थाईलैंड की राजकुमारी सिरीवनावरी नरिरतना (तस्वीर क्रेडिट@np_nationpress)

राजस्थान की शाही विरासत से रूबरू होंगी थाईलैंड की राजकुमारी सिरीवनावरी,जयपुर पहुँचने पर भव्य स्वागत

जयपुर,7 फरवरी (युआईटीवी)- थाईलैंड की राजकुमारी सिरीवनावरी नरिरतना राजकन्या शुक्रवार को चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर राजस्थान की राजधानी जयपुर पहुँचीं। उनका यह दौरा 10 फरवरी तक चलेगा,जिसके दौरान वह राज्य के कई प्रमुख ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और विरासत स्थलों का भ्रमण करेंगी। राजकुमारी के आगमन को लेकर जयपुर में खासा उत्साह और कूटनीतिक सतर्कता देखने को मिली। वह विशेष विमान से जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरीं,जहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों की तैनाती के साथ पूरे एयरपोर्ट परिसर को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया था।

कूटनीतिक प्रोटोकॉल के तहत आम लोगों के लिए हवाई अड्डे पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक लगाई गई थी। औपचारिक स्वागत के बाद राजकुमारी सिरीवनावरी काफिले के साथ सीधे रामबाग पैलेस के लिए रवाना हुईं,जहाँ जयपुर प्रवास के दौरान उनका ठहराव रहेगा। ऐतिहासिक रामबाग पैलेस को राजसी मेहमानों के स्वागत के लिए विशेष रूप से सजाया गया है। जयपुर की सड़कों पर उनके काफिले के गुजरने के दौरान लक्जरी वाहनों और सुरक्षा दस्ते का नजारा देखने को मिला,जो इस यात्रा के महत्व को दर्शाता है।

जयपुर प्रवास के दौरान राजकुमारी को राजस्थान की प्रसिद्ध ‘अतिथि देवो भवः’ परंपरा से परिचित कराया जाएगा। उनके कार्यक्रम में आमेर किला,हवा महल,सिटी पैलेस और त्रिपोलिया बाजार का भ्रमण शामिल है। आमेर किले में वह राजपूत वास्तुकला,शौर्य और इतिहास की झलक देखेंगी,जबकि हवा महल की जटिल जालीदार बनावट और सिटी पैलेस की शाही भव्यता उन्हें जयपुर की समृद्ध विरासत से रूबरू कराएगी। त्रिपोलिया बाजार में राजकुमारी को राजस्थान के पारंपरिक हस्तशिल्प,आभूषण, वस्त्र और स्थानीय कला के विविध रंग देखने का अवसर मिलेगा।

अधिकारियों के अनुसार,राजकुमारी के कार्यक्रम इस तरह से तय किए गए हैं कि उन्हें राजस्थान की संस्कृति,परंपरा और जीवनशैली को करीब से समझने का अवसर मिले। पारंपरिक लोक कलाओं,हस्तशिल्प और ऐतिहासिक धरोहरों के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक पहचान को उनके सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं,ताकि भ्रमण सुचारू और गरिमामय तरीके से संपन्न हो सके।

जयपुर के बाद राजकुमारी सिरीवनावरी जोधपुर का दौरा करेंगी। जोधपुर में उनके कार्यक्रम में मेहरानगढ़ किला,उम्मेद भवन पैलेस और जसवंत थड़ा का भ्रमण शामिल है। मेहरानगढ़ किला अपनी विशालता और ऐतिहासिक महत्व के लिए विश्व प्रसिद्ध है,जहाँ से मारवाड़ क्षेत्र के गौरवशाली अतीत की कहानी झलकती है। उम्मेद भवन पैलेस, जो आज भी शाही परिवार का निवास है,अपनी भव्य वास्तुकला और शाही जीवनशैली के लिए जाना जाता है। वहीं जसवंत थड़ा की संगमरमर से बनी संरचना और शांत वातावरण राजस्थानी स्थापत्य कला की एक अलग छवि प्रस्तुत करता है। अधिकारियों का कहना है कि इन स्थलों के भ्रमण के दौरान राजकुमारी को राजस्थान की वास्तुकला विरासत और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

राजकुमारी के दौरे को देखते हुए राज्य प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बुधवार को राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया था। बैठक में सुरक्षा,यातायात प्रबंधन, प्रोटोकॉल और अतिथि सत्कार से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा थाईलैंड के शाही दूतावास के अधिकारियों के साथ भी समन्वय बैठकें आयोजित की गईं,ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक मानकों का पूरा ध्यान रखा जा सके। जयपुर और जोधपुर दोनों शहरों में सुरक्षा व्यवस्था,यातायात नियंत्रण और कार्यक्रम स्थलों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं।

अधिकारियों का मानना है कि यह यात्रा भारत और थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और पर्यटन संबंध पहले से ही मजबूत रहे हैं और इस तरह के उच्चस्तरीय शाही दौरे आपसी समझ और सहयोग को नई दिशा देते हैं।

उल्लेखनीय है कि राजकुमारी सिरीवनावरी नरिरतना राजकन्या केवल शाही परिवार की सदस्य ही नहीं हैं,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतिष्ठित फैशन डिज़ाइनर के रूप में भी पहचान रखती हैं। उनका खुद का लक्ज़री फैशन ब्रांड है,जो कई देशों में लोकप्रिय है और आधुनिक डिज़ाइन के साथ पारंपरिक तत्वों का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करता है। फैशन के अलावा वह रॉयल थाई आर्मी में मेजर के पद पर कार्यरत हैं और एक कुशल घुड़सवार भी हैं। खेल,कला और संस्कृति में उनकी गहरी रुचि रही है,जिसके चलते राजस्थान जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य का यह दौरा उनके लिए विशेष महत्व रखता है।

राजकुमारी सिरीवनावरी का राजस्थान दौरा न केवल शाही आतिथ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक है,बल्कि यह भारत–थाईलैंड संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।