केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल एनएसए अजीत डोवाल और कनाडा के प्रधानमंत्री की उप सचिव और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया सलाहकार नताली जी. ड्रौइन (तस्वीर क्रेडिट@manamuntu)

भारत–कनाडा संबंधों में नई सुरक्षा पहल: अजीत डोवाल की ओटावा यात्रा से द्विपक्षीय सहयोग को मिली नई गति

ओटावा,9 फरवरी (युआईटीवी)- भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ समय से चले आ रहे राजनीतिक और कूटनीतिक तनावों के बावजूद दोनों देश सुरक्षा सहयोग के क्षेत्र में रिश्तों को दोबारा मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। इसी क्रम में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल ने इस सप्ताह कनाडा की राजधानी ओटावा का दौरा किया,जहाँ उन्होंने कनाडा के शीर्ष सुरक्षा और खुफिया अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की। इन बैठकों को दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देने वाला अहम कदम माना जा रहा है।

शनिवार को अजीत डोवाल ने कनाडा के प्रधानमंत्री की उप सचिव और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया सलाहकार नताली जी. ड्रौइन से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार,यह बैठक भारत और कनाडा के बीच नियमित द्विपक्षीय सुरक्षा संवाद का हिस्सा थी। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने देशों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चल रही पहलों की विस्तार से समीक्षा की और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।

इस उच्च स्तरीय बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक साझा कार्य योजना पर सहमति बनी। अधिकारियों के अनुसार,इस कार्य योजना का उद्देश्य साझा प्राथमिकताओं पर अधिक व्यावहारिक और ठोस संयुक्त प्रयासों को बढ़ावा देना है,ताकि सीमा पार खतरों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। यह सहमति ऐसे समय में आई है,जब दोनों देशों के बीच राजनीतिक स्तर पर संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं,लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के बीच संवाद बनाए रखने की जरूरत पर दोनों ही पक्ष सहमत नजर आए।

चर्चाओं का एक महत्वपूर्ण परिणाम दोनों देशों में सुरक्षा और कानून प्रवर्तन संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर बनी सहमति रही। इस कदम का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संचार चैनलों को और अधिक मजबूत बनाना है,ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी और प्रभावशीलता के साथ हो सके। खासतौर पर नशीली दवाओं की अवैध तस्करी,फेंटानिल जैसे खतरनाक ड्रग्स के प्रीकर्सर रसायनों की आपूर्ति और अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क की गतिविधियों पर करीबी निगरानी और सहयोग को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों के अनुसार,भारत और कनाडा दोनों ही देशों के लिए फेंटानिल और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। इस संदर्भ में दोनों पक्षों ने माना कि संगठित अपराध नेटवर्क वैश्विक स्तर पर तेजी से फैल रहे हैं और इनसे निपटने के लिए देशों के बीच मजबूत खुफिया सहयोग और त्वरित सूचना साझा करना बेहद जरूरी है। संपर्क अधिकारियों की नियुक्ति से जमीनी स्तर पर तालमेल बेहतर होने और वास्तविक समय में कार्रवाई संभव होने की उम्मीद जताई जा रही है।

इसके अलावा,अजीत डोवाल और नताली ड्रौइन के बीच साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को औपचारिक रूप देने पर भी सहमति बनी। इसमें साइबर खतरों से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान, नीतिगत समन्वय और डिजिटल अवसंरचना की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं। तेजी से बढ़ते साइबर अपराध,डेटा चोरी और डिजिटल हमलों के दौर में दोनों देशों ने माना कि साइबर सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुकी है और इस क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना समय की मांग है।

बैठक में धोखाधड़ी की रोकथाम और आव्रजन प्रवर्तन से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी संयुक्त कार्रवाई में प्रत्येक देश के घरेलू कानूनों और अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पूरा सम्मान किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार,आव्रजन से जुड़े फर्जीवाड़े,मानव तस्करी और दस्तावेज़ों की धोखाधड़ी जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने से न केवल कानून व्यवस्था मजबूत होगी,बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

अजीत डोवाल की यह यात्रा दो दिवसीय थी,जिसके तहत उन्होंने शुक्रवार को कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री से भी मुलाकात की। इस बैठक में भी सीमा पार अपराध,नशीली दवाओं की तस्करी और संगठित अपराध से निपटने के लिए ठोस उपायों पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक,इन वार्ताओं में दोनों पक्षों ने यह स्वीकार किया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सुरक्षा सहयोग को अलग रखते हुए आगे बढ़ाना दोनों देशों के हित में है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डोवाल की ओटावा यात्रा भारत–कनाडा संबंधों में एक सकारात्मक संकेत है। हाल के महीनों में दोनों देशों के रिश्तों में आए तनाव के बावजूद यह स्पष्ट हुआ है कि सुरक्षा और कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में सहयोग को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। इन मुलाकातों को दोनों देशों में सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विश्वास बहाली और प्रभावी सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

अजीत डोवाल की यह यात्रा इस बात का संकेत देती है कि भारत और कनाडा व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने को तैयार हैं। आने वाले समय में इस साझा कार्य योजना और संपर्क तंत्र के जरिए दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग और अधिक मजबूत होने की उम्मीद की जा रही है।