सूरजकुंड मेले में हादसा (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

सूरजकुंड मेले हादसे में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज,झूला कंपनी का मालिक गिरफ्तार,शहीद इंस्पेक्टर के परिवार को 1 करोड़ की मदद

फरीदाबाद/चंडीगढ़,9 फरवरी (युआईटीवी)- हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड मेले में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। हरियाणा पुलिस ने रविवार को इस मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करते हुए झूला चलाने वाली कंपनी के मालिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस हादसे में बचाव कार्य के दौरान अपनी जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के परिवार के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार की ओर से इंस्पेक्टर के परिवार के एक योग्य सदस्य को सहानुभूति के आधार पर नौकरी देने की भी घोषणा की है।

यह हादसा शनिवार शाम उस समय हुआ,जब फरीदाबाद के प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय मेले में एक बड़ा “सुनामी झूला” अचानक गिर गया। झूला गिरते ही मेले में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोग चीख-पुकार करने लगे और कई लोग घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँचीं और तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे थे,तभी उनकी जान चली गई। इस हादसे में कुल 12 लोग घायल हुए,जिनमें से कई को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने एक बयान में कहा कि उन्होंने खुद अस्पताल जाकर घायलों के इलाज की स्थिति का जायजा लिया है। सैनी के मुताबिक,अब तक अस्पताल में भर्ती आठ घायलों में से चार को डिस्चार्ज कर दिया गया है,जबकि बाकी चार को बीके सिविल हॉस्पिटल में इलाज के बाद जल्द ही छुट्टी दे दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों,इसके लिए तुरंत और ठोस कदम उठाए जाएँ।

पुलिस ने इस मामले में हिमाचल फन केयर कंपनी के मालिक मोहम्मद शाकिर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मोहम्मद शाकिर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के टोका नांगला गाँव का रहने वाला है और वही सूरजकुंड मेले में झूले लगाने और उनके संचालन का जिम्मेदार था। पुलिस ने बताया कि शाकिर के साथ-साथ एक अन्य आरोपी नितेश को भी गिरफ्तार किया गया है,जो उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के धर्मपुरी का निवासी है। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही बरती गई थी,जिसके चलते यह हादसा हुआ।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार,इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के निर्देश पर एक विशेष जाँच टीम का गठन किया गया है। यह तीन सदस्यीय एसआईटी डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) की निगरानी में काम करेगी। टीम में सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम II),क्राइम ब्रांच (एनआईटी) के इंचार्ज और सूरजकुंड पुलिस स्टेशन में तैनात सब-इंस्पेक्टर संजय को शामिल किया गया है। एसआईटी का काम न केवल इस हादसे के कारणों की गहराई से जाँच करना होगा,बल्कि यह भी पता लगाना होगा कि सुरक्षा में चूक के लिए और कौन-कौन जिम्मेदार है।

रविवार को मेले के मैनेजमेंट ने एहतियातन सभी झूलों को बंद कर दिया। मेले के अधिकारियों ने बताया कि पूरे मेला परिसर में लगे झूलों की दोबारा सेफ्टी जाँच की जा रही है,ताकि किसी भी तरह का खतरा टाला जा सके। हालाँकि,मेले के अन्य हिस्से,जहाँ स्टॉल और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं,उन्हें दर्शकों के लिए खुला रखा गया है। सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।

इससे पहले रविवार को हरियाणा सरकार में मंत्री राजेश नागर भी सूरजकुंड मेला ग्राउंड पहुँचे और उस जगह का निरीक्षण किया,जहाँ यह हादसा हुआ था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में अगर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया गया,चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो,उसे कानून के तहत सख्त सजा दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि लोगों की जान की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि मेले जैसे सार्वजनिक आयोजनों में हर पहलू पर पूरी सतर्कता बरती जाए।

इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत से पुलिस विभाग और पूरे राज्य में शोक की लहर है। उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाना जाता था,जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाने की कोशिश की। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित आर्थिक सहायता और नौकरी का फैसला उनके परिवार के लिए राहत जरूर है,लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों और उनकी सख्ती से पालन की जरूरत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पुलिस की जाँच जारी है और एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि झूला गिरने की असल वजह क्या थी और किन स्तरों पर लापरवाही हुई। प्रशासन का कहना है कि जाँच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी,ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।