इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग (तस्वीर क्रेडिट@Isaac_Herzog)

यहूदी समुदाय के समर्थन में ऑस्ट्रेलिया पहुँचे इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग,फिलिस्तीन नीति को लेकर यात्रा पर गहराया विवाद

सिडनी,9 फरवरी (युआईटीवी)- इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग सोमवार सुबह चार दिवसीय दौरे पर ऑस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी पहुँचे। उनका यह दौरा पिछले साल दिसंबर में सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुए भीषण आतंकी हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया में रह रहे यहूदी समुदाय के प्रति समर्थन और एकजुटता दिखाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। हालाँकि,फिलिस्तीनियों को लेकर इजरायल की नीतियों और गाजा में जारी संघर्ष की पृष्ठभूमि में यह यात्रा विवादों में भी घिर गई है और इसके विरोध में कई शहरों में प्रदर्शन की तैयारी की गई है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (एबीसी) के हवाले से बताया कि सिडनी पहुँचने के बाद राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने एक बयान जारी कर कहा कि उनका उद्देश्य पूरे ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदायों से मिलना और बॉन्डी बीच हमले के बाद उनके साथ एकजुटता व्यक्त करना है। उन्होंने कहा कि यह दौरा “समुदाय को ताकत देने और यह दिखाने के लिए है कि वे अकेले नहीं हैं।” हर्ज़ोग ने यह भी कहा कि आतंक और यहूदी विरोधी हिंसा के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

यह दौरा ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर-जनरल और प्रधानमंत्री के आधिकारिक निमंत्रण पर हो रहा है। कार्यक्रम के तहत राष्ट्रपति हर्ज़ोग ऑस्ट्रेलियाई यहूदी समुदाय के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे और बड़े सामुदायिक आयोजनों में भाग लेंगे। इसके अलावा,उनकी ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकों की भी संभावना है,जिनमें सुरक्षा,आतंकवाद विरोधी सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय हालात जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

हालाँकि,हर्ज़ोग की इस यात्रा को लेकर ऑस्ट्रेलिया में विरोध के स्वर भी तेज हैं। फिलिस्तीनियों के प्रति इजरायल की नीतियों और हालिया सैन्य कार्रवाइयों के विरोध में कई नागरिक समूहों,मानवाधिकार संगठनों और आम लोगों ने इस दौरे का विरोध किया है। खास बात यह है कि एक हजार से अधिक ऑस्ट्रेलियाई यहूदियों ने भी एक खुला पत्र जारी कर राष्ट्रपति हर्ज़ोग के दौरे पर आपत्ति जताई है। इस पत्र में कहा गया है कि फिलिस्तीन में इजरायल की नीतियों के चलते हर्ज़ोग का ऑस्ट्रेलिया में स्वागत नहीं किया जाना चाहिए।

हर्ज़ोग की यात्रा के दौरान जिन शहरों में उनका कार्यक्रम प्रस्तावित है,वहाँ विरोध प्रदर्शनों की योजना बनाई गई है। इनमें राजधानी कैनबरा और प्रमुख शहर मेलबर्न शामिल हैं। सिडनी में सोमवार शाम को शहर के केंद्र में एक बड़ी रैली और मार्च निकाले जाने की तैयारी है,जिसमें बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे फिलिस्तीनियों के अधिकारों और गाजा में हो रही हिंसा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

संभावित विरोध और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। न्यू साउथ वेल्स राज्य में हर्ज़ोग की यात्रा के दौरान 3,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें से करीब 500 पुलिसकर्मी विशेष रूप से प्रस्तावित प्रदर्शनों और रैलियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए लगाए गए हैं। सिडनी शहर के कई इलाकों में यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति हर्ज़ोग का यह दौरा उस आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में हो रहा है,जिसने पूरे ऑस्ट्रेलिया को झकझोर दिया था। 14 दिसंबर को सिडनी के बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार के जश्न के दौरान सामूहिक गोलीबारी की घटना हुई थी,जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इस हमले को आतंकी कार्रवाई करार दिया था और कहा था कि हमलावर इस्लामिक स्टेट की चरमपंथी विचारधारा से प्रेरित था। इस घटना के बाद देशभर में यहूदी समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार का कहना है कि राष्ट्रपति हर्ज़ोग की यात्रा का उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाना और यहूदी समुदाय के साथ खड़े होने का संदेश देना है। वहीं,विरोध करने वाले समूहों का तर्क है कि इस दौरे के जरिए इजरायल की नीतियों को वैधता देने की कोशिश की जा रही है,जिसे वे स्वीकार नहीं कर सकते।

इस तरह,इसाक हर्ज़ोग का ऑस्ट्रेलिया दौरा एक ओर जहाँ आतंक के खिलाफ एकजुटता और यहूदी समुदाय के समर्थन का प्रतीक बन रहा है,वहीं दूसरी ओर यह फिलिस्तीन मुद्दे को लेकर वैश्विक मतभेदों और असहमतियों को भी उजागर कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह दौरा किस तरह के राजनीतिक और सामाजिक संदेश छोड़कर जाता है।