अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) (तस्वीर क्रेडिट@Indianinfoguide)

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को जापानी बैंकों से बड़ी फंडिंग, 6,000 मेगावाट ग्रीन एनर्जी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार

अहमदाबाद,9 फरवरी (युआईटीवी)- भारत की ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को गति देने की दिशा में अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने एक और अहम उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने सोमवार को जानकारी दी कि उसने अपने मेगा हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए जापान के प्रमुख बैंकों के एक कंसोर्टियम से दीर्घकालिक फंडिंग सुरक्षित कर ली है। यह प्रोजेक्ट न केवल भारत के पावर ट्रांसमिशन सेक्टर के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है,बल्कि इससे उत्तर भारत में रिन्यूएबल एनर्जी की सप्लाई को भी मजबूत आधार मिलेगा।

यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 6,000 मेगावाट क्षमता की ग्रीन एनर्जी ट्रांसमिशन लाइन तैयार करेगा,जो राजस्थान के भादला से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर तक फैली होगी। करीब 950 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर देश के सबसे बड़े स्वच्छ ऊर्जा ट्रांसमिशन मार्गों में से एक होगा। कंपनी के मुताबिक,यह लाइन इतनी क्षमता रखेगी कि इससे लगभग 6 करोड़ घरों की बिजली जरूरतें पूरी की जा सकें। इसे 2029 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने बताया कि यह परियोजना राजस्थान के उन इलाकों से, जहाँ सोलर एनर्जी की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं,बिजली को राष्ट्रीय ग्रिड तक पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। भादला सोलर पार्क पहले से ही देश और दुनिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा केंद्रों में गिना जाता है। वहाँ से उत्पादित स्वच्छ बिजली को लंबी दूरी तक कम नुकसान के साथ ट्रांसमिट करने के लिए एचवीडीसी तकनीक को सबसे प्रभावी माना जाता है। इसी वजह से इस प्रोजेक्ट में आधुनिक एचवीडीसी सिस्टम को अपनाया जा रहा है।

एईएसएल के सीईओ कंदर्प पटेल ने इस फंडिंग को भारत की ग्रीन ट्रांसमिशन व्यवस्था के लिए बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट न केवल देश की बिजली ट्रांसमिशन क्षमता को मजबूत करेगा,बल्कि भारत की स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेज़ी से बढ़ती यात्रा में भी अहम योगदान देगा। कंदर्प पटेल के अनुसार,जापान के बैंकों और हिताची जैसे वैश्विक तकनीकी साझेदारों का समर्थन इस बात का प्रमाण है कि भारत-जापान के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी लगातार गहरी हो रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि एईएसएल का फोकस एक ऐसी मजबूत और भविष्य के लिए तैयार बिजली ट्रांसमिशन प्रणाली विकसित करने पर है,जो आने वाले दशकों में भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सके। देश में रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है और इसे उपभोक्ता केंद्रों तक पहुँचाने के लिए आधुनिक और भरोसेमंद ट्रांसमिशन नेटवर्क की आवश्यकता है। यह एचवीडीसी प्रोजेक्ट उसी दिशा में एक ठोस कदम है।

यह परियोजना अदाणी ग्रुप के व्यापक क्लीन एनर्जी प्लेटफॉर्म का हिस्सा है। राजस्थान अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) के लिए एक प्रमुख बिजली उत्पादन केंद्र के रूप में उभर चुका है,जहाँ से उत्पादित सौर और पवन ऊर्जा देश के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई की जाती है। इस स्वच्छ ऊर्जा का एक हिस्सा एईएसएल की सहयोगी कंपनी अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड (एईएमएल) को भी जाता है। एईएमएल फिलहाल अपनी कुल बिजली सप्लाई में 40 प्रतिशत से अधिक रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग कर रही है,जिससे मुंबई उन चुनिंदा वैश्विक महानगरों में शामिल हो गया है,जहाँ टिकाऊ ऊर्जा का व्यापक इस्तेमाल हो रहा है।

इस एचवीडीसी प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग जापान के प्रतिष्ठित वित्तीय संस्थानों एमयूएफजी बैंक लिमिटेड और सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (एसएमबीसी) द्वारा प्रदान की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश भारत की रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं पर अंतर्राष्ट्रीय भरोसे को दर्शाता है। खासतौर पर ऐसे समय में,जब वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन न्यूट्रैलिटी पर जोर बढ़ रहा है,भारत में बड़े पैमाने पर हो रहे निवेश देश की ऊर्जा नीति की विश्वसनीयता को रेखांकित करते हैं।

तकनीकी मोर्चे पर भी यह प्रोजेक्ट खासा महत्वपूर्ण है। इसमें जापानी कंपनी हिताची की उन्नत एचवीडीसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा,जिसे भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बीएचईएल के साथ मिलकर लागू किया जाएगा। इससे न केवल ट्रांसमिशन सिस्टम की विश्वसनीयता और दक्षता बढ़ेगी,बल्कि भारत के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी। ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत इस तरह के हाई-एंड पावर इक्विपमेंट का स्थानीय स्तर पर निर्माण देश के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

भारत-जापान के बीच बढ़ते वित्तीय और औद्योगिक सहयोग की एक और झलक एईएसएल को हाल ही में मिली क्रेडिट रेटिंग में भी देखने को मिली है। जापान की प्रमुख रेटिंग एजेंसी जेसीआर ने एईएसएल को बीबीबी+ (स्टेबल) की क्रेडिट रेटिंग दी है,जो भारत की सॉवरेन रेटिंग के अनुरूप है। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उसकी साख को मजबूती मिली है।

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का यह एचवीडीसी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट भारत की ग्रीन एनर्जी महत्वाकांक्षाओं को जमीन पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। जापानी बैंकों की फंडिंग,अत्याधुनिक तकनीक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ यह परियोजना आने वाले वर्षों में देश के ऊर्जा परिदृश्य को नया आकार देने की क्षमता रखती है।