने संयम और सतर्कता के साथ काम किया। लगातार घंटों तक चले प्रयासों के बाद आखिरकार 5 फरवरी 2026 को तड़के करीब 1:30 बजे टैंकर से हो रहे गैस रिसाव को पूरी तरह रोकने में सफलता मिली। इसके बाद टैंकर को विशेष सावधानी बरतते हुए घटनास्थल से हटाकर एक सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया। इस प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया,ताकि किसी भी तरह की जान-माल की हानि न हो।

राहत कार्य पूरा होने के बाद प्रशासन ने एक्सप्रेसवे को चरणबद्ध तरीके से खोलना शुरू किया। सबसे पहले मुंबई की ओर जाने वाली लेन को यातायात के लिए खोल दिया गया,जो करीब 32 घंटे से बंद थी। इसके बाद यशवंतराव चव्हाण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के साथ-साथ पुराना मुंबई-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48) पर भी ट्रैफिक पूरी तरह सुचारू कर दिया गया। ट्रैफिक बहाल होते ही लंबे समय से फँसे यात्रियों ने राहत महसूस की और धीरे-धीरे सड़क पर वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई।

इस हादसे के कारण हजारों यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी। कई लोग घंटों तक जाम में फँसे रहे,जबकि कुछ को वैकल्पिक मार्गों से लंबा चक्कर लगाकर अपनी मंजिल तक पहुँचना पड़ा। विशेष रूप से रात के समय ठंड और अनिश्चितता के बीच फँसे यात्रियों के लिए यह स्थिति बेहद मुश्किल भरी रही। हालाँकि,किसी भी बड़े हादसे या जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आना प्रशासन और राहत एजेंसियों के लिए बड़ी राहत की बात रही।

पुलिस प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही,भविष्य में इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है। आदोशी टनल के पास हुए इस हादसे ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि खतरनाक रसायनों के परिवहन में जरा सी लापरवाही कितनी बड़ी चुनौती खड़ी कर सकती है। फिलहाल हालात सामान्य हैं और एक्सप्रेसवे पर यातायात सुचारू रूप से जारी है,लेकिन इस घटना ने प्रशासन और यात्रियों दोनों के लिए सतर्कता का एक अहम सबक जरूर छोड़ा है।